PM हाउस के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना ग़लत है और ख़तरनाक मिसाल कैसे है?
इससे पहले भी PM हाउस के बाहर प्रदर्शन हुए हैं
डॉ मनमोहन सिंह के PM रहते अरविंद केजरीवाल ख़ुद विरोध प्रदर्शन करने पहुँच गए थे
लेकिन जैसे अभी राहुल गांधी को पुलिस उठाकर ले गई वैसे ही केजरीवाल को उठा ले गई थी
वैसे खतरनाक मिसाल उसको कहते हैं जब आप CM हाउस पर प्रदर्शन करने जायें और तोड़फोड़ करके आ जाएं पेंट पोतकर आ जायें
याद कीजिए याद कीजिए
Health Insurance Fraud : कोई भी व्यक्ति बुरे वक्त के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेता है, मैने भी @policybazaar से @CareHealthIndia का ले लिया, इंश्योरेंस 2 करोड़ का है (wb), घर के एक सदस्य की तबियत खराब हुई, डॉ को दिखाया तो उन्होंने एडमिट करने को बोला, हमने एडमिट कर दिया, इंश्योरेंस लेने की कभी सोची नहीं हमेशा अपने पैसे से इलाज करवा लिया तो कभी पता ही नहीं चला कि हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर कैसा फ्रॉड चल रहा है
इस बार सोचा ज़रा ट्राई तो करें इंश्योरेंस क्लेम का एक्सपीरियंस कर लेते हैं, सो महज 10-20 हजार का बिल बनना था हमने कैशलैस क्लेम पर डाल दिया, सोचिए करोड़ों का इंश्योरेंस और मात्र कुछ हजार का क्लेम, लेकिन मुझे झटका तब लगा जब डिस्चार्ज करवाते समय पता चला कि क्लेम रिजेक्ट हो गया, ग़ज़ब!!
तकरीबन 10-15 साल से हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है, सिर्फ प्रीमियम भरा आज तक कभी क्लेम नहीं लिया, प्रीमियम भी थोड़ा बहुत नहीं 65,000/- प्रति वर्ष, 2 वर्ष care को भरा यानी तकरीबन 1,30,000/- प्रीमियम भरा और सोचिए इतना भरने के बाद महज 10 हजार का क्लेम रिजेक्ट हो गया, अच्छा हुआ इतने में ही इनकी औकात पर चल गई कल को अगर बिल करोड़ों का होता किसी गंभीर बीमारी का तब तो अपन इंश्योरेंस ले कर भी मर जाते बिना इलाज करवाए, क्योंकि कंपनी क्लेम ही रिजेक्ट कर देती फिर इलाज कहां से करवाते
सोचिए इंश्योरेंस wb 2 करोड़ का, अपन सोच रहे थे 2cr तक तो कोई दिक्कत नहीं है अगर कभी कुछ हुआ तो इंश्योरेंस तो है ना, लेकिन आज पर चला कि कोई इलाज/क्लेम नहीं मिलने वाला, भाई प्रीमियम भरो बस इलाज की उम्मीद मत करना, वो आपको अपने पैसे से ही करवाना है और क्लेम भी नहीं मिलेगा
इस साल 3 करोड़ का करवाने वाला था, और इस से पहले ही इंश्योरेंस की असलियत सामने आ गई, भगवान का जितना धन्यवाद दूं उतना कम है, आज मैं बस इतना ही कहूंगा इंश्योरेंस एक फ्रॉड के सिवाय कुछ नहीं है, हालांकि मैं इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले कर जाऊंगा, इन्हें सबक तो जरूर सिखाऊंगा
कृपया इस पोस्ट को शेयर कर हर व्यक्ति तक पहुंचाएं, और कितने लोग हैं जिन्हें इंश्योरेंस ने ठगा है, वे भी अपनी आप बीती साझा करें
UPGB की श्रेय चोर यूनियन की रात की नींद गायब
बैंक में अगर मक्खी भी मर जाए तो यूनियन वाले दौड़कर कहते हैं - हमने किया!
लेकिन रात 2 बजे आई ट्रांसफर लिस्ट पर सबके मुँह में ताले पड़े हैं।
क्यों?
क्योंकि इस बार ट्रांसफर लिस्ट में बिना वजह, गलत, और सोर्स–पैसे के दम पर नाम लिखे गए हैं।
कुछ लोगो का हुआ तो कुछ लोगो का नहीं
जिनका हुआ उनमे भी कुछ का सही कुछ का गलत
कर्मचारी ग़ुस्से में, दिल टूटे हुए और यूनियन?
जैसे बिल में घुसा चूहा - न आवाज़, न चेहरा!
सच यही है - जब बिकाऊ हों रखवाले, तो लुटेरों के हौसले आसमान छूते हैं।
Hello @RubikaLiyaquat, That's not how you search.
Here is an Alt News fact check of Ambani's channel @News18India's 'Live fact-check'.
Step 1. Go to this ECI website : https://t.co/uAAEYV4ZRG
Step 2. Select Uttar Pradesh.
Step 3. Select District: Lucknow
Step 4. Assembly Constituency : Lucknow East.
Step 5. Part no : 84
Step 6. Add capcha and click Download. Wait for a few seconds till it gets downloaded to your Download folder in your desktop. Open the pdf file.
Step 7. Scroll down to Sl. No : 630
Step 8. Open your eyes wide and Read what's written in Hindi. ADITYA SRIVASTAVA.
Step 8. Also read when it was last modified: January 2025.
Similarly,
Step 1. Select Maharashtra.
Step 3. Select District: Mumbai Suburban
Step 3. Assembly Constituency : Jogeshwari East.
Step 4. Add Part no as : 197
Step 5. Add capcha and click Download. Wait for a few seconds till it gets downloaded to your 'Download' folder in your desktop. Open the pdf file.
Step 6. Scroll down to Sl. No : 877
Step 7. Open your eyes wide and Read what's written in English: ADITYA SRIVASTAVA.
Similarly:
Step 1. Select Karnataka.
Step 2. Select District: Bangalore Urban
Step 3. Assembly Constituency : Mahadevpura.
Step 4. Part no : 458
Step 5. Add capcha and click Download. Wait for a few seconds till it gets downloaded to your 'Download' folder in your desktop. Open the pdf file.
Step 6. Scroll down to Sl. No : 1265
Step 7. Open your eyes wide and read what's written in English: ADITYA SRIVASTAVA.
Similarly:
Step 1. Select Karnataka.
Step 2. Select District: Bangalore Urban
Step 3. Assembly Constituency : Mahadevpura.
Step 4. Part no : 459
Step 5. Add capcha and click Download. Wait for a few seconds till it gets downloaded to your 'Download' folder in your desktop. Open the pdf file.
Step 6. Scroll down to Sl. No : 678
Step 7. Open your eyes wide and read what's written in English: ADITYA SRIVASTAVA.
Step 8 : LAST BUT IMPORTANT STEP. DELETE YOUR TWEET AND VIDEO FROM SOCIAL MEDIA AND TO THE NATION FOR MISLEADING.
चित्र जी, इन पंक्तियों के पहले दिनकर लिखते हैं,
"क्षत्रिय है, यह राजपुत्र है, यूँ ही नहीं लड़ेगा
जिस-तिस से हाथापाई में कैसे कूद पड़ेगा?
अर्जुन से लड़ना हो तो मत रहो सभा में मौन.
नाम-धाम कुछ कहो, बताओ कि तुम जाति हो कौन?"
दिनकर आगे लिखते हैं,
"मस्तक ऊंचा किये, जाति का नाम लिए चलते हो,
पर, अधर्ममय शोषण के बल से सुख में पलते हो।
अधम जातियों से थर-थर कांपते तुम्हारे प्राण,
छल से मांग लिया करते हो अंगूठे का दान।"
अपने जो दिनकर की "रश्मिरथी" की पंक्तियां डाली वो उनके लिए थीं जो कर्ण को सूतपुत्र कह कर अपमानित किए।
वो पक्तियाँ द्रोणाचार्य के लिए थीं जिन्होंने कर्ण को शिक्षा से वंचित किया क्योंकि वो क्षत्रिय नहीं थे।
कर्ण के साथ जो सामाजिक अन्याय जाति के कारण हुआ उसकी परतों को खोलने के लिए पंक्तियां इस्तेमाल की गई।
दिनकर को समाहित करने की साज़िश दशकों पुरानी है, लेकिन डिप्लोमाधारी पत्रकारों को ये समझ नहीं आएगी क्योंकि किसी भी पंक्ति को समझने के लिए मस्तिष्क की संकीर्ण सोच को बाहर फेकना होता है।
जातिगत अहंकार को किनारे कर दिमाग खोल कर पढ़ना और सीखना होता है।
जाति के लिंक से कहीं पहुंचना आसान है, लेकिन असमानता को स्वीकार कर सभी को सम्मान देना कठिन, वो भी तब जब आप प्रिविलेज्ड तबके से आते हों।
तब भी जाति पूछी गई, कर्ण को हीन बताने के लिए; लेकिन आज पूछी जाएगी सबको सम्मान दिलाने के लिए।
अब स्टूडियो में भी चित्रा त्रिपाठी के साथ साथ चित्रा पासवान, चित्रा दुसाध, चित्रा राम, चित्रा मौर्य, चित्रा यादव, चित्रा पाल, चित्र चौरसिया, चित्रा अंबेडकर बैठे इसके लिए हम जाति जनगणना करवा रहे हैं। पहले लाखों कर्ण और एकलव्य से जाति पूछी गई मीडिया से लेकर ऐकडेमिक जगत से उन्हें बाहर रखने के लिए लेकिन आज जाति हक़ दिलाने के लिए पूछी जाएगी, कुछ लोगों के विशेषाधिकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए भी पूछी जाएगी।
जब सदियों से जाति अपमान के लिए पूछी गई तब तक ठीक था, जब बराबरी पर लाने के लिए पूछी जा रही तो इतनी घबराहट क्यों हो रही है?
जाति का अभिमान भी लेना है और कहना है मैं जाति में विश्वास नहीं रखती, यही है वो दोहरापन जिसने समाज में हर बहुजन को पीछे धकेला है और अब ये धूर्तता नहीं चलेगी।
अंतिम बात, रामविलास जी का पासवान लिखना उनका assertion है मगर आपका उपनाम विशेषाधिकार प्राप्त करने का साधन है और इसलिए आपका उपनाम में चौड़ लेना ही बहुजनों के ऊपर suppression है।
जयपुर में PM Unity Mall प्रोजेक्ट के लिए 2,500 से अधिक पेड़ काटकर 100 एकड़ जंगल को उजाड़ा जा रहा हैं। हजारों पक्षी-जानवर को बेघर किया जा रहा हैं। और उधर आप लोगों को "एक पेड़ मां के नाम" जैसा अभियान दिखाकर मूर्ख बनाया जा रहा है। ये विकास नहीं, विनाश है।
@GabbbarSingh@AshwiniVaishnaw@HMOIndia What an idiot you are, Abhishek Asthana
You’re the one actually promoting Pakistan’s propaganda. They misused my video by cutting out of context clips. Instead of telling people the truth, you’re just re-sharing Pakistani lies!
Only cuz of ur hate for me, you became Anti-India.
बुलडोज़र में आँख नहीं होती…दिमाग़ नहीं होता…सिर्फ़ पंजे होते हैं.
सिर्फ़ उजाड़ सकता है, बसा नहीं सकता.
अब बुलडोज़र बस्तियाँ और जंगल ही नहीं देश की शांति और सुकून भी ख़त्म कर रहा है…संविधान और क़ानून पर भी चल रहा है.
आँखें खोलिये और देखिये
अगर यही विकास है तो विनाश क्या है?
एक तरफ जहाँ हमें पेड़ लगाने चाहिए और पर्यावरण को बढ़ाना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ हम पेड़ काट रहे हैं। जिम्मेदार लोग चुप हैं। उस क्षेत्र के जानवर, पक्षियों की तस्वीरें सवाल उठाती हैं—हम उनके घर तोड़ रहे हैं जो बोल नहीं सकते वो अपने लिए न्याय नहीं माँग सकते 🙏🏻🙏🏻
प्रकृति ही जिनका घर है
। #SaveTrees #saveforest #hasdevforest #environment
@Arpita_twts @TheKeralaPolice@Abhishe10113217@anuragt1165@askrajeshsahu@cloud30944@FcwArora@Gurpree71786914 @Arpita_twts कुछ भी पोस्ट करने से पहले एक बार फैक्ट करना जरूरी है, खासकर पत्रकारों के लिए. भावनाओं में बहकर और किसी विचारधारा से प्रभावित होकर लिखने और पोस्ट करने से बचिए. ये फेक न्यूज़ और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का दौर है, इससे सावधान रहिए. फिलहाल के लिए ये वीडियो फेक है.