24,25 जनवरी छुट्टी है, 26 जनवरी भी छुट्टी है। लेकिन, 27 जनवरी छुट्टी नहीं है। 27 जनवरी दिन है संघर्ष का, 27 जनवरी दिन है उस लड़ाई को जमीन पर लड़ने का जिसे हम पिछले 10 साल से लड़ते आए हैं।
27 जनवरी को छुट्टी नहीं बल्कि एक ज़ोरदार संघर्ष की तैयारी कीजिए जिससे सरकार तक एक संदेश जाए कि आप 5 डे बैंकिंग की फाइल ज़्यादा दिन दबाई नहीं जा सकती।
हर ज़ोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।
@ramshankarsingh@manish3065365@sanjaybpi@fboioa_india
वीकेंड पर डिजिटल बैंकिंग का उपयोग 40% से अधिक बढ़ जाता है।
ग्राहक शाखा पर निर्भर नहीं रहे। इसलिए 5 डे बैंकिंग की मांग है जायज मांग।
और ये जायज मांग लड़ के लेंगे
#5DayBankingNow
*At this present juncture where the few other countries across the world adopted for four day's banking work culture but on the other hand we are struggling for five day's banking.*We vehemently demand from IBA & Govt. for implementing 5 day's banking*
#5DayBankingNow
पाँच दिवसीय बैंकिंग कोई विशेषाधिकार नहीं,
बल्कि बैंक कर्मचारियों का अधिकार है! ✊✊✊
👉 पाँच दिवसीय बैंकिंग तुरंत लागू करें।
👉 बैंक कर्मचारियों के कार्य–जीवन संतुलन का सम्मान करें।
👉 बैंकिंग कार्यबल के साथ भेदभाव समाप्त करें।
#5DayBankingNow#5DayBankingNow
बैंक कर्मचारी भी माता-पिता हैं, नागरिक हैं, समाज का हिस्सा हैं। बैंक कर्मचारियों की ज़िंदगी भी मायने रखती है।
5 डे बैंकिंग लाओ, बैंकर्स की जिदंगी बचाओ
#5DayBankingNow
"बैंक की नौकरी" को हासिल करने के लिए रात भर पढ़ाई करने वाले, बस ट्रेन के धक्के खाकर परीक्षा पास करने वाले बैंक ऑफ बडौदा के लगभग 1,600 कर्मठ युवाओं ने पिछले ढाई साल में नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
ये आंकड़ा बता रहा है कि छात्र जीवन का सबसे बड़ा सपना "बैंक की नौकरी" आज मानसिक तनाव, अजीबोगरीब टार्गेट और बदतर वर्क लाइफ बैलेंस का कारण बन चुकी है।
अब ज़रूरत है इसके विरुद्ध एक देशव्यापी ट्रेड यूनियन आंदोलन की।
@ramshankarsingh@alashshukla@idesibanda@iSourabhMishra
युवा नेतृत्व, नई सोच और डिजिटल युग की दिशा
FBOIOA ऐप का लॉन्च, अधिकारियों की सुविधा, अधिकार और गरिमा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
यह ऐप सिर्फ़ तकनीक नहीं, बल्कि पारदर्शिता, एकजुटता और सही मायनों में सशक्तिकरण का प्रतीक है।
युवा नेतृत्व ने दिखा दिया कि जब तकनीक और ट्रेड यूनियनिज़्म मिलते हैं तो संगठन और भी मज़बूत बनता है।
हम सब साथ हैं, अधिकारों की रक्षा, सेवा शर्तों की सुरक्षा और हर अधिकारी के सम्मान की गारंटी के लिए।
#FboioaConnect @fboioa_india@aiboc_in@nilesh_pawar15@manish3065365@ManishkBarnwal9
@sunnyjamshedpur सवाल उठता है — यह हड़ताल किसके लिए है?
बैंकर्स के असली मुद्दे कहां हैं?
लग रहा है जैसे यह हड़ताल 'नेताओं की कुर्सियाँ बचाओ अभियान' हो।
क्या सिर्फ़ राजनीतिक दिखावा करने के लिए? क्या सिर्फ़ बड़े मंचों पर भाषण देने और सोशल मीडिया पर बधाई बटोरने के लिए?