@ShreepalSi47369@Swaroopsinghkh5 मैंने रवसा का कुछ बोला हैं? कमेंट करनें से पहले तरीके से पढ़ लिया करों कि लिखा क्या हैं!
निर्दलीय चुनाव लड़कर 6 लाख वोट लाकर पार्टियों और नेताओं को औकात दिखाना अपनें आप में र��कॉर्ड हैं,हम रवसा के बारे में ग़लत कहां बोल रहे हैं!
@jivraj_bhelani@JATbera1@RavindraBhati__ यह तो सत्य हैं हीं कि इन्होंने कईयों के समीकरण बनाएं एवं बिगाड़े हैं!
रहीं बात गहलोत-वसुंधरा की तों अब ये कौनसे उनके साथ हैं?
गठबंधन इनके आलाकमान से हुआ, राजस्थान लेवल पर बात नहीं कि जिसका ही तो दर्द हैं डोटासरा वगैरह को कि हमारी गुलामी नहीं की!
@jivraj_bhelani@JATbera1@RavindraBhati__ हां,आपकी बात सही हैं अगर गठबंधन नहीं करतें तों भलें ही सांसद नहीं बन पाते लेकिन लोग इनके साथ जिस उम्मीद से जुड़े थें सबकी कदर करतें हुए,साथ लेकर थोङा भाषा पर संयम रखतें हुए MLA रहकर ही राजस्थान में मजबूत विपक्ष के तौर पर संघर्ष करते तों आज परिणाम और RLP की स्थिति अलग होती!
@jivraj_bhelani@JATbera1@RavindraBhati__ तुम्हारे वालों की तरह थूक कर चाटते नहीं हैं इसलिए 3 से 0 हुआ!
हां थोङा बोली ठीक नहीं हैं उनकी और ना मैं उनका समर्थक!
बाकि अहंकार और स्वाभिमान में फर्क समझने के लिए थोङी पढ़ाई करों और किसी एक के अंधभक्त ना बनकर थोङा बाहर की दुनिया भी देखो भा��ा!
एक ही आदमी सही हैं ऐसा नहीं हो सकता