GC की BJP से नाराज़गी का परिणाम देखिए। अगर GC आपसे बिछड़ गई, तो आप कहीं के नहीं रहेंगे।
बनारस की ताज़ा तस्वीर देखिए, मंच पर योगी जी और नितिन नबीन मौजूद रहे, भाषण चलता रहा, लेकिन भीड़ देखिए।
योगी जी के रहते भीड़ का ये हाल बहुत कुछ कह रहा है।
BJP wrote the rule. Then acted shocked when Hindus fought.
UGC equity rules, 13 January 2026. Notified under this government. Caste discrimination defined only against SC, ST and OBC. General students written out as victims. Fake-complaint penalty from the draft? Dropped.
A BJP Kisan Morcha VP in Rae Bareli quit and wrote to Modi: black law against upper-caste children. 29 January: Supreme Court stayed it. Vague. Open to misuse.
No Savarna leader left in power to say stop. Same machine runs Muslim Rashtriya Manch under Indresh Kumar. Hindu-Muslim Rakhi drives since 2013. On record. The “10 lakh girls married off” line? He already called it false.
One hand splits Hindus by caste. The other ties Rakhi and calls it unity.
Hindu society gets the bill.
@ResReformX सरकार चाहती है कि हम इनके साथ पुराना व्यवहार शुरू करे। इन्हें अपनी साथ नहीं बैठाएंगे न इनका साथ बात करेंगे न ही उनके साथ खाना खाए। ये सरकार चाहती है अपने घर में घुसने नहीं दें।
UGC आने के बाद 80% संघ की शाखाएं बंद हो चुकी है! अगर यूजीसी,scstact नहीं हटाया और आरक्षण reform नहीं किया तो @RSSorg के साथ-साथ @BJP4India पूरे देश से खत्म हो जाएगी!
बैंक यूनियन्स को बैंकर्स का काटना ही था तो कम से कम सैटरडे को ही ये सब कर लेते।
संडे भी काम करा लिया और स्ट्राइक भी कैंसिल कर दी।
बेचारे सैटरडे की छुट्टी माँग रहे थे, यहाँ एक संडे एक्स्ट्रा काम करवा दिया यूनियन ने।
गजबे है
राजन तिवारी बाहुबली पूर्व विधायक बिहार के पहले नेता हैं जिन्होंने यूजीसी को लेकर बीजेपी के सवर्ण नेताओं के ऊपर करारा हमला बोला है।👊
असली 112 इंच का सीना और बाघ का कलेजा यदि हैं तो राजन तिवारी के पास 💯
आप इस हिसाब से देखें कि अगर आप मूल निवासी हैं, तो क्या आप अपने ही देश में आग लगा देंगे?
ऐसा नहीं है कि संविधान में आरक्षण की समीक्षा की बात करना ही मना है। हम कोई असंवैधानिक बात तो नहीं कर रहे हैं। यह भी Freedom of Speech and Expression में आता है। जब संविधान स्वयं amend किया जा सकता है, तो law या उसकी धाराएँ amend क्यों नहीं होंगी?