#CPIM#NehaBora#BJP#Congress
1934 में कलकत्ता में लीग अगेंस्ट गांधीइज्म नाम का संगठन ब्राह्मणों और क्षत्रियों ने बनाया जिसमें गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया !
आज कामरेड नेहा बोरा गांधी की टीशर्ट पहन के RSS से सवाल करेगी आजादी के वक्त RSS शांत रहा और दलित पिछड़ा आदिवासी उसकी इस बात पर किन्नरो के भाती तालिया बजाता है,
इतिहास के नाम पर RSS का विरोध करो पर कम्युनिस्ट का नहीं कर सकते असली ब्राह्मणवाद तो यहीं छुपा हुआ है,
उसके बाद 1941 में जर्मनी के सोवियत संघ पर हमले के बाद CPI ने भारत में अंग्रेजों के युद्ध-प्रयास का समर्थन किया !
दलित पिछड़े आदिवासी और मुस्लिम तब भी इन कांग्रेसी , कामरेड, संघी के आपसी मतभेदों में तालिया ही पीट रहे थे आज आजादी के 80 वर्ष बाद भी तालिया ही पीट रहे है, तालिया बजाने की इतनी क्षमता शायद किन्नरों में भी नहीं होती !
अपने शुरूआती दौर में कम्यूनिस्ट कट्टर हिंदूवादी और जातिवादी बाल गंगाधर तिलक को अपना आदर्श मानते और अपनी किताबों के मुख्य पृष्ठ पर उनके वक्तव्य का समर्थन करते थे !
फोटो :– किताब का नाम गांधी बनाम लेनिन मुख्य पृष्ठ पर तिलक का वक्तव्य !
कुल मिलाकर कर आज का कामरेड कल का कांग्रेसी और परसों का संघी या इसे बिल्कुल उल्टा भी कर सकते है !
इन बामन बनिया क्षत्रियों के संगठन में दलित पिछड़ा आदिवासी और मुस्लिम क्यों समय बर्बाद कर रहा है, आपके मुद्दे अलग आपकी मांग अलग आपके लड़ने के तरीके अलग इन्हें इनके हाल पर एक दिन के लिए छोड़ दो तो सारी क्रांति घंटे दो में ढीली लटक जाएगी !
आप बसपाई हो तो बसपाइयों की तरह मुकाबला करो अगर आप समाजवादी हो तो समाजवादी की तरह संघर्ष करो, अगर रालोद समर्थक हों तो छोटूराम की तरह लड़ो, और मुस्लिम मुद्दों पर मुस्लिम लड़े,
इसे निश्चिंत रहे कांग्रेस, भाजपाई, कामरेड को आपकी जरूरत है, आपको उनकी तिल बराबर भी जरूरत नहीं है, इनको दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, मुस्लिमों , का समर्थन चाहिए आप को इनका समर्थन ना भी मिले तो भी आपको कोई फर्क नहीं पड़ने वाला !
लालू जी का नारा भूरा बाल साफ करो,
समाजवादी नारा तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार !
चौधरी चरण सिंह का किसानों का नारा "अजगर करे न चाकरी, मजगर करे न काम (कॉम्प्लिकेटेड) !
मा कांशीराम का नारा बसपा के तीन कप्तान दलित आदिवासी , पिछड़ा और मुसलमान !
आपके मुद्दे इन्हीं नारों में निखरते है, बीजेपी, कांग्रेस, कामरेड, ये आपसी गुप्तचर सहयोगी है इनका कोई भी नारा आपके मांगो के आसपास नहीं होता !
#Baba_Manish
सपा-कांग्रेस का गठबंधन कभी सत्ता में नही आ सकता और मैं दावे के साथ कह रहा हूँ अगर अखिलेश यादव ने कांग्रेस के आगे घुटने टेक कर उसे ज्यादा सीट दिया तो उसका फायदा सिर्फ कांग्रेस को होगा और कांग्रेस यूपी में मजबूत होगी
कांग्रेस मजबूत होगी तो उसका सबसे ज्यादा नुकसान सपा को ही होगा क्योंकि कांग्रेस सपा का ही वोट काटेगी ।
यूपी में बिना बसपा के कोई भाजपा को नही हरा सकता...यही सत्य है ।
मोदी सरकार ने कितना जातिवाद बढ़ाया है देख सकते हैं इस बच्ची को
7 साल से ट्रेनिंग करवा रहे हैं लेकिन प्लेन उड़ाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं
इनसे छोटे 2 साल में ही ट्रेनिंग करके प्लेन उड़ा रहे हैं!
@narendramodi@Mayawati
राहल जी, प्लीज़ हेल्प।"
कि रोज़ी ने ACP विवेक भगत पर यौन उत्पीडन ' के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब "इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही बेहद ज़रूरी है।
यह बसपा का डर ही है, जो दिखाई दे रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल में बदलाव की चर्चा है। बहुजन समाज पार्टी को हर बार कम आँकने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस बार जनता अपने मुद्दों और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है।
हमारा संकल्प है—सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और संविधान की रक्षा।
2027 — बसपा का संघर्ष, सर्वजन समाज की आवाज़।
जय बसपा! विजय बसपा! जय संविधान! 🇮🇳
"TADIPAAR ki police yah nahi batayegi ki hum kahan baithh kar apni nyay ki baat karenge......"
Kis kis ko rokiyega janab?
पोल khul chuqi hai aap logon ki😂🥲😂🥲😂🥲
पत्रकारों को फिर से डिटेन कर लिया है... ये कल से अभी तक प्रोटेस्ट कर रहे थे कि उस एसीपी विवेक भगत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो लेकिन इन्हीं लोगों को आज सुबह डिटेन कर लिया गया है। पीड़ित महिला पत्रकार जिसका नाम Rosy है, वह रो कर राहुल गांधी, अभिजीत दिपके सबसे मदद मांग रही है.....
बहन कुमारी मायावती जी ने 9 अक्टूबर को बहुजन नायक एवं बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब जी के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी पार्टी के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि सभी मंडलों के लोग लखनऊ स्थित श्री मान्यवर कांशीराम साहब स्मारक स्थल पर पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करें।
बहनजी के आदेश के बाद पार्टी के कार्यकर्ता/पदाधिकारी अपने पैसों से बस किराया खर्च कर लखनऊ जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
याद रखिए बहुजन समाज पार्टी का कारवां पार्टी के पार्टी के कार्यकर्ताओं के आर्थिक सहयोग से चलता है ना पूंजीपतियों के चंदे से चलता हैं और इसलिए ही बसपा ने आज तक सदन में पार्टी के कार्यकर्ताओं को या जो दलितों शोषितों एवं वंचितों की आवाज को बुलंद करता है उसे टिकिट दिया है या राज्यसभा में भेजने का काम किया हैं।