Wazir e Azam , this is what your silence on China, and attending the BRICS meeting under Xi, has achieved on the border. You have singularly failed to secure India’s national security interests wrt China. https://t.co/FmuCvJcVTb
@DeepakSEditor अब कोई मौका नहीं रह गया है, क्योंकि मतदान से पहले ही स्ट्रोंग रूम में ईवीएम पहुंच जाती हैं । जिन ईवीएम मशीनों मे वोटिंग होती है वो स्ट्रोंग रूम में जाती ही नहीं, दूसरे भी कई रास्ते हैं, चुनाव सात आठ चरणों में, काउंटिंग दो महीने बाद, इतना लम्बा फासला क्या नही हो सकता ।#आयोग_चीफ
40 स्टार प्रचारक, पानी की तरह बहाया गया रुपया, केंद्र की पूरी सरकार, सारी जांच एजेंसियां, इन सब को अकेले एक आम आदमी @ipathak25 ने हरा दिया। यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है। ये @ArvindKejriwal जी द्वारा किए गए कामों का जादू है।
#AAPsweepsRajinderNagar
@yadavakhilesh और मतदान के बाद स्ट्रोंग रूम में यही ईवीएम जातीं हैं या पहले से ही रख दी जाती हैं ?
जब चुनाव आयोग निष्पक्ष है तो काउंटिंग एक डेढ़ महीने बाद क्यों ?
सात आठ चरणों में चुनाव क्यों होने लगे, क्या सांसद और विधायक स्टूडेंट हैं जो उन्हें एग्जाम की तैयारी करनी है?
@itariqanwar सुप्रीम कोर्ट के जजों ने बीजेप��� का रास्ता साफ किया हुआ है आओ कितनी भी घटिया याचिका दायर करो, फैसला लिख के दो हम पढ देंगे ।
1991 एक्ट किसी धार्मिक स्थल का स्वरूप न बदला जाए, बेहतरीन कानून ।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट जज इसे बदलेंगे और साबित करेंगे कि अब हम दलाल से ज्यादा कुछ नहीं ।
@IPSinghSp सुना है इलेक्शन कमीशन चीफ मोदी जी का करीबी है, विपक्ष का चुनाव लडने का कोई मतलब नहीं रह गया ।
किसी भी बूथ पे मोबाइल फोन ले जाना मना है साइट इफेक्ट अंदर का घपला उजागर नहीं होगा ।
ईवीएम मशीन स्ट्रोंग रूम में बूथ वाली रखी जाएगी या पहले से रखी गई कोई नही जान पाता ।
@JM_Scindia 25 जून 1975 को लोकतंत्र की हत्या करने वालों में तुम्हारा बाप भी था । बेहतर होता है अगर कहते कि लोकतंत्र के हत्यारों में श्रीमंत माधव राव सिंधिया (तुम्हारे पिता) भी थे ।
और इन्हीं लोकतंत्र के हत्यारों को एक साल पहले तक तू भी बडा समर्थक था ।
बीजेपी के पोस्टर बॉय एकनाथ शिंदे जिन्होने महाराष्ट्र को बेहतर बनाने के लिये बगावत की है, उनका विकास मॉडल जान लीजिये।
अपनी 30 साल की समाजसेवा में शिंदे ने अपने गांव में ना एक स्कूल बनाया ना एक अस्पताल। पर हैलीकाप्टर उतारने के लिये गांव में दो हैलिपैड जरूर बनाये।
मरहूम एहसान ज़ाफ़री के लिए BJP सरकार को दोषी मानना सरासर ग़लत है। ज़किया ज़ाफ़री इससे पहले UPA सरकार में भी इंसाफ के लिए 10 साल द���-दर की ठोकरें खाती रही हैं। जो कांग्रेस अपने सांसद को इंसाफ़ न दिला सकी वो आम मुसलमानों पर होते ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े रहेगी, सोचना भी बेमानी लगता है।
पत्रकार ने रेबेल MLA अब्दुल सत्तार से पुछा "आप किस हिंदुत्व के लिए लड रहे हैं"
उन्होंने कहा " पता नहीं महाराष्ट्र पोलीस पता लगा रही है" l
#MaharashtraPoliticalCrisis
@RahulGandhi 1- ईवीएम पैक होकर जब स्ट्रोंग रूम के लिए ले जाते हैं तो पार्टी सदस्यों को स्ट्रोंग रूम तक जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां पहले से तो ईवीएम नही
2- चुनाव और गिनती में इतना लम्बा फासला नहीं होना चाहिए,ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ता, स्ट्रोंग ��ूम की निगरानी चोबीस घंटे जाग कर करें
@LambaAlka 1- ईवीएम मशीनों के साथ स्ट्रोंग रूम तक पार्टी सदस्य जाने चाहिए ।
2- चुनाव और गिनती में इतना लम्बा फासला नहीं होना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ता ।
3- स्ट्रोंग रूम का पहरा पार्टी सदस्य चोबीस घंट��� जाग कर करें । मतलब कुछ सो जायें कुछ जागते रहें ।
ये करो चमत्कार होगा जरूर ।