पेलेट गन चली, इसका हवाला रिपोर्ट्स दे रही हैं। पहले जितेन्द्र सिंह ने सदन में डिनाई किया, फिर इस सरकार ने माना चली, और अब ये फिर से डिनायल करेंगे टीवी पर बैठकर और झूठ बोलेंगे। जिसका आँख गया, जिस लड़की का कान गया, जो एक लड़की वेंटिलेटर पे पहुँची, वो किसके चलते पहुँची?
सारा देश आपसे पूछ रहा है और 30 सेकंड में उसका जवाब मिल सकता है।
क्या पेलेट गन आपके आदेश से चली? अगर वो हाँ कहते हैं, तो वो दोषी हैं, उन्होंने बर्बरता की युवाओं के साथ, उनको रिज़ाइन करना चाहिए। अगर वो कहते हैं नहीं, मेरे आदेश से नहीं चली, तो पेलेट गन किसके आदेश से चली? अगर इस देश का गृह मंत्री जानता ही नहीं है, तो वो बिल्कुल विफल है, ही इज़ इनकॉम्पिटेंट टू बी द होम मिनिस्टर (He is incompetent to be the Home Minister)। दोनों सूरतों में वो उस पोजीशन पर बने रहने लायक ही नहीं हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @SupriyaShrinate 🔥
सरकारी नौकरी की तैयारी 😭
बड़े शहरों की गलियों में आपको हजारों ऐसे लड़के मिल जाएंगे, जिनकी उम्र भी 25-30 साल हो, लेकिन चेहरे पर पकवान उम्र भर जैसी नजर आती है।
ये वो लड़के हैं जो 10×8 के छोटे-छोटे कमरों में रहते हैं। कमरे में सोने के लिए एक तख्त, एक कुर्सी, किताबों का ढेर, दीवारों पर चिपके नोट्स, चूल्हा बर्तन और उम्मीदें रहती हैं और इन्हीं चार दीवारों के बीच बीत जाते हैं इनके कई-कई साल।
कोई 5 साल से तैयारी कर रहा है, कोई 10 साल से और किसी को 15 साल हो गए।
घर से दूर, नौकरी की तलाश में शहर आए थे। सपना था कि मेहनत करेंगे, परीक्षा देंगे और एक दिन नौकरी मिल जाएगी।
लेकिन इन बच्चों को मिलता क्या है?
कभी पेपर लीक, कभी परीक्षा में गड़बड़ी, कभी रिजल्ट में देरी और कभी भर्ती प्रक्रिया सालों तक अटकी रहती है।
इसी में हर रोज इनकी उम्मीदें भी मरती जाती हैं।
हुक्मरानों को कभी इन बच्चों के कमरों में भी जाना चाहिए और इनसे माफी मांगनी चाहिए।
चुनाव के समयवादों के साथ वोट मांगते हैं फिर जीतने के बाद यही बच्चे कीड़े-मकौड़ों से इतर इनके लिए कुछ नहीं होते।
इन नेताओं को AC कमरों से निकलकर इन 10×8 के कमरों में जाकर कमरे की तपन महसूस करनी चाहिए।
और देखना चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता हुआ एक हंसता-खेलता लड़का कैसे धीरे-धीरे नौकरी की चिंता, उम्र निकल जाने के डर और सिस्टम की अनिश्चितता के बोझ तले थक जाता है।
ये बच्चे एक वक्त का खाना खाने के बाद दूसरे वक्त कुछ खरीदने से पहले सोचते हैं कि कहीं महीने का बजट न बिगड़ जाए।
कई किलोमीटर पैदल चलते हैं ताकि ऑटो का किराया बच सके और उसी पैसे से अगली परीक्षा का फॉर्म भरा जा सके।
दिल्ली जाने की बजाय यह बच्चे छोटे से शहरों में आना चुनते हैं क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति इस बात की गवाही नहीं देती कि वह किसी मेट्रो सिटी में जाकर सपने देख सकें।
खेती-किसानी, मजदूर परिवार से आने वाले बच्चों की कमरे की दीवारों पर सिर्फ टाइमटेबल और सिलेबस नहीं चिपका होता...
बल्कि वहां घर की यादें, मां-बाप की उम्मीदें हैं, बीतती उम्र का डर है और उन तमाम परीक्षाओं की तारीखें हैं जिनके साथ उम्मीद भी आती है और कई बार टूट भी जाती है।
इन तस्वीरों के साथ लानत भेजता हूं तमाम सरकारों को!
@shishirmukherje@dromsudhaa Yadav dimag hai isliye daru nhi p hui gay k sath hu or awara bewde dr driver k sath nhi.
Kal ko kisi insaan ko nashe ki halat me uda dega ye bewda Dr.
Dr ho to uska maan rakho daru p k gadi chalaoge. Koi gunda charsi gardulla ho to samajh bhi aaye.
You are stupid you can't justify a drunker who driving a caar like Scorpio.
Scorpio is not a small car.
Why you can't imagine how much speed of that car when a drunker driving it.
You can't see the impact of accident that cow die on the spot cow also not a small animal which can die by small accident.
Don't support drunk and drive you will be next.
इन्हीं का नहीं लगभग हर पार्टी का वही हाल है।
गोदी एंकर और गोदी चैनल बोलेंगे पर गला साफ़ करने उन्हीं चैनलों पर जाएंगे
करोड़ों रूपये देकर पार्टी उन चैनलों के साथ कॉन्क्लेव भी करेगी
अगर ये दोनों प्रैक्टिस ये बंद कर दें तो गोदी चैनल को ज़मीन पर आने में अधिक वक़्त नहीं लगेगा
लेकिन ये पहले ये दोनों काम करेंगे और फिर विक्टिम कार्ड खेल कर सोशल मीडिया पर traction लेने आते हैं 😅
@MediaHarshVT Mtlb uska paisa vidhva mahila or anatho k liye use hoga na to problm kya hai be tujhe
Pahle to centre ko bol jo baba ramdev ne bola tha 30 35₹ wala 100% petrol bechne baad me baat kr
आदिवासी बाहुल्य राज्य में एयरपोर्ट बनना "विकास" नहीं है।
कितने आदिवासी प्लेन से सफर कर रहे हैं, इसको विकास का पैमाना बनाना होगा।
(रांची एयरपोर्ट पर फ्लाईट के इंतजार में उपजा विचार)
@rishibagree Gobar khane wale
Sara youth jo right wing k paas tha ab aadha youth opposition k paas chala gya hai
Ab ye hisab laga sc st naraj
General naraj
Half youth naraj
Kya lagta hai tujhe 240 se kitni seate kam hongi agli baar
Delemination k babjood BJP ki seat ratio me km hona tay hai