जो बदला जा सकें,उसे बदलिये जो बदला न जा सकें, उसे स्वीकारियें और जो स्वीकारा न जा सकें, उससे दूर हो जाईये लेकिन खुद को खुश रखिये… वह भी एक बड़ी जिम्मेदारी है...!!!💕
मुझे सिविल सेवा परीक्षा दिए हुए लगभग 12 साल हो गए हैं और मुझे आज की वस्तुस्थिति का सटीक ज्ञान नहीं है इसलिए मैंने कुछ ग़लत या अप्रासंगिक लिख दिया हो तो क्षमा करना भइया/बहिनी लोग ।
आपका
शैलेंद्र कुमार पांडेय
(मित्र शैलेंद्र के ‘फ़ेसबुक वॉल’ से साभार. ज़रूर पढ़ें)