मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर नमाज़ पढ़ी गई थी”
अब सुनिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर कब नमाज़ हुई सिद्ध करो वरना गद्दी छोड़ो. झूठ बोलते हो”
ज़्यादा whatsapp पढ़ना उल्टा पड़ गया लगता है
Why Are Police Name Tags Missing?
बैच हटाकर, नाम छुपाकर अगर पुलिस कार्रवाई करती है, तो इस बात का शक होता है कि वो पुलिस है भी या नहीं है। मुझे यही डर है कि इस प्रोटेस्ट में कहीं पुलिस की वर्दी पहनकर कुछ ऐसे गुंडे न घुस जाएं, जो छात्रों के साथ कुछ ऐसा कर दें जिसकी उम्मीद हमने की ही नहीं है। यह आखिरी मौका है देश के एजुकेशन सिस्टम की लड़ाई को लड़ने का और उसे बचाने का। ऐसे में हमें इन सब चीज़ों से सावधान भी रहना है और आने वाले खतरों के लिए तैयार भी रहना है।
रूबिका लियाकत को 18 साल की इस बच्ची की नसीहत.
जंतर- मंतर पर आज मुझे सरदार पटेल से बारहवीं पास कर चुकी रिया मिली. रिया की बात सुनकर मेरा मन किया कि उस बच्ची को मैं सैल्यूट करूं.
रिया और उसकी दोस्त से मैंने लंबी बातचीत की है .
पूरी बात मेरे यूट्यूब चैनल पर
सोनम वांगचुक तो बच गए क्योंकि उसको दुनिया जानती है !
लेकिन इसको कोई नहीं जानता है , जो 20+ दिन से अनशन पर बैठा 😭
लगता है इस देश में अनशन से पहले मांगों की नहीं, फेम की पात्रता देखी जाती है।
आख़िर जनसंघ और भाजपा मोहम्मद अली जिन्ना के परिवार से पैसा लेकर अपनी पार्टी क्यों चलाती थी?
BJP के पुरखों ने जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ सरकार क्यों बनाई?
सबूत है, वीडियो है, इसके बावजूद इसकी हरकत को आरोप कहा जा रहा है
यूपी के बदायूं में नगर पालिका के कर्मचारी विपिन कुमार ने ड्यूटी के दौरान महिला कर्मचारियों के साथ अश्लील हरकत की
भाजपा की ‘चोरी-लूट-छल-कपट-झूठ-फ़रेब’ की अधर्मी राजनीति अब प्रभु रामजी के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुँच गई है। जो ‘महामुख’ हनुमानगढ़ी को लेकर मिथ्या-प्रचार कर रहे हैं, वो अपने महापाप का प्रायश्चित करें और स्वीकार करें कि वो राम मंदिर की चोरी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं अन्यथा हनुमानगढ़ी की सीढ़ियाँ घुटनों के बल चढ़कर, आस्था के इस अनादि तीर्थ से क्षमा याचना करें। संकीर्ण राजनीति करते-करते वो भूल जाते हैं कि वो झूठ बोलकर अपने ‘धर्मपद’ को भी अपमानित कर रहे हैं। अगर उन्हें झूठ बोलना ही है तो वो ऐसा साधारण व्यक्ति की वेशभूषा धारण करके करें। अपने स्वार्थ की सिद्धी के लिए, श्रद्धा के प्रतीकों को धारण करके भोल-भाले आस्थावानों को ठगना महा-अधर्म है।
हनुमानगढ़ी की अतिशय शक्ति जब सामान्य पापियों का ही शमन कर देती है, तो इन ‘महापापियों’ का क्या हश्र होगा, कहने की आवश्यकता नहीं। प्रभु रामजी और हनुमान जी के प्रकोप से कोई अधर्मी नहीं बचेगा।
आज पूरा देश देख रहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा और उनके अपंजीकृत संगी-साथी क़ब्ज़ा करके बैठे हैं वहाँ-वहाँ घोर बेईमानी, चोरी, गबन, लूट हो रही है। अभी तो ये पहली परत खुली है, आगे-आगे देखिए खुलता है क्या!
गाज़ा में बारूद से यूनिवर्सिटी ख़त्म की जा रही थी और यहां बुलडोजर से.. जौहर यूनिवर्सिटी का पोस्टर लेकर जंतर मंतर पहुंचे छात्र ने कही बड़ी बात.
#ZauharUniversity#Gaza#AzamKhan
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation
हाँ तो आपको क्या लगा था? साहब आयेंगे और जूस पिलायेंगे?
क्या लगा था? प्रधान साहब इस्तीफ़ा लेकर आयेंगे और अनशन तुड़वायेंगे?
गया वह ज़माना जब प्रधानमंत्री जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया करते थे।
उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने 6 साल पहले कथित एनकाउंटर में शेमन खान को कमर में 3 गो*लियाँ मारी, तब से वह चारपाई पर है। वह बिना सहारे चल नहीं पाता। जिंदगी कमरे में कैद होकर रह गई है।
पहले पुलिस ने कहा कि वह लूट की बाइक चला रहा था। जब शेमन ने बाइक के डॉक्यूमेंट दिखाए तो पुलिस ने कहा कि वह लूट में शामिल था। शेमन खान को आज तक नहीं पता कि उसे गोली क्यों मारी गई?
Reporting with @Benarasiyaa
जितनी बार महमूद गजनबी ने नहीं लूटा उससे ज्यादा बार इन बड़ी मछलियों ने लूटा,
पर अफसोस छोटी मछलियों को फसाकर बड़ी मछली को बचा लिया गया,
खैर जनता सब देख रही है आगामी समय में इसका जवाब ज़रूर देगी
📍भरतपुर, राजस्थान
जूस में मांस के टुकड़े मिलने का आरोप लगाकर एक मुस्लिम दुकानदार को भीड़ ने पीटा, उसकी दुकान में तोड़फोड़ की और जमकर नारेबाज़ी की। दुकानदार वीडियो में चीख-चीखकर कहता रहा, "यह तुम्हारी साज़िश है।"
अब इस मामले में पुलिस ने 4 हिंदूवादी नेताओं को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, लेकिन तीन को तुरंत जमानत भी मिल गई।
सवाल यह है कि बिना जांच और सबूत के किसी की दुकान उजाड़ने, मारपीट करने और कानून को हाथ में लेने वालों के लिए इतनी आसानी से राहत क्यों? पीड़ित मुस्लिम परिवार इंसाफ और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
ये वही साध्वी जी है जिन्होंने कुछ दिनों पहले मटन की दुकाने बंद कराने के लिए हो हल्ला और खूब तमाशा किया था,
आज यही साध्वी जी बड़े चाँव से मटन और बियर का आनंद ले रही है, वाह रे पाखंड।