संविधान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण केवल अवसर का प्रावधान नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के विरुद्ध सामाजिक न्याय का सुरक्षा कवच है।
ऐसे में SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ या उप-वर्गीकरण (Sub-classification) की मांग सामाजिक न्याय के मूल उद्देश्य को कमजोर करने वाली है। जो लोग इसका समर्थन करते हैं, उन्हें पहले स्वयं आरक्षण का लाभ छोड़कर एक नैतिक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
जब तक समाज में भेदभाव और असमानता कायम है, तब तक वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा की हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी : @iChiragPaswan
झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा....
खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?
लोकसभा और राज्यसभा - दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है।
यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा।
झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। अगर केंद्र सरकार ने यह काला बिल वापस नहीं लिया तो झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।
प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।
हूल जोहार!
जय झारखंड!
अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है - यह बेहद चिंताजनक है।
लेकिन उससे भी ज्यादा चिंताजनक है राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी की ओर से पसरा सन्नाटा। उल्टा मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही है।
देश को आज भी गलवान के बाद प्रधानमंत्री का वह बयान याद है, जिसमें उन्होंने यह कहकर कि चीन ने हमारी जमीन का एक इंच भी नहीं लिया, भारत को भारी नुकसान पहुंचाया था।
आज भी अपनी छवि बचाने का वही ऑपरेशन जारी है - और देश की सुरक्षा से ऊपर अपनी नकली छवि को प्राथमिकता देने वाला प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है।
हमारी संस्कृति, हमारी बोली और हमारी भाषा आपकी उन्नति में बाधक नही बल्कि आपकी पहचान की मूल जड़ हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।
9 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भीलप्रदेश की धरती पर आयोजित कार्यक्रम में कोंडागांव, छत्तीसगढ़ की रेलापाटा टीम एवं गुजरात छोटा उदयपुर से राठवा सांस्कृतिक टीम द्वारा अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं प्राचीन गोंडी बोली-भाषा में दी गई शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
यह प्रस्तुतिया हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, भाषा और विरासत की जीवंत झलक थी।
हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है और हमारी प्राचीन बोली भाषा ही हमारी अस्मिता की आवाज है।
जल, जंगल व जमीन के संरक्षण में सदैव तल्लीन रहने वाले प्राचीन भारतीय संस्कृति की पहचान हमारे आदिवासी भाई-बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
@TribalArmy@OfficialBKU
झारखंड में हर वर्ष की तरह आज फिर ऐतिहासिक झारखंड आदिवासी महोत्सव मनाया जा रहा है।
विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले इस महाआयोजन के लिए आप सभी का हार्दिक स्वागत, शुभकामनाएं और जोहार।
झारखंड की धरती ने दुनिया को ऐसा जीवन दर्शन दिया है, जहाँ प्रकृति पूजनीय है, समुदाय सर्वोपरि है और संस्कृति जीवन का हिस्सा है।
यह महोत्सव केवल हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत का उत्सव नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों के प्रति हमारे संकल्प का भी उत्सव है।
जल, जंगल, जमीन और अपनी पहचान की रक्षा की लड़ाई हमारी विरासत है, और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखना हमारा संकल्प।
अबुआ दिशुम, अबुआ राज - अबुआ पहचान के साथ, अबुआ भविष्य की ओर।
झारखंड के वीर शहीद अमर रहें!
जय झारखंड!
#jharkhandsejohar
आदिवासी भाईयों एवं बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
आइए इस अवसर पर हम सभी संकल्पबद्ध होकर आदिवासी समाज के उत्थान एवं उनके हितों की रक्षा का प्रण लें।
समस्त देशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आदिवासी हमारी प्राचीन परंपराओं एवं ऐतिहासिक संस्कृति के प्रतीक हैं।
आइये, इस अवसर पर दुनिया की सबसे सभ्य एवं प्राचीन आदिवासी सभ्यता के संरक्षण एवं आदिवासी हितों की रक्षा का संकल्प लें।
#विश्व_आदिवासी_दिवस
जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले, अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सदियों से संजोकर रखने वाले सभी आदिवासी भाई-बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
प्रकृति के सच्चे सेवक समस्त आदिवासी भाई-बहनों को ‘विश्व आदिवासी दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत, अदम्य साहस, गौरवशाली संस्कृति तथा प्रकृति के साथ उसका अटूट रिश्ता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आदिवासी भाई-बहनो ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आइए, इस अवसर पर हम सभी आदिवासी समाज के अधिकारों एवं हितों की रक्षा, उनकी भाषा और संस्कृति के संरक्षण तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास के माध्यम से उन्हें सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने का संकल्प लें।
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस की आप सभी को अग्रिम शुभकामनाएं।
आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के संरक्षण का संकल्प लें। शांतिपूर्ण एवं एकजुट होकर जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को और मजबूत करें।
जोहार साथियों।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के आदिवासी समुदाय के अस्तित्व, अधिकारों एवं वर्तमान परिस्थितियों को मजबूती से रखने के उपरांत आज बांसवाड़ा में प्रवेश पर भारत आदिवासी पार्टी, बांसवाड़ा के समस्त पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों द्वारा आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस स्वागत कार्यक्रम के दौरान बारी घाटी बॉर्डर, दानपुर, ग्राम पंचायत छोटी सरवन, ग्राम पंचायत कटुंबी, ग्राम पंचायत नापला-नादिया एवं सेमलिया सहित आसपास के ग्रामीणजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और आत्मीयता के साथ स्वागत किया।
आप सभी के इस अपार स्नेह, सम्मान एवं समर्थन के लिए हृदय से आभार, जोहार।
"भ्रष्टाचार पर चुप्पी तोड़ो,
धर्मेंद्र प्रधान पद छोड़ो"
दिल्ली में बीजेपी सरकार के इशारे पर लोकतांत्रिक रूप से आंदोलन करने वाले युवा साथियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद न्याय की मांग को लेकर नगीना से सांसद व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर जी आजाद द्वारा संसद भवन परिसर में दिए जा रहे धरने में सम्मिलित हुआ |
मोदी सरकार ने 2024 के NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड के खिलाफ समय पर चार्जशीट तक दाखिल नहीं की। नतीजा यह हुआ कि उसे डिफॉल्ट ज़मानत मिल गई। और फिर भी मोदी सरकार दावा करती है कि वह कार्रवाई कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी को शर्म आनी चाहिए।
— @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, AAP