Ambedkarite,Kanshiramist,founder-@BNS4Bheemland
देश के दलितों, पिछड़ों को देश का शासक बनाने और बाबा साहब अम्बेडकर के नाम पर देश (भीमलैंड)बनाने के लिए समर्पित
कामडियों के पैर धोते IAS/IPS, समझ नहीं आता, जमीर कितना और गिरेगा? मोदी-योगी राज से पहले किसी प्रशासक ने कामडियों के पैर धोये हों तो मुझे भी बताएं।यदि यही अच्छे दिन हैं तो थूक देना चाहिए ऐसे दिनों पर।ये अच्छे दिन नहीं, देश का दुर्भाग्य है।IAS अनपढ़ के चरणों में-नम्बर जो बढ़ाने हैं
ईश्वर, दाता, गुरु, विधाता बाबा साहब अम्बेडकर जी की131वी जयंती 14अप्रैल 2022के शुभ अवसर पर देश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और करोड़ों शोषितों-वंचितों के मशीहा को कोटि कोटि नमन।जय भीमलैंड
@27shridhar@Mayawati और इस प्रायोजित नौटंकी के बाद बहिन जी ने तो खाना-पीना ही छोड़ दिया होगा।आप और आपकी लाइन दोनों ही दलित मूवमेंट के लिए अभिशाप हैं।आपको मुख्यमंत्री बना दिया जाये, चाहे BJP की गोद में बैठ कर ही सही।
इसे कहते हैं लंका में बिभीषणों को लाना।विश्व नेत्री बहिन मायावती जी की फोटो एक ऐसे नेता के बाद छापी हैं जो सम्मान के लिए उनके इर्दगिर्द भी नहीं है।जय भीमलैंड
दिल्ली में9वर्ष की दलित बेटी की मनुवादियों ने सामुहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव जलाया।घटना पर सभी आयोग मुखर, लेकिन शक्तिशाली और संवैधानिक संस्थान - नेशनल कमीशन फॉर शैडयूल्ड कास्ट मूकदर्शक है।ये संस्थान मनुवादी सत्ता के लिए अपनी शक्ति का समर्पण कर चुका है,इसे खत्म हो जाना चाहिए।
@AkritiAmbedkar1 तो फिर देश का मुखिया मंदिर की सीढ़ियों से क्यों लौटा दिया जाता है?अभी तक कांशीराम की लंका में कौनसे बिभीषणों की कमी थी, जो बिभीषणों के प्रभू वर्ग को भी सम्मिलित किया जा रहा है।क्या ये हमारी सुंदर लंका का नाश नहीं करेंगे?
@ADITI_BSP अब देवी जी कटाने को बचा ही क्या है दलितों के पास?संपत्ति, संशाधन, स्वाभिमान और सत्ता कुछ भी नहीं हैऔर जो सलामत है, उसपर भी आपके ऐसे विचार हैं।देवी जी थोड़ा रहम करोऔर प्रेम से बोलो जय भीम।
@NationalDastak BSP एक राजनैतिक पार्टी कम और सामाजिक परिवर्तन तथा आर्थिक मुक्ति का आंदोलन ज्यादा थी।अब मनुवादियों को साथ लेकर हमारा कौनसा हित साधा जाएगा?मेरी समझ से BSP को खत्म हो जाना चाहिए,और दलितों की इसी में भलाई है।कांशीराम जी ने भी नहीं सोचा होगा कि कभी पार्टी दलितों के लिए बोझ भी बनेगी।
@anandkumarbsp एक बेटा समाज की खातिर सड़कों पर संघर्ष कर रहा है और दूसरा महलों में बैठकर ऎश कररहा है तो दूसरे के वजूद को खत्म होने से कोई नहीं रोक सकता।