Justice is grounded in legal conclusions, documents, facts, and policies not in selective outrage. Opposing such decisions while claiming to champion justice merely exposes a contradiction. Freedom of expression must extend to everyone, not just a select few. Embracing secular values means accepting and upholding them; there is no room for double standards.
@PrarthaSingh83 फिर मुस्लिमों ने अपने बच्चों , परिवार को या अपने आप को जन्नत की हूरो से महरूम क्यों कर रख्खा है हर साल हलाल करो और बकरे की तरह जन्नत का मज़ा लो
मोहम्मद का भी तो यही पैग़ाम था और हे
@AaravChoudharyX@AmanChopra_ देश दे दिए इस्लाम के नाम पर, फिर भी इन्हें भारत चाहिए!
अब इनका कोई और इलाज बचा नहीं।
Aman Chopra तुमने इनकी मानसिकता को सही तरीके से पहचाना है। लगे रहो, देश आपके साथ है।@ajitanjum@ajeetbharti
@AmanChopra_ बहुत सही, यह तथाकथित सेक्युलरिज़्म का टूलकिट का एक और तरीका है, जिसमें हिंदुओं के भीतर ही ऐसे तत्व ( आतंकवादी ) तैयार करो ,ताकि हिंदू ही हिंदुओं के खिलाफ खड़े दिखाई दे हों, और इस्लाम का संरक्षण और समर्थन बना रहें ।भारत और दुनिया में
@ajitanjum ये दीपक भी उसी टूलकिट गैंग का हिस्सा है, जो पूरे भारत में चलाया जा रहा है जिसका एजेंडा हिंदू समाज के भीतर भ्रम, विभाजन और अशांति फैलाना है। ये लिबरल लिब्रांडू ही शांतिप्रिय समुदाय के समर्थन में क्यों आते हैं?
@news24tvchannel किसने कहा था उड़ता हुआ तीर लेने को?
इतिहास को कुरेदोगे तो सच भी निकलेगा और दर्द भी।
पाकिस्तान और बांग्लादेश ओर भारत में करोड़ों मुसलमान कैसे बने ? सिर्फ कहानी नहीं, सदियों का संघर्ष,बलात्कार ,हिंसा से जुड़ी हुई है।
@scribe9104 काहे का मुस्लिम ? अगर इसकी दादी,मां को किसी मुस्लिम ने नहीं उठाया होता , तो क्या ये आज मुस्लिम होता ? बल्कि हिंदू रहता, भारत का हर मुस्लिम तलवार से सलवार में धर्ममंत्रित हुआ है कंधार से कन्याकुमारी तक ।
RJD मुस्लिम-केंद्रित राजनीति और तुष्टिकरण से ही आगे बढ़ती आई है । कांग्रेस, लेफ्ट , आप पार्टियों भी इसी विचारधारा पर टिकी है। मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति पर कभी कोई सवाल नहीं।सलाह है कि तुम अब खुलकर मुस्लिम नाम ही अपना लो, नहीं तो आगे मानसिक बोझ और बढ़ेगा ।
@BJP4India@yadavtejashwi
वे बहस नहीं कर रहे हैं वे पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर 'मुस्लिम तुष्टीकरण' का एक पक्षपातपूर्ण नैरेटिव थोप रहे हैं। क्या यही पत्रकारिता है? आज़ादी के बाद से, ऐसे चैनल जनता को विभाजनकारी एजेंडा परोसते आ रहे हैं। चैनल, रिपोर्टर और एंकर सब पर शर्म आती है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और राजनीतिक पक्षपात को बढ़ावा देने के लिए इनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए
@HMOIndia@BJP4India
@Priyaa_Purohit By the way, Himanta Biswa Sarma and the Assam Police seem to be searching for you quite vigorously these days... You have truly become a celebrity.
1885 से जैसे तुम कांग्रेसि इस देश और इसके लोगो को देखते आ रहे हो ?
•गोरों और मुल्लों के साथ मिलकर हिंदुओं को धोखा देते आना
•देश का बंटवारा धोखे और गलत तरीके से करवाना,
•गांधी जी को मरवाकर
•1962 की हार करवाना
•370 लगाकर
•PoK देकर
•इमरजेंसी लगाकर
•सिखों का नरसंहार
•कश्मीरी हिंदुओं को भगाकर, Waqf, Muslim Wakf Act और Muslim Personal Law बनवाकर।
इस्लाम और उसके अनुयायियों की यही सच्ची वास्तविकता है, सिर्फ़ मारकाट , हत्या, जिहाद ओर जबरन धर्मांतरण । यही कारण है कि इस्लाम पिछले 1400 वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ा है, लेकिन फिर भी मूर्ख विद्वान अंधे बने हुए हैं और इस्लाम के प्रति शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार कर रहे ओर सिर रेत में छिपाकर ख़तरे को नज़रअंदाज़ करते हुए।
@ABPNews@HMOfficeindia@BJP4Delhi@DelhiPolice@ECISVEEP
संस्थाओं को एक फ्रेम में जोड़ना पत्रकारिता नहीं, एक नैरेटिव है।
ABP का “ताल ठोक के” बंद होना चाहिए।
बिना सबूत हिंदू मुस्लिम के कितने % वोट काटे ये चैनल कोन होता है फैसले देने वाला -public trust तोड़ता है सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करता हैं ।