जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों को पहले प्रेमानंद महाराज से दिक्कत थी, अब विराट कोहली को सनातन कह कर निशाना बनाया जा रहा है।
अब भी किसी को लेफ्ट का एंटी हिंदू एजेंडा समझ न आए तो क्या ही कहा जाए।
रियलिटी चेक
एक आदमी ने DMART की हल्दी और लाल मिर्च पाउडर को लैब में टेस्ट करवाया, जिस पर ₹20,000 का खर्च आया।
टेस्ट के बाद जो नतीजे आए, उन्हें देखकर आप हैरान रह जाएँगे:
1) एरोबिक प्लेट काउंट (हल्दी में इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया)
लिमिट~ 1,000,000 CFU/g
असल~ 1,100,000 CFU/g
अंतर~ 1.1x
2) एंटरोबैक्टीरियासी काउंट (हल्दी में इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया)
लिमिट~ 100 CFU/g
असल~ 1500 CFU/g
अंतर~ 15x
3) एंटरोबैक्टीरियासी (लाल मिर्च पाउडर में इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया)
लिमिट~ 100 CFU/g
असल~ 500 CFU/g
अंतर~ 5x
यानी, FSSAI के तय मानकों के हिसाब से यह टेस्ट में फेल हो गया।
ज़रा सोचिए, DMART ब्रांड की हल्दी + मिर्च पाउडर के करीब 43,000 पैकेट रोज़ाना बिक रहे हैं।
लेकिन DMART की तरफ से:
• कोई सफाई नहीं
• कोई स्पष्टीकरण नहीं
• कोई एक्शन प्लान नहीं
यह है भारत की सबसे बड़ी रिटेलर स्टोर चेन का हाल
Generally people can’t believe that the actors whom they have incited violence against them just to please a political party leaders.
FIR against Bengal actors @swastika24 and @ParambrataChat1 is very welcome
Planned parliament disturbances, conspired furore by women congress MPs in parliament well, now AI summit maelstrom by congress activists, has @INCIndia lost its brain!
The lyrics of this video hits hard.
Take good care of your parents while they are still alive, so that your days may be long on this earth that the Lord your God has given you.
As @sama became so uncomfortable by just hand raising done by indian PM as a jubilant gesture and mocked our culture, I request our honourable PM to ban @ChatGPTapp in India
I was traveling yesterday on the Dibrugarh Rajdhani.
The food service can learn a lot from the vendor of Train No. 22435, despite having a kitchen onboard the train.
The vendors seemed interested only in selling rabri and petha.
@AshwiniVaishnaw
Traveling in VB (22435) Knp-Del.
Would like to share a WoW food experience, which is quite rare these days on trains.
Not only was food delicious, but it was also nicely presented.
Chapatis were very soft & fresh, & packaging was neat & impressive.
@RailwaySeva@RailMinIndia
Traveling in VB (22435) Knp-Del.
Would like to share a WoW food experience, which is quite rare these days on trains.
Not only was food delicious, but it was also nicely presented.
Chapatis were very soft & fresh, & packaging was neat & impressive.
@RailwaySeva@RailMinIndia
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने आर्यन खान वाले मामले में इनकम टैक्स के अतिरिक्त कमिश्नर समीर वानखेड़े के खिलाफ़ चल रही कार्रवाई को दुर्भावना से प्रेरित और ग़ैरक़ानूनी बताते हुए रद्द कर दिया
तो समीर सही थे, उनको फँसाया गया था, बॉलीवुड की ताक़त का एक और उदाहरण
यह कहानी है एक जर्मन महिला की नाम था एमिली शेंकल (Emilie Schenkl)। पता नहीं आप में से कितनों ने ये नाम सुना है और अगर नहीं सुना है तो आप दोषी नहीं, इस नाम को इतिहास से खुरच कर निकाल फेंका गया है।
श्रीमती एमिली शेंकल ने 1937 में भारत मां के सबसे लाडले बेटे से विवाह किया और एक ऐसे देश को ससुराल के रूप में चुना जिसने कभी इस बहू का स्वागत नहीं किया। न बहू के आगमन में किसी ने मंगल गीत गाये और न उसकी बेटी के जन्म पर कोई सोहर गायी गयी। कभी कहीं जनमानस में चर्चा तक नहीं हुई के वो कैसे जीवन गुज़ार रही है।
सात साल के कुल वैवाहिक जीवन में सिर्फ 3 साल ही उन्हें अपने पति के साथ रहने का अवसर मिला फिर उन्हें और नन्हीं सी बेटी को छोड़ पति देश के लिए लड़ने चला आया इस वादे के साथ, कि पहले देश को आज़ाद करा लूं फिर तो सारा जीवन तुम्हारे साथ वहां बिताना ही है।
पर ऐसा हुआ नहीं और 1945 में एक कथित विमान दुर्घटना में वो लापता हो गए...!
उस समय एमिली शेंकल बेहद युवा थीं चाहतीं तो यूरोपीय संस्कृति के हिसाब से दूसरा विवाह कर सकतीं थीं, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया और सारा जीवन बेहद कड़ा संघर्ष करते हुए बिताया।
एक तारघर की मामूली क्लर्क की नौकरी और बेहद कम वेतन के साथ वो अपनी बेटी को पालतीं रहीं न किसी से शिकायत की न कुछ मांगा।
भारत भी तब तक आज़ाद हो चुका था और वे चाहती थीं कम से कम एक बार उस देश में आएं जिसकी आजादी के लिए उनके पति ने जीवन दिया।
भारत का एक अन्य राजनीतिक परिवार इतना भयभीत था इस एक महिला से, कि जिसे सम्मान सहित यहां बुला देश की नागरिकता देनी चाहिए थी, उसे कभी भारत का वीज़ा तक नहीं दिया गया।
आखिरकार बेहद कठिनाइयों भरा, और किसी भी तरह की चकाचौंध से दूर रह बेहद साधारण जीवन गुज़ार श्रीमती एमिली शेंकल ने मार्च 1996 में गुमनामी में ही जीवन त्याग दिया।
श्रीमती एमिली शेंकल का पूरा नाम था "श्रीमती एमिली शेंकल बोस" जो इस देश के सबसे लोकप्रिय जननेता नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की धर्मपत्नी थीं और जिन्हें गांधी खानदान ने कभी भारत की भूमि पर पैर नहीं रखने दिया।
देश के गद्दारों का खानदान जानता था ये देश इस विदेशी बहू को सर आंखों पर बिठा लेगा। उन्हें एमिली बोस का इस देश में पैर रखना अपनी सत्ता के लिए चुनौती लगा और शायद था भी।
However, the presence of even one anti-national actor may affect a movie’s performance, as it can sometimes deter patriotic citizens from watching it.
#border2#Border2Trailer