💔 कैंसर से जंग हारने से पहले पिता ने अपने छोटे बेटे के लिए छोड़ा आख़िरी संदेश…
एक पिता, जो टर्मिनल कैंसर से लड़ रहा था, दुनिया छोड़ने से पहले अपने बेटे मंत्रा के लिए ऐसी बातें कह गया जिन्हें पढ़कर शायद आपकी भी आँखें नम हो जाएँ।
उसने बेटे से कहा— "हमेशा अपनी माँ की बात मानना, उनका ख़्याल रखना… और अपनी दोनों बहनों की हमेशा रक्षा करना।"
फिर उसने एक और बात कही जिसने लाखों लोगों का दिल छू लिया— "मैं कहाँ चला गया, ये मत पूछना… जब भी मेरी याद आए, समझना मैं हमेशा तुम्हारे पास हूँ।" ❤️🥺
कुछ रिश्ते मौत से नहीं टूटते… पिता का प्यार हमेशा बच्चों के साथ रहता है। 🙏
💔 BREAKING NEWS 💔
सरकारी नौकरी के लिये बेटी ने माँ की हत्या करवा दी। पूरी प्लानिंग करके 23 साल की जयपुर की आयुषी शर्मा ने माँ नीरज शर्मा की जान ले ली।
विगत वर्ष पिता का देहांत होने पर अनुकम्पा के आधार पर माँ ने पिता की नौकरी के बदले सरकारी नौकरी पा ली थी।
रोड एक्सीडेंट में बड़ी चालाकी से नीरज शर्मा को पैदल चलते हुए पीछे से कार से टक्कर मारकर निपटा दिया गया।
बेटी आयुषी को नौकरी और बेहद क़ीमती आगरा-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर 5 बीघा जमीन का लालच भी था।
इस घिनौनी वारदात ने खून के रिश्तों का भरोसा ही तार-तार कर दिया।
#Jaipur #Justice
बहुत सही तथ्यात्मक।आमतौर पर हर मुस्लिम शासक को मुगल माना जाता है।जबकि पहला मुस्लिम हमलावर मुहम्मद बिन क़ासिम अरब था।बाबर ने दिल्ली को इब्राहिम लोदी से जीता था किसी हिंदू राजा से नहीं।उसके पहले ऐबक से लेकर लोदी तक सब ग़ैर मुगल थे।वैसे इतिहास में कई ग़ैर मुस्लिमों ने भी मंदिर लूटे।
बांग्लादेश में 80 साल के मोहम्मद लुत्फुर रहमान को लोग प्यार से 'एक टका मास्टर' कहते हैं. वो दशकों से ऐसे बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जिनके घर वाले प्राइवेट ट्यूशन का खर्च नहीं उठा सकते. उनके पढ़ाए हुए बच्चे बड़े पदों पर भी पहुंच चुके हैं.
वीडियोः शहनवाज रॉकी, संजना चौधरी, नोमान मसरूर
भारत के CJI को सांसद @manojkjhadu का खुला पत्र
“भारत के बेरोज़गार युवा, आरटीआई कार्यकर्ता, स्वतंत्र पत्रकार और असहमति रखने वाले नागरिक लोकतंत्र में रहने वाले कीड़े-मकोड़े नहीं हैं। वे उन अनेक स्वरों में शामिल हैं, जिनसे लोकतंत्र साँस लेता है और उम्मीद का दायरा विस्तृत होता है।”
पूरा पत्र👇
ऐसे विवश पिता का ग़ुस्सा सब कुछ बहा ले जाएगा… डरो डपोरशंखों डरो… जनता से डरो… वे अपने पेट की दर्द तो यह लेंगे लेकिन संतान के दर्द की ख़ातिर किसी से भी लड़ लेंगे… सत्ता किसी की भी न तो हमेशा रही है न रहेगी…