#Hinduphobia हमारी माता एक आशा कार्यकर्ता हैं, और छठ पूजा का व्रत करती हैं। आज नहाए खाय है और आज ही यहां के स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर टीकाकरण करवाया है अब बताइए एक व्रती सब छोड़ छार कर सुई देने गईं हैं, और सिर्फ वही नहीं ऐसे सैंकड़ों व्रती महिलाएं या तो व्रती होंगी या उनके घरों
A muslim woman is assaulting another Muslim woman for doing makeup and not wearing burqa!
And then the islamists like @_sayema and @khanumarfa would normalize this for all muslim women, saying it is "her personal choice."
CASE STATUS UPDATE 🚔
Earlier complaint: Ball going missing.
New complaint: Entire batting lineup going missing.
Our assessment: This is not a law & order problem.
This is Bumrah. 🎯🇮🇳
#INDvNZ#T20WorldCup2026Final
जाति के आधार पर आपको privileges मिले हुए हैं, हमें नहीं।
हमने एक ऐसा परिवार देखा, जहाँ लड़के के 12th में 95% marks आए थे, फिर भी घर में मातम का माहौल था क्योंकि general caste वाले का admission 98% से कम पर नहीं हो रहा था।
वहीं Scorpio में बैठकर, मोटे-मोटे सोने की चेन पहनकर 20 marks लाने वाले admission ले रहे हैँ..
ग़ज़ब के विचार हैं इस भाई के। थोड़ा प्रसिद्ध कीजिए, मैं नहीं जानता कौन है।
@Crompton_India@PromeetGhosh. Kindly look into this on priority. It's just 3 days after installation and we are facing such an issue. No water at our residence from yesterday. Facing critical condition. Need assistance at earliest.
@keshav_its Hi Keshav, we acknowledge your concern and would like to assure you that the details have been shared with the concerned team. The matter is under review. Please reach out if you need anything further.
https://t.co/VugAan9T8w
@Crompton_India@Crompton_India@PromeetGhosh. Kindly look into this on priority. It's just 3 days after installation and we are facing such an issue. No water at our residence from yesterday. Facing critical condition. Need assistance at earliest.
Hello @Crompton_India , the newly purchased pump is not working, & I raised a complaint already but no contact has been made yet.
Your service request ID: CGZ26022314009 has been generated. Our team will contact you shortly.
*Kindly arrange asap*
वर्षों तक देश में घूम-घूम,
भीम की प्रतिमा को चूम-चूम,
कर भीमटों को मजबूत प्रखर,
मोदीजी आए कुछ और निखर !
दुर्भाग्य ना सब दिन सोता है,
देखें स्वर्णों का क्या होता है?
मेरिट का स्कोप बढ़ाने को, सबको कटऑफ पार कराने को,
सवर्णों को धमकाने को, उन्हें यूजीसी की भेंट चढ़ाने को,
महामानव तीसरी बार सत्ता में आए, नीलमानवों का संदेशा लाए....
'दो न्याय अगर तो ज्यादा दो, मगर इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो अपनी बहू-बेटी तमाम, भाड़ में गया मान-सम्मान'
हम वही खुशी से भोगेंगे, देश में रहने से ना रोकेंगे....
सवर्ण वह भी दे ना सके, हिन्दू एकता बनाकर रख ना सके,
उल्टे महामानव को थामने चले, जो था असाध्य उसे साधने चले,
जब नाश सवर्ण पर छाता है, पहले भाजपाभक्त मर जाता है...
आईटी सेल ने भीषण हुँकार किया, अपना डिफेंस विस्तार किया
यह देखकर बामन-ठाकुर डोले, महामानव कुपित होकर बोले....
400 दिलाकर साध मुझे, हाँ, हाँ बहुमत दिलाकर बाँध मुझे !
~ रामधारी सिंह 'बिल्डर' की 'भीमरथी' के सौजन्य से
UGC regulations are paused till March, but caste politics continues.
Bihar’s Post-Matric Scholarship move
• Bihar’s NDA government announced 100% fee coverage (no cap) for SC and ST students in IITs, NITs and AIIMS.
• Support for polytechnics, ITIs and other institutes has also been increased.
• EWS students are excluded.
If the intent was genuine support, collateral-free education loans for all needy students could have been offered instead of selective inclusion.
Centre repeats the pattern
• The Centre partnered with a physics coaching foundation to fund free coaching for 5,000 students for UPSC, SSC and other exams.
• Only reserved categories are eligible; EWS is again excluded.
The core issue
• EWS quota exists on paper, but not in policy benefits.
• True equity would be need-based opportunity, not category-based exclusion.
• Long-term impact comes from better schools and foundational education, not repeated cash distribution.
So the question remains: welfare-driven policy, or vote-driven appeasement?
अगर हर जगह ऐसे विधायक और सांसद मौजूद हो तो कोई भी पार्टी का नेता कामचोरी नहीं कर पाएगा।
बिहार के सदन की एक वीडियो वायरल है जिसमें JDU की विधायक कोमल सिंह ने अपने ही सरकार की मंत्री से हिसाब मांग जांच की बात कही।
जिसपर JDU मंत्री श्रेयसी सिंह को जवाब देना पड़ा।
जबकि अक्सर इसका उलट ही देखने को मिलता है लोग एक दूसरे की चोरी छुपाने में लगे रहते हैं।
अगर कार्यों की समीक्षा इस कदर बिना पार्टी देखे हो तो क्षेत्र का भरपूर विकास होगा।
राँची में एक चाय की दुकान पर सुरेश मिस्त्री नामक एक व्यक्ति से मुलाक़ात हुई. वे मूर्तजापुर, पटना जिला के निवासी हैं,शायद अनंत सिँह के गाँव से एक डेढ़ किलोमीटर दूर है मूर्तजापुर. अभी राँची कुमारबाग़ गली में अपना मकान बनाकर रह रहे हैं. काफी सम्पन्न हैं. राची में फर्नीचर की कई दुकाने हैं उनके लड़कों की...
अचानक उन्होंने अनंत पुराण शुरू कर दिया. प्रशंसा में ही एक घंटे से ज्यादा बिता दिए. उन्होंने बताया कि यदि मसत्थू आदि बस्तियों के पास टाल में कोई लफंगा किसी औरत का जेवर लूट लेता था और अनंत सिँह को मालूम पड़ जाता था, तो वे घोड़े पर चढ़कर घूम जाते थे कि खैरियत चाहते हो तो लूटा सामान वापस कर दो, अन्यथा पता तो लगा ही लेंगे और तब कुट्टी कुट्टी काटकर गंगा में फेंक देंगे. बस, लुटेरा डरकर सामान पहुंचा देता था जिसे अनंत बाबू विक्टिम तक पहुँचवा देते थे.
पुनः यदि कोई गरीब आदमी, चाहे किसी जाति का हो, कहता था कि मेरी बेटी की शादी में मांगे गए दहेज़ का पैसा वह नहीं जुटा पा रहा है, तो वह कहते थे कि जाओ लड़के वाले को कह दो कि सिंदूर दान के पहले मैं खुद पूरी रकम लेकर आ जाऊंगा. याद नहीं कितनी कहानियाँ उसने सुना दी. मैं सुनता रहा और वह कहता गया
मैंने उनसे कहा कि अनंत सिँह इस बार दुलारचंद हत्या केस में फंस गए हैं. उन्होंने कहा कि हम लिखकर दे देते हैं, उन्हें कुछ नहीं होगा. वे निश्चित रूप से बरी होंगे. वे बहुत बहुत अच्छे आदमी हैं. उनका इन्साफ भगवान करेंगे. वे चोर लंगा लफंगा नहीं हैं. दुलारचंद तो चोर लफंगा था.
यार, उसकी बातें सुन मुझे बिश्वास हो गया कि अनंत सिँह की लोकप्रियता बनावटी नहीं है. वह प्राचीन भूमिहार परम्परा को जीवंत रखने वाले व्यक्ति हैं. क्या आज पूरे बिहार में ऐसा कोई व्यक्ति है जो सभी जातियों में ऐसी लोकप्रियता कायम किये हुए है?
श्री अनंत सिँह ने श्री नीतीश कुमार का पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया. मुझे लगा था कि यह उनकी चापलूसी है. लेकिन सच यह है कि यह भूमिहारों का संस्कार है जिसे बालपन से ही सिखाया जाता है कि अपने से वड़ी उम्र वाले हर जाति के व्यक्ति को बड़े भाई या चाचा मानकर सम्मान दो...
मैं नाम नहीं लूंगा आप गूगल कर लेना बिहार का एक स्वघोषित युवा नेता है ,
हम फर्स्ट हमर परिवार फर्स्ट करते रहता है ।
एक मंत्रालय उसके पास ख़ानदानी है , पहले पापा के पास अब बेटे के पास ।
अभी 6.4 लाख करोड़ की ( मदर ऑफ डील ) यूरोपियन यूनियन- भारत के बीच ट्रेड एग्रीमेंट हुई । लेकिन इनके मंत्रालय और मंत्री जी के निकम्मे पन की वजह से एक भी प्रोडक्ट बिहार से शामिल नहीं हो सका ।
बिहार का कोई भी गुड्स एंड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के काबिल नहीं है ।
इन्हीं के जैसा ३ और बैल 🐂 बुद्धि हैं । झटका मंत्री , ट्रेन ठहराव मंत्री और अनंत सिंह के लिए वोट मांगने वाला
सबका मंत्रालय पोर्टफोलिया इतना बढ़िया है लेकिन काम ही सबका घटिया है की एक भी प्रोडक्ट नहीं आया बिहार का इस ट्रेड एक्सपोर्ट में । छी ससुर 😞
ना मखाना , ना भागलपुरी सिल्क , ना कोई औद्योगिक उत्पादन कुछ नहीं ।
#BiharNews #IndiaEUTradeDeal
यूजीसी और मोदी: जुड़े गाँठ पड़ जाए
यूजीसी पर सवर्णों का विरोध यूजीसी को ले कर नहीं बल्कि सरकार की हर नीति में ‘दलित, वंचित, शोषित’ की चटनी को ले कर था।
सोच-समझकर जब आप एक वर्ग को, चाहे वह एक ही प्रतिशत क्यों न हो, उपेक्षित रखते हैं, और चुनावी भाषणों में आपको उनकी याद ‘बँटेंगे तो कटेंगे’ के नारों के लिए आती है, तब एक दिन ऐसा आता है, जब उसको दिखता है कि भाई, हमारा तो ये *** काट रहे हैं।
IAS की कोचिंग हो या उद्यमी को सपोर्ट, हर जगह यह वर्गीकरण हो रहा था। और यह फायनेंस कौन कर रहा था? उसकी फंडिंग का एक बहुत बड़ी हिस्सा इनकम टैक्स और परोक्ष करों के माध्यम से यही सवर्ण दे रहा था क्योंकि कमाने और उपभोग की शक्ति इनके ही पास है।
फिर भी, ‘चुनमंगे’ और ‘ठाकुर का कुआँ’ जैसे विमर्श चले। यूरेशिया भेजो, भारत छोड़ो, वी आर कमिंग फॉर यू लिखा गया और सवर्णों के नरसंहार की बातें ‘डिसेंट’ कह कर डिसेंट्री की तरह उपचार-रहित हो कर फैलती रही।
यही सरकार मुँहठोकबा बन कर ताकती रही। सवर्ण चार पोस्ट लिख कर बताता रहा कि अब अति हो रही है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को लगा कि थोड़ा और ढकेलते हैं इनको… सवर्ण को उबलते गर्म पानी के पतीले में कैद मेढक समझा गया।
पर सवर्ण बहुत कुछ है, **या तो बिलकुल नहीं, उतना बड़ा *ति* तो बिलकुल ही नहीं, उस कोटि का चू** तो एकदम भी नहीं। वही तुम्हारा विमर्श चला रहे हैं और तुम उन्हीं को डंडा डाल रहे हो? ये कौन सा मास्टरस्ट्रोक है?
स्थिति यह है कि चाहे @RSSorg हो या @BJP4India, जो वातावरण ‘बँटेंगे तो कटेंगे’ का इन्होंने बनाया था, अब इन पर किसी का विश्वास नहीं रहेगा। केवल वही विश्वास करने का ढोंग करेंगे, जिन्हें राजनैतिक रूप से कहीं जाना है। परंतु वह भी, अपने लोगों के बीच, यही कहते पाए जाते हैं: अजीत भाई, ब्लंडर हो गया, उबरना मुश्किल है।
जब आपका पूरा फोकस न केवल बाकी हर समाज के लिए जात्योन्मुखी योजनाओं को लाने का रहे, बल्कि आप लक्षित करके उसके प्रति होती घृणा पर चुप रहें, और अंततः अपनी नीतियों से उसकी उपेक्षा दिखा कर, बाकियों को यह कहें कि देखो, उन्हें पेल दिया, तुम भी ‘हिसाब चुकता करो’, तब वह सोचने लगता है।
सवर्ण अभी वही सोच रहा है। अगले छः माह तक, ये जब भी कुछ सकारात्मक करेंगे, इनका उपहास किया जाएगा। ये त्रिपुंड लगाएँगे, लोग कहेंगे कि तुम ढोंगी हो। ये रैली से ‘समभाव’ की बात करेंगे, लोग कहेंगे कि रहने दे भाई!
240 के बाद का एकजुट होता समाज, इनकी अनेक बकलोलियों के वर्तमान परिणाम के कारण राजनैतिक रूप से टूट रहा है। अब बात ‘जुड़े गाँठ पड़ जाए’ वाली बात हो गई है। जिनको समझना है समझें कि सवर्ण किसी पार्टी के बँधुआ श्रमिक नहीं हैं।
@RailwaySeva@drmdnr@ajeetbharti hdfc ergo ki tarah inse v hisab settle kara dijiye bhaiya. Sainik school ki kasam. Paiswa itna sab le lia aur vyawastha genreal wala v nai. Thandha me thithur rhe 3rd AC ka fare deke. @RailwaySeva compensate me and I'll leave the train. Patna tak nahi pahuch paenge
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw currently we are travelling in shramjeevi exp(12392), B1 coach & AC dor had broken and is not getting closed. Kindly help in this scenario. No staff is listening here. Few passengers dialled 139 but no update.