We are with you Sir🙏🏿🙏🏿
What are Sonam Wangchuk’s Global Awards and Recognitions?
1. Ramon Magsaysay Award in 2018.
2. Social Entrepreneur of the Year at The GQ India Men of the Year in 2017.
3. The Rolex Award for Enterprise in 2016 for Ice Stupa.
4. The Terra Award in 2016 for World’s Best Earth Buildings .
5. The UNESCO Chair for Earth Architecture for India in 2014.
6. Real Heroes’ Award of CNN IBN Channel in 2008.
7. ‘Green Teacher’ Award of Sanctuary Asia Magazine in 2005.
8. Ashoka Fellowship by Ashoka University: Innovators for the Public in 2002.
9. Man of the Year by The Week magazine in India in 2001.
10. Governor's Medal by the J&K State Government in 1996.
#SonamWangchuk #CJP
I am very happy and honoured to stand in front of you in Kota.
I want to make it clear: this is not a political meeting. This is about you, about your future. This evening is about you, what you are facing, and the challenges you deal with every single day.
: LoP Shri @RahulGandhi
📍 Kota, Rajasthan
#ChhatronKiGoonj
रोज़गार मांगने पर मिलती है लाठी,
अधिकार की जगह मिलता है अत्याचार।
बिहार के युवा अबकी बार इस गुNDA सरकार को उसकी असली जगह दिखाएंगे - उल्टी गिनती चालू हो गई है।
सोचिए, 19 साल, ना कोई जुर्म, ना कोई सबूत, फिर भी 12 मासूम मुसलमानों को जेल की काल कोठरी में कैद कर दिया गया. उन पर थोप दिए गए झूठे आतंकवाद के इल्ज़ाम. उन्हें शारिरिक, मानसिक तौर पे बरसों टॉर्चर किया गया सिर्फ़ इसलिए क्योंकि सिस्टम को लगा कि ब्लास्ट हुआ तो मुसलमान ने ही किया होगा: मौलाना आमिर रशादी
@RUConline #MumbaiTrainBlast #India
मस्जिदों की मीनारें गिर रही हैं, मदरसों की दीवारें टूटी पड़ी हैं, और हमारे घरों पर नफ़रती बुलडोज़र दौड़ रहा है… लेकिन हम ख़ामोश हैं?
क्या हम उस उम्मत से हैं जो जुल्म देखकर भी चुप बैठ जाए?
ये सिर्फ़ एक कैंपेन नहीं, ये मज़हबी फ़र्ज़ है।
हर ट्वीट, हर पोस्ट एक इबादत है जब वो मज़लूम की आवाज़ बने।
👉🏽 #NafratiBulldozer को ट्रेंड बनाना सिर्फ सोशल मीडिया का काम नहीं — ये हमारी मिल्लत की हिफ़ाज़त की पहली सीढ़ी है।
⏰ आज रात 8 बजे IST — सब शामिल हों, अपनी आवाज़ बुलंद करें।
🌙 जिन्हें क़लमा पढ़ना आता है, उन्हें ज़ालिम के सामने खड़ा होना भी आना चाहिए।
लोकेशन : चंदोला झील, अहमदाबाद,गुजरात
अहमदाबाद के मुसलमानों ने फिलिस्तीन के सबसे बड़े पलायन "नकबा" जैसा नजारा देखा!
आज अहमदाबाद की चंदोला झील में देश का सबसे बड़ा "बुलडोजर कांड" हो रहा है। सालों से सूखी पड़ी झील में बसे मुसलमानों के 7000 घर आज गिराए जा रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि चंदोला इलाका बांग्लादेशियों का अड्डा बन गया था! जबकि हकीकत यह है कि आज तोड़े जा रहे सभी 7000 घर भारतीयों के हैं, उनमें से कोई भी बांग्लादेशी नहीं है। एएमसी 15 दिन पहले ही बांग्लादेशियों के घर गिरा चुकी है।
@IMSahalQureshi
बेहद दर्दनाक ।
यह छोटी लड़की 5 साल की थी वह अपने परिवार के लिए पानी लेने गई थी लेकिन इस्राएल ने उसे अपने छोटे से तंबू में लौटने नहीं दिया और उसे मार डाला ।
14000 बच्चे
ये खबर पढ़ कर आपके होश उड़ जाएँगे , अब लगता है दुनिया को इस पर बोलना चाहिए
UN के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने बताया कि अगर समय रहते सहायता नहीं पहुंची तो गाजा में अगले 48 घंटों में 14,000 बच्चे अपनी जान खो देंगे
उम्मीद है दुनिया के बड़े और ताकतवर मुल्क इस मामले में जल्द कुछ बोलेंगे और कुछ हो 😢
फाइल तस्वीरे
महाराष्ट्र में मुसलमान होने की वजह से छात्र को स्कूल में प्रवेश न देने के मामले में प्रशासन ने स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
नागपुर में मीर सुमन मसंद नाम की महिला 8 मई को दयानंद आर्य कन्या स्कूल में अपनी बेटी का छठी कक्षा में प्रवेश कराने गई थीं। जब उन्होंने स्कूल प्रशासन से सीटों की उपलब्धता के बारे में पूछा, तो शिक्षिका अनीता आर्य ने कहा कि कोई सीट खाली नहीं है। लेकिन जब सुमन ने इस संबंध में और जानकारी प्राप्त की, तो उन्हें पता चला कि स्कूल के सचिव राजेश लालवानी और प्रिंसिपल सिमरन ज्ञानचंदानी ने मौखिक रूप से यह कहा था कि मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
Location:धारी, अमरेली-गुजरात
सुबह 5 बजे मदरसे पर चला दिया गया बुलडोज़र। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की ऐसी कि तैसी!
मौलाना मुहम्मद फ़ज़ल अब्दुल अज़ीज़ शैख़ को गुजरात पुलिस ने शक की बीना पर हिरासत में लिया और रिहा भी कर दिया। मौलाना का क़ुसूर यह था की वह सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ग्रुप्स के मेंबर थे जिन ग्रुपों में कुछ पाकिस्तानी और अफ़ग़ानिस्तानी नागरिक भी मौजूद थे! बहरहाल कुछ भी हाथ ना लगाने पर मौलना को तो रिहा कर दिया गया लेकिन मौलाना जिस मदरसे में पढ़ाते थे उस मदरसे को ग़ैर क़ानूनी बताकर सुबह 5 बजे तोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह ज़मीन सरकार ने जिसे दे दी थी उसने यह ज़मीन मदरसे को वक़्फ़ कर दी थी और 30 साल से यहाँ पर मदरसा था।
रही बात अवैध अतिक्रमण की, तो लोगों का कहना है की इसी इलाक़े में मदरसे के आस पास 300 हिंदू परिवार अतिक्रमण कर के रह रहे हैं, उनके पास मकान के कोई काग़ज़ात नहीं है। तो फिर कार्रवाई सिर्फ़ मदरसे पर ही क्यों?
हमारे पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ का अपमान करने वाली इस हरामजादी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कोलकाता की रहने वाली है
@KolkataPolice पुलिस कृपया मामले को गंभीरता से लें और उचित कार्रवाई करें...