@Arunkr750 खेत खाए गधा, मार खाए जुलाहा!
पूरी कॉलोनी में बिजली के नाम पर वसूली का आरोप, ₹3,168 करोड़ के मामले में मनोज उपाध्याय की भूमिका की निष्पक्ष जाँच हो। FIR 412 में नामजद लोगों के खिलाफ लड़ने वालों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोपों की भी जाँच हो।
@Arunk750 खेत खाए गधा, मार खाए जुलाहा!
पूरी कॉलोनी में बिजली के नाम पर वसूली का आरोप, ₹3,168 करोड़ के मामले में मनोज उपाध्याय की भूमिका की निष्पक्ष जाँच हो। FIR 412 में नामजद लोगों के खिलाफ लड़ने वालों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोपों की भी जाँच हो।
@profsaritasidh खेत खाए गधा, म��र खाए जुलाहा!
पूरी कॉलोनी में बिजली के नाम पर वसूली का आरोप, ₹3,168 करोड़ के मामले में मनोज उपाध्याय की भूमिका की निष्पक्ष जाँच हो। FIR 412 में नामजद लोगों के खिलाफ लड़ने वालों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोपों की भी जाँच हो।
@Punam_Keshari01 खेत खाए गधा, मार खाए जुलाहा!
पूरी कॉलोनी में बिजली के नाम पर वसूली का आरोप, ₹3,168 करोड़ के मामले में मनोज उपाध्याय की भूमिका की निष्पक्ष जाँच हो। FIR 412 में नामजद लोगों के खिलाफ लड़ने वालों पर ���ी झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोपों की भी जाँच हो।
शासनादेश में बिजली सुविधा पर रोक, फिर 1028 ट्रांसफॉर्मर और गली-गली 11 KV लाइनें कैसे लगीं?
नोएडा, सेक्टर-63। चोटपुर–छिजारसी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और कथित अवैध वसूली को लेकर विद्युत विभाग के पुराने पत्रों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय पत्र संख्या 8513, 8628 और 7988 दिनांक 21.10.2024 में अवैध वसूली की पुष्टि नहीं होने तथा पूर्व में नायब तहसीलदार दादरी और मुख्यालय की टीम द्वारा जांच किए जाने का उल्लेख है।
शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि पहले की जांचों में क���छ नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में अब इसी क्षेत्र में 13,000 अवैध कनेक्शनों की बात कैसे आई? शिकायतकर्ता का दावा है कि धरातल पर यह संख्या 35–40 हजार तक हो सकती है।
क्या यह पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर रातों-रात खड़ा हो गया? शिकायतकर्ता ��ंज कसते हुए पूछता है कि जब वर्षों से शिकायतें की जा रही थीं, तब जांच टीमों को कुछ दिखाई नहीं दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में मामला आने के बाद बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शनों की बात सामने आ गई?
अब मांग है कि 2010 से 2026 तक 1028 ट्रांसफॉर्मरों और 11 KV लाइनों की स्वीकृति, कार्यादेश, भुगतान, शटडाउन और मेंटेनेंस रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र उच��चस्तरीय जांच हो।
शिकायतकर्ता ने अवर अभियंता अनुज कुमार सिंह, संबंधित SDO और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की भूमिका की जांच तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल: शासनादेश में नवनिर्मित विद्युतीकरण पर रोक थी, तो इतना बड़ा विद्युत नेटवर्क आखिर किसकी अनुमति से और किस व्यवस्था के तहत खड़ा हुआ?
मीटर के लिए महिलाएं और लोग लंबी कतारों में खड़े हैं। ��हिलाओं का आरोप है कि बिजली के नाम पर ₹1,000 और ट्रांसफॉर्मर के लिए अलग से पैसे लिए जाते थे। शिकायतकर्ता के पास इससे जुड़े वीडियो होने का दावा है। JE अनुज कुमार सिंह, SDO और अधिशासी अभियंता की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
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भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं: चोटपुर कॉलोनी, नोएडा में बिजली सिंडिकेट के खिलाफ वर्षों से उठ रही आवाज, शिकायतकर्ताओं पर मुकदमे के आरोप
#नोएडा। भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है तो इसका एक गंभीर उदाहरण उपरोक्त कॉलोनी में सामने आने वाले बिजली व्यवस्था से जुड़े आरोपों में देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर बिजली माफियों का एक सिंडिकेट संचालित किया जा रहा था, जिसमें आम लोगों से ब���जली कनेक्शन, तार जोड़ने, ट्रांसफॉर्मर और मासिक रखरखाव के नाम पर जबरन अवैध अवेद धन वसूली की जाती थी।
पिछले करीब दो वर्षों से लगातार बिजली माफिया और अवैध वसूली के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
आरोप है कि लगातार शिकायतों, ज्ञापनों और अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाए जाने के बावजूद इस पूरे प्रकरण से जुड़े मुख्य लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और वे खुलेआम घूम रहे हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन लोगों ने कथित अवैध वसूली को रुकवाने और पूरे मामले को उजागर करने के लिए अभियान चलाया, उन्हीं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दबाव में लेने और उनकी आवाज को कमजोर करने के लिए झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
मामले में अवर अभियंता अनुज कुमार सिंह, एसडीओ, अधिशासित अभियंता आदि के द्वारा सिंडिकेट से लगभग 6.50 करोड़ रूपया लिये गये झूठे आरोप में निखिल शर्मा और आदित्य सिंह को फसाने के लिए और उनकी आवाज को कमजोर करने के लिए, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अनुज कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कई शिकायतें की हैं और उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार की जाती रही है और संबंधित अधिकारियों की संपत्ति और आय के स्रोतों की भी जांच की जाए।
एक बड़ा सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि जब बिजली व्यवस्था और अवैध वसूली को लेकर ल��ातार शिकायतें की गईं, तो संबंधित मुकदमे में उन अधिकारियों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई जिनके खिलाफ शिकायतें पहले से दी जा रही थीं?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आम जनता से जुड़े इतने गंभीर मामले में केवल अभियान चलाने वाले लोगों पर कार्रवाई होती है और जिन अधिकारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें दी गई हैं, उनकी भूमिका की जांच नहीं होती, तो यह निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की व्यवस्था पर गंभी�� सवाल खड़े करता है।
यह मामला अब केवल बिजली व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनता से जुड़े भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच का भी सवाल बन गया है।
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मीटर के लिए पूरी रात सड़कों पर कतार में मातृशक्ति, व्यवस्था पर उठे सवाल
#नोएडा , छजारसी–चोटपुर कॉलोनी, सेक्टर-63:
ये वही लोग हैं, जो पिछले 14–15 वर्षों से बिजली माफियाओं के शोषण, भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से परेशान रहे हैं। लंबे संघर्ष और लगातार उठाई गई आवाज के बाद मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के निर्देशों के तहत डूब क्षेत्र में बिजली मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
लेकिन मीटर लगवाने के लिए वर्तमान में जो हालात बने हुए हैं, वे बेहद परेशान करने वाले हैं। माताएं-बहनें, बुजुर्ग और आम लोग पूरी-पूरी रात सड़क पर ल���इन में लगकर टोकन लेने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी मजदूरी और दिहाड़ी छोड़कर घंटों, बल्कि पूरी रात लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले कई घरों से ₹500, ₹1,000 और ₹2,000 प्रतिमाह तक बिजली के नाम पर अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब जब मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद वैध मीटर कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो लोगों की मांग है कि सरकार पर्याप्त और व्यवस्थित व्यवस्था भी सुनिश्चित करे।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि JE अनुज कुमार सिंह और संबंधित एसडीओ के खास लोगों को रूप से बैकडोर से टोकन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि आम लोगों को पूरी रात लाइन में लगना पड़ रहा है। लोगों ने इस व्यवस्था की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी टोकन वितरण की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि प्रतिदिन केवल 50–60 कनेक्शन ही दिए जाएंगे, तो हजारों परिवारों को अपनी दिहाड़ी छोड़कर लंबे समय तक इसी तरह लाइनों में लगना पड़ेगा। इसलिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि जगह-जगह कैंप लगाए जाएं, टोकन वितरण की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्यमंत्री के संज्ञान में लगभग 13,000 अवैध कनेक्शनों का मामला है, जबकि धरातल पर अवैध कनेक्शनों की संख्या लगभग 35,000–40,000 होने का दावा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इन कनेक्शनों के माध्यम से लंबे समय से अवैध वसूली होती रही है। इन दावों की जांच संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा किया जाना आवश्यक है।
लोगों की मांग साफ है—मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पात्र परिवारों को जल्द से जल्द वैध बिजली कनेक्शन मिले और महिलाओं, बुजुर्गों तथा मजदूर परिवारों को पूरी रात सड़क पर लाइन में खड़े होने की मजबूरी से राहत मिले। @CMOfficeUP #UPPCL #NightDuty #TeamUPPCL
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डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के लिए रातभर कतार, मातृशक्ति ने उठाए सवाल
एक ही कैंप पर उमड़ी भारी भीड़, महिलाओं को रात रात भर टोकन के लिए करना पड़ रहा इंतजार; मुख्यमंत्री @myogiadityanath से व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग
#नोएडा , सेक्टर-63। #चोटपुर–छिजारसी डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन को लेकर एक बार फि�� अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सरकार की ओर से पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्थानीय महिलाओं और परिवारों का आरोप है कि विभाग द्वारा पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उन्हें घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही स्थान पर कैंप लगाए जाने से भारी भीड़ जमा हो रही है। स्थिति यह है कि कई महिलाओं को रात रात भर टोकन ल���ने के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद पर्याप्त संख्या में कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से बिजली की समस्या झेल रहे परिवार अब वैध कनेक्शन मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
“पहले बिजली के नाम पर शोषण, अब कनेक्शन के लिए लाइ��”
क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक उन्हें ��िजली व्यवस्था की समस्याओं और अवैध वसूली का सामना करना पड़ा। अब जब वैध कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो विभाग को पहले से बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मीटर के लिए लगभग ₹5,355 जमा कराया जा रहा है और तार/लाइन से संबंधित खर्च भी अलग से बताया जा रहा है। जिन मकानों की दूरी बिजली के खंभे से काफी अधिक है, उनके सामने अतिरिक्त खर्च का सवाल भी खड़ा हो रहा है।
35–40 हजार अवैध क���ेक्शनों का दावा
माननीय योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में लगभग 13 हजार अवैध कनेक्शनों की बात सामने आई थी, जबकि स्थानीय स्तर पर वास्तविक संख्या 35–40 हजार तक होने का दावा किया जा रहा है। साथ ही लंबे समय से बिजली माफिया और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत तथा अवैध वसूली के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।
पुरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवा�� की जाए।
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार सिंह, एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता वैभव मिश्रा समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध वसूली और बिजली माफिया से मिलीभगत के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री से मातृशक्ति की अपील
डूब क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया जाए। क्षेत्र में एक से अधिक कैंप लगाए जाएं, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर बनाए जाएं तथा रात में महिलाओं को टोकन के लिए लाइन में खड़े होने की मजबूरी खत्म की जाए।
मातृशक्ति का कहना है कि सरकार ने जब पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन देने की पहल की है, तो इसका लाभ सम्मानजनक, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिए के मिलना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बिजली विभाग की व्यवस्था सुधारने और कथित भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। @UPPCLLKO @Uppolice @PVVNLHQ@aajtak @EMofficeUP @dmgbnagar @CMOfficeUP @PMOIndia @AmarUjalaNews @News18India @ABPNews @ZeeNews @News18UP @ZeeUPUK
@thevoicenm चोटपुर कॉलोनी की बिजली व्यवस्था पर आखिर कब कार्रवाई होगी? जेई अनुज कुमार सिंह, विशाल मलिक, पूर्व अधिशासी अभियंता शिवम त्रिपाठी और वर्तमान अधिशासी अभियंता की भूमिका की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं? जनता जवाब चाहती है। आरोप गंभीर हैं, जांच जरूरी है।
@thevoicenm जेई अनुज कुमार सिंह, पूर्व अभियंता विशाल मलिक और पूर्व अधिशासी अभियंता शिवम त्रिपाठी समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जांच के बाद तथ्य सामने आने चाहिए। @UPPCLLKO@AmarUjalaNews@noidapolice
@thevoicenm#चोटपुर कॉलोनी में ��िजली माफियाओं के साथ कथित मिलीभगत, बड़े पैमाने पर राजस्व की चोरी और अवैध वसूली के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होने के बजाय पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
@UPPCLLKO @myogiadityanath #noida