"Untouchability in the hospital." 💔
Casteist doctors refused delivery care to a pregnant Musahar Dalit woman at hospital in UP's Bhadohi and kicked her out.
The woman gave birth on the roadside.
All monster doctors involved should be booked under the attempt to murder charge.
परम आदरणीय बहन जी,
आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं।
राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ।
पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई त���ह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं। मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।
श्री अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है।
उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ।
मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी औ��� मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूँ। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूँगा।
बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।
जय भीम।
जय बसपा।
PAC जवान सिर्फ ड्यूटी करने वाली मशीन नहीं हैं।
घंटों की कठिन ड्यूटी के बाद अगर जवानों को रहने की उचित व्यवस्था, स्वच्छ भोजन और मूलभूत सुविधाएँ भी न मिलें, तो यह सिर्फ अव्यवस्था नहीं, बल्कि जवान के सम्मान और मनोबल का सवाल है।@Dgpacup@Uppolice@co10pacup@myogiadityanath
जिसने बगीचा बनांकर दिया, उसे ही बगीचे के छीनने का दर्द सबसे पहले होता है।
बहनजी ने तुंरन्त इस दर्द को बयां करा।
बहनजी के बगीचे से कम से कम 3000 एक्स्ट्रा एमबीबीएस डॉक्टर सरकारी मेडिकल कॉलज से बन गए। जिसमे अत्यंत गरीब छात्र तक है जो अब लाखो कमा रहे है।
बाकी 87 विधायक जो आरक्षित शीट से जीतकर आये अभी निंद्रा में है। उन्हें चिंता भी नही है।
बुद्धिजीवी अथार्त सरकारी सेवा में जा चुके या आरक्षण से प्रोफेशनल कोर्स कर चुके मायावती हाय हाय में व्यस्त है।
लेकिन वो ही मायावती जी समाज के दर्द को बयाँ कर रही है।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@bspindia
जनपद बस्ती में मानवसंपदा पोर्टल से छुट्टी क्यों नहीं हो रही है, जबकि माननीय मुख्यमंत्रीजी ने आदेश भी किए थे, कितने लोग छुट्टी के कारण मरेंगे तब लागू होगा मानवसंपदा पोर्टल। कितने यह कार्य पूरा हो जाएगा। @bastipolice@digbasti@myogioffice@Uppolice
मेरठ में यूपी पुलिस के एक सिपाही को कांवड़ियों ने बुरी तरह पीटा। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी पीटा।
इसका वीडियो वायरल है जो भयावह है।
पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि दो पक्षों का विवाद ��ा, समझा बुझाकर रवाना किया।
यूपी पुलिस को इतना फ्लेक्सिबल भी नहीं होना चाहिए, ऐसा करने पर उपद्रवियों का हौसला बढ़ता है। जो मारपीट कर रहे, गालियां दे रहे वह शिवभक्त नहीं हो सकते।
बिल्कुल
1. बॉर्डर स्कीम (Border Scheme)
10-15 साल की सेवा के बाद कर्मियों को उनके घर के पास या सीमावर्ती जिल���ं में तैनाती मिलनी चाहिए ताकि वे परिवार की जिम्मेदारी निभा सकें।
2. वेतन विसंगति (Pay Anomaly)
अन्य विभागों क�� तुलना में पुलिस का ग्रेड पे (विशेषकर 2000 ग्रेड पे) और कार्य के घंटों का अनुपात सही नहीं है।
4200 की जगह 2800 को मजबूर ?
लेखा वित्त हो गए सब कार्यकारी बल भी ?
3. TA/DA (यात्रा और दैनिक भत्ता)
पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के लिए एक जिले से दूसरे जिले या लंबी दूरी तय करने पर मिलने वाला यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) बहुत पुराना और कम है।
4. तबादला नीति (Transfer Policy)
पुलिस विभाग में तबादलों में पारदर्शिता की कमी।
अक्सर प���रभावशाली लोगों के तबादले मनचाही जगह हो जाते हैं, जबकि आम सिपाही सालों तक एक ही जगह पड़ा रहता है।
पति पत्नी विभाग में हैं तो कई बार अलग अलग pोस्टिंग से त्रस्त और अवसाद में रहने को मजबूर ?
19 वर्ष की सेवा पर अतिरिक्त मानदेय
मुद्दा: पुलिस विभाग के पुराने नियमों के तहत एक निश्चित सेवा अवधि (जैसे 19 या 20 वर्ष) पूरी करने पर मिलने वाले विशेष वित्तीय लाभ या मानदेय में विसंगतियां हैं। कोर्ट से आदेश लेने को मजबूर ?
अंतिम 3 वर्षों की चॉइस पोस्टिंग
सेवानिवृत्ति (Retirement) से पहले के अंतिम 3 वर्षों में पुलिसकर्मी को उसके गृह जनपद या मनचाही जगह पोस्टिंग देने का नियम कागजों पर तो है, लेकिन इसका लाभ सबको नहीं मिल पाता।
आपके द्वारा घोषित भत्ते भी कई जिलों में या नहीं लागू हुए अब तक ?
बाकी सब देश के लिए मॉडल ही हैं क्योंकि इन्हें मानव तो मानता नहीं कोई ?
@dgpup @yadavakhilesh @homeupgov @myogioffice