@profsaritasidh मनोज उपाध्याय, बबन, हरिकिशोर, गुड्डू यादव आदि पर समिति के नाम पर बिजली लेकर भ्रष्ट अधिकारियों से मिलीभगत कर ₹3,168 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो। 26 मौतें, कई घायल और कई मुकदमे—आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? @Uppolice@CMOfficeUP
@Punam_Keshari01 मनोज उपाध्याय, बबन, हरिकिशोर, गुड्डू यादव आदि पर समिति के नाम पर बिजली लेकर भ्रष्ट अधिकारियों से मिलीभगत कर ₹3,168 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो। 26 मौतें, कई घायल और कई मुकदमे—आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? @Uppolice@CMOfficeUP
@Arunkr750 मनोज उपाध्याय, बबन, हरिकिशोर, गुड्डू यादव आदि पर समिति के नाम पर बिजली लेकर भ्रष्ट अधिकारियों से मिलीभगत कर ₹3,168 करोड़ के कथित घोटाले के आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो। 26 मौतें, कई घायल और कई मुकदमे—आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? @Uppolice@CMOfficeUP
@Arunk750 मनोज उपाध्याय, बबन, हरिकिशोर, गुड्डू यादव आदि पर समिति के नाम पर बिजली लेकर भ्रष्ट अधिकारियों से मिलीभगत कर ₹3,168 करोड़ के घोटाले के आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो। 26 मौतें, कई घायल और कई मुकदमे—आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? @Uppolice@CMOfficeUP
शासनादेश में बिजली सुविधा पर रोक, फिर 1028 ट्रांसफॉर्मर और गली-गली 11 KV लाइनें कैसे लगीं?
नोएडा, सेक्टर-63। चोटपुर–छिजारसी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और कथित अवैध वसूली को लेकर विद्युत विभाग के पुराने पत्रों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय पत्र संख्या 8513, 8628 और 7988 दिनांक 21.10.2024 में अवैध वसूली की पुष्टि नहीं होने तथा पूर्व में नायब तहसीलदार दादरी और मुख्यालय की टीम द्वारा जांच किए जाने का उल्लेख है।
शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि पहले की जांचों में कुछ नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में अब इसी क्षेत्र में 13,000 अवैध कनेक्शनों की बात कैसे आई? शिकायतकर्ता का दावा है कि धरातल पर यह संख्या 35–40 हजार तक हो सकती है।
क्या यह पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर रातों-रात खड़ा हो गया? शिकायतकर्ता तंज कसते हुए पूछता है कि जब वर्षों से शिकायतें की जा रही थीं, तब जांच टीमों को कुछ दिखाई नहीं दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में मामला आने के बाद बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शनों की बात सामने आ गई?
अब मांग है कि 2010 से 2026 तक 1028 ट्रांसफॉर्मरों और 11 KV लाइनों की स्वीकृति, कार्यादेश, भुगतान, शटडाउन और मेंटेनेंस रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच हो।
शिकायतकर्ता ने अवर अभियंता अनुज कुमार सिंह, संबंधित SDO और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की भूमिका की जांच तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल: शासनादेश में नवनिर्मित विद्युतीकरण पर रोक थी, तो इतना बड़ा विद्युत नेटवर्क आखिर किसकी अनुमति से और किस व्यवस्था के तहत खड़ा हुआ?
मीटर के लिए महिलाएं और लोग लंबी कतारों में खड़े हैं। महिलाओं का आरोप है कि बिजली के नाम पर ₹1,000 और ट्रांसफॉर्मर के लिए अलग से पैसे लिए जाते थे। शिकायतकर्ता के पास इससे जुड़े वीडियो होने का दावा है। JE अनुज कुमार सिंह, SDO और अधिशासी अभियंता की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
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भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं: चोटपुर कॉलोनी, नोएडा में बिजली सिंडिकेट के खिलाफ वर्षों से उठ रही आवाज, शिकायतकर्ताओं पर मुकदमे के आरोप
#नोएडा। भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है तो इसका एक गंभीर उदाहरण उपरोक्त कॉलोनी में सामने आने वाले बिजली व्यवस्था से जुड़े आरोपों में देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर बिजली माफियों का एक सिंडिकेट संचालित किया जा रहा था, जिसमें आम लोगों से बिजली कनेक्शन, तार जोड़ने, ट्रांसफॉर्मर और मासिक रखरखाव के नाम पर जबरन अवैध अवेद धन वसूली की जाती थी।
पिछले करीब दो वर्षों से लगातार बिजली माफिया और अवैध वसूली के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
आरोप है कि लगातार शिकायतों, ज्ञापनों और अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाए जाने के बावजूद इस पूरे प्रकरण से जुड़े मुख्य लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और वे खुलेआम घूम रहे हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन लोगों ने कथित अवैध वसूली को रुकवाने और पूरे मामले को उजागर करने के लिए अभियान चलाया, उन्हीं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दबाव में लेने और उनकी आवाज को कमजोर करने के लिए झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
मामले में अवर अभियंता अनुज कुमार सिंह, एसडीओ, अधिशासित अभियंता आदि के द्वारा सिंडिकेट से लगभग 6.50 करोड़ रूपया लिये गये झूठे आरोप में निखिल शर्मा और आदित्य सिंह को फसाने के लिए और उनकी आवाज को कमजोर करने के लिए, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अनुज कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कई शिकायतें की हैं और उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार की जाती रही है और संबंधित अधिकारियों की संपत्ति और आय के स्रोतों की भी जांच की जाए।
एक बड़ा सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि जब बिजली व्यवस्था और अवैध वसूली को लेकर लगातार शिकायतें की गईं, तो संबंधित मुकदमे में उन अधिकारियों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई जिनके खिलाफ शिकायतें पहले से दी जा रही थीं?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आम जनता से जुड़े इतने गंभीर मामले में केवल अभियान चलाने वाले लोगों पर कार्रवाई होती है और जिन अधिकारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें दी गई हैं, उनकी भूमिका की जांच नहीं होती, तो यह निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह मामला अब केवल बिजली व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनता से जुड़े भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच का भी सवाल बन गया है।
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डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के लिए रातभर कतार, मातृशक्ति ने उठाए सवाल
एक ही कैंप पर उमड़ी भारी भीड़, महिलाओं को रात रात भर टोकन के लिए करना पड़ रहा इंतजार; मुख्यमंत्री @myogiadityanath से व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग
#नोएडा , सेक्टर-63। #चोटपुर–छिजारसी डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन को लेकर एक बार फिर अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सरकार की ओर से पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्थानीय महिलाओं और परिवारों का आरोप है कि विभाग द्वारा पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उन्हें घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही स्थान पर कैंप लगाए जाने से भारी भीड़ जमा हो रही है। स्थिति यह है कि कई महिलाओं को रात रात भर टोकन लेने के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद पर्याप्त संख्या में कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से बिजली की समस्या झेल रहे परिवार अब वैध कनेक्शन मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
“पहले बिजली के नाम पर शोषण, अब कनेक्शन के लिए लाइन”
क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक उन्हें बिजली व्यवस्था की समस्याओं और अवैध वसूली का सामना करना पड़ा। अब जब वैध कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो विभाग को पहले से बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मीटर के लिए लगभग ₹5,355 जमा कराया जा रहा है और तार/लाइन से संबंधित खर्च भी अलग से बताया जा रहा है। जिन मकानों की दूरी बिजली के खंभे से काफी अधिक है, उनके सामने अतिरिक्त खर्च का सवाल भी खड़ा हो रहा है।
35–40 हजार अवैध कनेक्शनों का दावा
माननीय योगी आदित्यनाथ जी के संज्ञान में लगभग 13 हजार अवैध कनेक्शनों की बात सामने आई थी, जबकि स्थानीय स्तर पर वास्तविक संख्या 35–40 हजार तक होने का दावा किया जा रहा है। साथ ही लंबे समय से बिजली माफिया और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत तथा अवैध वसूली के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।
पुरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार सिंह, एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता वैभव मिश्रा समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध वसूली और बिजली माफिया से मिलीभगत के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री से मातृशक्ति की अपील
डूब क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया जाए। क्षेत्र में एक से अधिक कैंप लगाए जाएं, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर बनाए जाएं तथा रात में महिलाओं को टोकन के लिए लाइन में खड़े होने की मजबूरी खत्म की जाए।
मातृशक्ति का कहना है कि सरकार ने जब पात्र परिवारों को बिजली कनेक्शन देने की पहल की है, तो इसका लाभ सम्मानजनक, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिए के मिलना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बिजली विभाग की व्यवस्था सुधारने और कथित भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। @UPPCLLKO@Uppolice@PVVNLHQ@aajtak@EMofficeUP@dmgbnagar@CMOfficeUP@PMOIndia@AmarUjalaNews@News18India@ABPNews@ZeeNews@News18UP@ZeeUPUK
#नोएडा वर्क सर्किल-4 के कार्यक्षेत्र सेक्टर-62, 64, 65 समेत कई सेक्टरों में सड़कों किनारे कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। हालात ये हैं कि इन्हीं कूड़े के ढेरों में पशु मुंह मारते दिखाई दे रहे हैं। सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की मॉनिटरिंग पर है।
आखिर सड़कों पर खुले में पड़े कूड़े और पशुओं के मुंह मारने तक जिम्मेदार अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पहुंच रही? क्या किसी बड़े हादसे या बीमारी के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी? #Noida @noida_authority@CeoNoida@CMOfficeUP
@thevoicenm जेई अनुज कुमार सिंह, पूर्व अभियंता विशाल मलिक और पूर्व अधिशासी अभियंता शिवम त्रिपाठी समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जांच के बाद तथ्य सामने आने चाहिए। @UPPCLLKO@AmarUjalaNews@noidapolice
चोटपुर कॉलोनी, सेक्टर-63 नोएडा में 24 घंटे से बिजली गुल, महिलाएं परेशान
चोटपुर कॉलोनी में पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं होने के कारण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के लिए जूनियर इंजीनियर और अवर अभियंता को बार-बार फोन किया जाता है, लेकिन फोन नहीं उठाया जाता और समस्या नहीं सुनी जाती।
लोग जब बिजली घर अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं तो आरोप है कि पुलिस बुलाकर लाठी से पिटवाने की धमकी दी जाती है, वहीं जूनियर इंजीनियर पर महिलाओं के साथ बदतमीजी करने के भी आरोप हैं।
बिजली संकट से छोटे-छोटे बच्चों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें ड्रिप लगाए जाने की बात भी सामने आ रही है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि हाल ही में दिए गए अस्थायी बिजली कनेक्शन के निर्देशों को जल्द लागू कराया जाए, ताकि कम से कम बच्चों की पढ़ाई और परिवारों की जरूरतें पूरी हो सकें।
महिलाओं की मांग है कि समस्या का तत्काल समाधान हो और यदि अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा लापरवाही या दुर्व्यवहार किया गया है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। @Uppolice@UPPCLLKO@myogiadityanath@CMOfficeUP@PVVNLHQ@PankajSinghBJP@PMOIndia
📰 “#योगी अंकल, #बिजली दो!” —,#चोटपुर कॉलोनी के नन्हे बच्चों की मुख्यमंत्री जी से भावुक अपील 🙏⚡
#नोएडा। चोटपुर कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या का असर अब सीधे छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है। बिजली संकट से परेशान बच्चों ने भावुक होकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय @myogiadityanath जी से बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल कराने की अपील की है। 🥺🙏
बच्चों का कहना है—“योगी अंकल, हमें बिजली चाहिए, ताकि हम पढ़ सकें और अपना भविष्य बना सकें।” 📚⚡
बिजली न होने के कारण बच्चों को रात में पढ़ाई करने में भारी परेशानी हो रही है। कई परिवारों के बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। गर्मी और अंधेरे के कारण बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि बिजली संकट का सबसे बड़ा असर उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। 😔📖
वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि आज के समय में बच्चों की शिक्षा और भविष्य की आवश्यकता है। ऐसे में सरकार और बिजली विभाग को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से समस्या का समाधान करना चाहिए। ⚡🏠
🙏 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील
चोटपुर कॉलोनी के बच्चों और क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से भावुक अपील करते हुए कहा है कि कृपया इस गंभीर बिजली समस्या का तत्काल संज्ञान लें और क्षेत्र के सभी पात्र परिवारों को पक्की बिजली एवं वैध पक्के बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। 🙏⚡
बच्चों की एक ही पुकार—
“योगी अंकल, बिजली दो… हमें पढ़ना है, अपना भविष्य बनाना है!” ❤️📚⚡
#Chotpur #Noida #Chijarsi #Bijli #ElectricityCrisis #YogiAdityanath #UPGovernment @PMOIndia@UPPCLLKO@Uppolice@EMofficeUP@CMOfficeUP@PankajSinghBJP@PVVNLHQ@MdPvvnl