देश व दुनिया भर में रहने वाले समस्त भारतीय नागरिकों व उनके परिवार वालों को भी आज 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनायें।
आज आज़ादी के दिन को सभी लोग जितने भी हर्ष व उल्लास से आपसी भाईचारा व मेलजोल के साथ मनायें वह कम ही होगा, जबकि उच्च संवैधानिक व क़ानूनी ओहदों पर बैठे लोग अपने दायित्वों के प्रति भी ज़्यादा सचेत रहें तो यह बेहतर, क्योंकि जनता वास्तविक देश व जनहित के प्रति उनकी सही और सच्चे उत्तरदायित्व की अपेक्षा अब ज़्यादा करने लगी है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे ख़ास मौक़ों पर लोग यह उम्मीद रखतेे हैं कि यहाँ की उच्च संस्थायें भारतीय संविधान के ’चेक एण्ड बैलेन्स’ के उद्देश्य व ज़िम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ निभायेंगी, तभी भारत के गणतंत्र होने का सही लाभ यहाँ के ख़ासकर करोड़ों दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों सहित सर्वसमाज के ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, युवाओं व महिलाओं तथा अन्य मेहनतकश लोगों को, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार-मुक्त, ख़ुशी व खुशहाली की ज़िन्दगी के रूप में मिलेगा और यहाँ का लोकतंत्र व पवित्र संविधान सभी लोगों की उम्मीदों के अनुसार सार्थक सिद्ध होगा। यही आज के दिन का संदेश।
🔥 अब भाषण नहीं, हिसाब चाहिए! 🔥
आकाश आनंद जी की आवाज़ में वो तेवर है जो सत्ता से सवाल पूछता है।
भाजपा और सपा दोनों से जनता पूछ रही है—काम का हिसाब कब देंगे?
💙 जय भीम | जय भारत
#AkashAnand#BSP#Mission2027#Mayawati#जयभीम
आज लाखों युवाओं ने अपने भविष्य निर्माण को लेकर इतिहासिक शांति पूर्वक प्रदर्शन किया. सरकार के द्वारा दमनकारी नीति अपना कर इन पर लाठी चार्ज करना आँशु गैस के गोले छोड़ना बहुत ही पीड़ा दायक है.देश का युवा शिक्षा रोजगार चाहता. वह बाबा साहेब,शहीद भगत सिंह के सपनों का भारत चाहता है.
बसपा का कार्यकर्ता जब जंतर मंतर पर पहुंचा तो उसने मोदी सरकार को बुरी तरह फटकार लगाई और बसपा सरकार की कार्यशैली को बताया कि कैसे बहनजी ग़लत होने पर अपने ही MP और MLA को बुलाकर पुलिस के हवाले करा देती थीं और उनसे इस्तीफ़ा दिलवा देती थीं।
आज देश भर में नौकरियों के लिए भटक रहे बेरोजगार युवा और छात्र भाजपा सरकार के मंत्री के ख़िलाफ़ सड़को पर इस्तीफ़ा माँग रहे हैं लेकिन मजाल है मोदी सरकार को इन युवाओं की आवाज़ सुनाई दे रही हो।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
*నిద్ర పట్టడం లేదు సర్* అంటూ ఈరోజు ( జూలై 3,శుక్రవారం) ఓ బాలిక తన తండ్రితో నన్ను కలిసింది. ఆ మాట నన్ను తీవ్రంగా కలిచివేసింది. ఎంతో భవిషత్ ఉన్న బాలిక అనారోగ్యంతో బాధపడటం నన్ను కదిలించింది.
ఏపీకి చెందిన 15 ఏళ్ల ఆదివాసీ బాలిక తీవ్రమైన సోరియాసిస్ సమస్యతో ఎన్నో సంవత్సరాలుగా బాధపడుతోంది. ఈ అనారోగ్యంతో రాత్రిళ్లు నిద్రపట్టడం లేదు సర్ అంటూ నా వద్ద బాధ పడింది. వైద్య చికిత్సకు అవసరమైన భారీ ఖర్చును భరించే స్థోమత లేక మా అపార్ట్మెంట్ లో వాచ్ మెన్ బుచ్చిబాబు ద్వారా బాలిక తండ్రితో నన్ను కలిశారు.
వివరాల్లోకి వెళితే ఆంధ్రప్రదేశ్ పశ్చిమగోదావరి జిల్లా రాజ వమ్మంగి మండలం వాతంగి గ్రామానికి చెందిన 15 ఏళ్ల బాలిక కంచెం నీలిమ సోరియాసిస్తో బాధపడుతుంది.ఈ వ్యాధి వల్ల శారీర పెరుగుదల ఆగిపోయింది,గతంలోనే సర్జరీ జరిగింది.ఇప్పుడు వెన్నెముకకు సర్జరీ చేస్తే ఎదుగుదలకు అవకాశం ఉంటుందని వైద్యులు చెప్పారని ఆమె తండ్రి తెలిపారు.సర్జరీకి రూ.లక్షలు ఖర్చవుతుందని చెప్పారు.
ఆ బాలిక పరిస్థితిని చూసి చలించిపోయాను. దీంతో ఆమెకు అవసరమైన చికిత్స కోసం అయ్యే ఖర్చును సమకూర్చేందుకు నా వంతుగా కృషి చేస్తానని హామీ ఇచ్చాను. త్వరగా కోలుకుని సాధారణ జీవితంలోకి రావాలని ఆకాంక్షించా. కేవలం డబ్బు లేకపోవడం వల్ల ఆ బాలిక ఆగిపోవద్దని ఆలోచించా. అందుకే నా వంతుగా సహాయం చేసేందుకు అండగా నిలిచా.
జై భీమ్
ఇబ్రాం శేఖర్
రాష్ట్ర అధ్యక్షులు , బీఎస్పీ
अभी थोड़ी देर पहले नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की समर्थक और बहुजन वीडियो क्रिएटर निशु आजाद के पिता पर दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन में हमला हुआ है, कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान हुआ हमला
#NishuAazad#cockrochjantaparty#JantarMantar
बहनजी का शासन केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं था बल्कि गरीबों, किसानों, मजदूरों और बहुजन समाज के आत्मसम्मान को मजबूत करने वाला शासन माना जाता है।
@Mayawati Ji
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