यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं है। यह लड़ाई देश में व्याप्त अव्यवस्था के खिलाफ है। न्यायपालिका में बीएड नहीं देश का युवा हारा है। जीविकोपार्जन के 100 साधन पैदा किए जा सकते हैं लेकिन संविधान और न्याय से एक बार आस्था टूट जाने पर उसको पुनः स्थापित करना इससे कहीं ज्यादा कठिन है।
नौकरी तो मिल रही है लेकिन एक बात है कोई भी classes,UG,PG कर लो आप ,पास होने के लिए 33% जरूरी होता है, लेकिन आप डीएलएड का कटऑफ देखना जो सो कोल्ड योग्य शिक्षक 150 में 30-45 अंक लेकर (20-30%) पा कर नौकरी करेंगे वो कक्षा में 33% से कम पाने वाले छात्र को फैल करेंगे।#QualityEducation#
डीएड वालों को तो नौकरी मिलेगी
क्योंकि हाईकोर्ट से फ़ैसला हो चुका है
हमने इस विषय पर कई बार चर्चा की है
आपको आपका अधिकार लंबी लड़ाई के बाद मिल रहा है लेकिन जिन्होंने विज्ञापन की शर्तों पर अप्लाई किया और उन्हें नौकरी मिली उनकी मेहनत और रोज़ी-रोटी के लिये उनका कहीं समायोजन होना चाहिए, नियमों की त्रुटि में आपस का बैर नहीं रखना चाहिए, बीएड हो या डीएड दोनों में नौकरी के लिए ही सरकारी विज्ञापन से आवेदन भरा था।
डीएड वालों को तो नौकरी मिलेगी
क्योंकि हाईकोर्ट से फ़ैसला हो चुका है
हमने इस विषय पर कई बार चर्चा की है
आपको आपका अधिकार लंबी लड़ाई के बाद मिल रहा है लेकिन जिन्होंने विज्ञापन की शर्तों पर अप्लाई किया और उन्हें नौकरी मिली उनकी मेहनत और रोज़ी-रोटी के लिये उनका कहीं समायोजन होना चाहिए, नियमों की त्रुटि में आपस का बैर नहीं रखना चाहिए, बीएड हो या डीएड दोनों में नौकरी के लिए ही सरकारी विज्ञापन से आवेदन भरा था।
छत्तीसगढ़ में बीएड चयनित क़रीब 3 हज़ार सहायक शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें शिक्षा विभाग में जगह मिले, उन्होंने नौकरी पाने के लिए नियमों का पालन किया, लेकिन अब नौकरी गँवाने का डर है!
सरकार से बीएड सहायक शिक्षकों का आग्रह है कि शिक्षकों का साथ है तो कहें की हम आपकी नौकरी और प्रतिष्ठा की रक्षा करेंगे,आप सभी यथावत सेवा देंगे। नए पदों के सृजन के साथ डीएड को नियुक्ति देते हैं तो मात्र 127 करोड़ का सरकार पर अतिरिक्त भार पड़ेगा@OPChoudhary_Ind@vishnudsai@ArunSao3
@DeveshSharma_RJ आज हमारे बीच फिर एक कानून के अनैतिक निर्णय का शिकार हो गई। इस मानसिक तनाव के जिम्मेदार कौन है???? एक तरफ बेटी बचाव और बेटी पढ़ाओ.....अब ये
@priyankagandhi माननीय प्रियंका ग़ांधी जी मैं छत्तीसगढ़ राज्य का छोटे से कर्मचारी (सहायक शिक्षक-आदिवासी क्षेत्र जशपुर जिला ) हु। मेरे जैसे लगभग 3000 सहा शिक्षक आज सरकार के ढीलेपन के कारण हमारी जीविका छीनी जा रही है। कृपया संज्ञान लीजिये। हमे बचा लीजिये।
@RahulGandhi माननीय राहुल ग़ांधी जी मैं छत्तीसगढ़ राज्य का छोटे से कर्मचारी (सहायक शिक्षक-आदिवासी क्षेत्र जशपुर जिला ) हु। मेरे जैसे लगभग 3000 सहा शिक्षक आज सरकार के ढीलेपन के कारण हमारी जीविका छीनी जा रही है। कृपया संज्ञान लीजिये। हमे बचा लीजिये।
@RahulGandhi माननीय राहुल ग़ांधी जी मैं छत्तीसगढ़ राज्य का छोटे से कर्मचारी (सहायक शिक्षक-आदिवासी क्षेत्र जशपुर जिला ) हु। मेरे जैसे लगभग 3000 सहा शिक्षक आज सरकार के ढीलेपन के कारण हमारी जीविका छीनी जा रही है। कृपया संज्ञान लीजिये। हमे बचा लीजिये।