जिसने अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अश्लील-मॉर्फेड-फेक कंटेंट बनाई थी उसका नाम/पता सब पब्लिक डोमेन में था! दो-तीन दिन तक
खूब सर्कुलेट होता रहा! लेकिन तब चैनल पर सन्नाटा था!
राहुल गाँधी की भांजी के साथ फोटो/वीडियो पर कितना गन्दा मेसेज सर्कुलेट हुआ! चुप्पी थी! इससे जुड़े कंटेंट आज भी सोशल मीडिया पर मिल जाएंगे! इन मुद्दों पर कोई खोज परक रिपोर्टिंग नहीं हुई!
अब तक न्यूज़ चैनल ने खुद को विपक्ष और उनके समर्थकों का खुद का विरोधी बना लिया था! वे उनसे लड़ते रहते थे! इसमें वे कहीं न कहीं खुश भी थे!
लेकिन जंतर मंतर प्रोटेस्ट के बाद इन्होने पूरी पीढ़ी को अपना विरोधी बना लिया है! पूरी पीढ़ी को अपने खिलाफ कर लिया है!
इसका बड़ा असर न्यूज़ इंडस्ट्री में होगा!
आप देखते रहें, देश की ४० करोड़ जेन जी/युवा पीढ़ी से जोड़ते हुए इनोवेटिव न्यूज़ प्लेटफार्म अगले एक साल में कई सारे आएँगे! वे खूब चलेंगे! उन्हें अच्छा विज्ञापन भी मिलेगा क्योंकि मार्किट के वे बड़े कंस्यूमर वहीँ होंगे! क्योंकि इनसे कनेक्ट करने में यू Tube के मौजूदा लोग भी उतने प्रभावी तरीके से नहीं जोड़ पाएंगे! यह एक नया विंडो खुला है! जो इसे पहले टैप करेगा, वह लाभ में रहेगा!
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार।
लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें?
और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है।
जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो ख़ुद “remote controlled” हैं।
उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।
कह दिया था - चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी।
आज कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है।
फरवरी से अब तक: ₹1,380 की बढ़ोतरी - सिर्फ़ 3 महीनों में 81% का इज़ाफ़ा।
चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई - हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा। और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा।
पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीज़ल पर।
संशोधन विधेयक गिर गया।
उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया।
भारत ने देख लिया।
INDIA ने रोक दिया।
जय संविधान।
In line with the ceasefire in Lebanon, the passage for all commercial vessels through Strait of Hormuz is declared completely open for the remaining period of ceasefire, on the coordinated route as already announced by Ports and Maritime Organisation of the Islamic Rep. of Iran.
ज़बरदस्त ! ज़बरदस्त !
देखिए उस एंकर से हंगरी के नए चुने गए पीएम पीटर मग्यार ने कैसे बात की जिस एंकर ने मग्यार के विपक्षी नेता होते उनके लिए अपमानजनक बातें की थी!
पीटर मग्यार ने महिला एंकर को याद दिलाया कि उसने क्या किया था मग्यार के साथ, महिला एंकर ऑन एयर माफ़ी के लिए गिड़गिड़ाने लगी!
मग्यार ने कहा तुमसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं, संस्था तो ठीक करना है।
दरअसल हंगरी के सरकारी टीवी पर हंगरी के विपक्षी नेता के तौर पर पीटर मग्यार पर अनाधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा हुआ था (जैसे कि भारत में सरकारी और गोदी मीडिया दोनों में लगा हुआ है)
अब जबकि पीटर मग्यार जीत कर आए हैं, वे हंगरी के ‘दूरदर्शन’ पर ये कहने के लिए आए कि हंगरी में ओर्बनोदी (ओर्बन गोदी) मीडिया का दौर ख़त्म हो गया है।
Video of the Years ! Save it for Future !
In intensive talks at highest level in 47 years, Iran engaged with U.S in good faith to end war.
But when just inches away from "Islamabad MoU", we encountered maximalism, shifting goalposts, and blockade.
Zero lessons earned
Good will begets good will.
Enmity begets enmity.
Wars are tragic, yet they remain a reality.
Any language or action that contemplates the end of civilisation is unacceptable in the modern world.
The use of nuclear weapons can never be justified - under any circumstances.
मोदी जी ने कहा था - LPG Gas Crisis को COVID की तरह हैंडल करेंगे।
और सच में वही किया।
बिल्कुल COVID के जैसे ही - नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर।
₹500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा - शहर छोड़ो, गाँव भागो।
जो मज़दूर textile mills और factories की रीढ़ हैं - आज वही टूट रहे हैं।
Textile sector पहले से ICU में है। Manufacturing दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहाँ से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।
जब अहंकार नीति बन जाए - अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है।
सवाल एक ही है - हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।
ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियान
“जब मैं अमेरिकी लोगों को संबोधित कर रहा था, हमारी स्ट्रेटेजिक काउंसिल ऑन फॉरेन पॉलिसी के हेड को टारगेट करके उनकी हत्या की कोशिश की गई, जिसमें उनकी बेगुनाह पत्नी शहीद हो गईं। दुनिया को फैसला करने दो; कौन सी पार्टी बातचीत और मोल-भाव करती है, और कौन आतंकवाद?”
Just as I was addressing the American people, the head of our Strategic Council on Foreign Policy was targeted in an assassination attempt, leading to the martyrdom of his innocent wife. Let the world judge; which side engages in dialogue and negotiation, and which in terrorism?
Multiple attacks on health have been reported in the Iranian capital, Tehran, in recent days amid the escalating conflict in the Middle East.
The Pasteur Institute in Iran sustained significant damage and was rendered unable to continue delivering health services.
The Institute was established in 1920 and has been operating for over a century in multiple areas of medical research. It plays an important role in protecting and promoting population health, including in emergencies. Two of its departments have been working with @WHO as collaborating centres.
In addition, the Delaram Sina Psychiatric Hospital sustained significant damage due to a strike on 29 March, and the Tofigh Daru pharmaceutical facility, which produced medicines for treating cancer and multiple sclerosis, was damaged in another attack on 31 March.
No casualties were reported from these incidents.
Since 1 March, WHO has verified over 20 attacks on health care in Iran, resulting in at least nine deaths, including that of an infectious diseases health worker and a member of the Iranian Red Crescent Society.
Attacks on health have also been recorded outside Tehran, including on 21 March, when an explosion nearby Imam Ali Hospital in Andimeshk, Khuzestan province, led to the facility’s evacuation and cessation of services.
The conflict in Iran, and the region, is impacting the delivery of health services and the safety of health workers, patients, and civilians present at health facilities.
Peace is the best medicine.
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।
हमें और दीपकों की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।
हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
तुम बब्बर शेर हो। 🇮🇳
जब भी कोई सत्ता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है उसे आतंकवादी कह दिया जाता है, भगत सिंह को भी अंग्रेजों ने यही कहा था, आज काले अंग्रेजों की हुकूमत है, वो भी हमारी अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई को गद्दार, देशद्रोही और आतंकी कह देते हैं।
हमारा देश कैंसर की राजधानी बन रहा है और इस पूरे गंदे खेल के असली गॉडफादर हैं ,
भ्रष्ट नेता और बेशर्म अधिकारी, जो जनता की थाली में ज़हर डालने वालों के संरक्षण का ठेका उठाए बैठे हैं।
• Taller, Stronger, Sharper वाली चॉकलेट ड्रिंक में चीनी , एडिटिव्स , स्टेबलाइजर , बच्चों को बीमार करो , कंपनी को मालामाल करो, और नेता–अफसर अपनी जेब भरें।
• केसर–इलायची वाले दानों का पूरा खेल सिंथेटिक फ्लेवर और फर्जी पैकेट का है—मिलावट माफिया कमाता है, और अफसर नजराना लेकर आंखें बंद कर लेते हैं।
• इंस्टेंट noodles की हेल्दी कहानी—असल में MSG, कलर्स, प्रिज़र्वेटिव का ज़हर। वॉर्निंग देने की जिम्मेदारी FSSAI की, पर वहाँ भी फाइलें पैसा देखकर ही चलती हैं।
• रेड चिली, हल्दी, मिक्स मसाला — सूडान डाई और इंडस्ट्रियल कलर्स; जनता खाए तो बीमारी, माफिया बेचे तो करोड़ों, और नेता–अफसर अपनी हिस्सेदारी में मुस्कुराएँ।
• Ready-to-eat snacks — ट्रांस-फैट से भरा जहर, पर कोई पूछने वाला नहीं, क्योंकि नियामक विभाग खुद सबसे बड़े दलाल की तरह काम करता है।
• Juices, biscuits, syrups — HFCS + केमिकल्स, पर जनता की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है नेताओं का फंडिंग मॉडल और अधिकारियों का महीने का कट।
• Paneer, ghee, sweets — डिटर्जेंट, यूरिया, सिंथेटिक फैट, और जिस FSSAI पर खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वो मिलावट माफिया की सुरक्षा कर रहा है।
ये कोई गलती नहीं >
ये पूरा सिस्टम बनाया ही इस तरह गया है कि जनता बीमार पड़े, अस्पताल कमाएँ, कंपनियाँ फूले–फले और राजनीति–ब्यूरोक्रेसी को पैसा मिलता रहे।
इसका नाम गगन प्रताप है।
बहुत पहले से ही बीजेपी भक्त है।
इससे मुस्लिम बच्चे भी कोचिंग पढ़ते हैं और सब्सक्रिप्शन भी लेते हैं।
देश के मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बता रहा है।
डियर स्टूडेंट्स अब लोगों की जिम्मेदारी है ऐसे नफरतियों का बहिष्कार करो जो समाज में नफ़रत घोल रहे हैं।
ख़ासकर मैं मुस्लिम युवाओं से अपील करूंगा ऐसे लोगों के पास पढ़ने मत जाओ ये ख़ुद ही ठीक हो जायेंगे। इसने अब पोस्ट डिलीट कर दिया है।
लेकिन इसकी मानसिकता आपके सामने लाना जरूरी था।
आज मध्य प्रदेश जा रहा हूं।
और जब से ये खबर देखी है कि वहां बच्चों को मिड-डे मील अख़बार पर परोसा जा रहा है, दिल टूट सा गया है।
ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और उन्हें इज़्ज़त की थाली तक नसीब नहीं।
20 साल से ज्यादा की BJP सरकार, और बच्चों की थाली तक चुरा ली गई - इनका 'विकास' बस छलावा है, सरकार में आने का असली राज़ तो 'व्यवस्था' है।
शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालन-पोषण कर रहे हैं।
Video Courtesy: @Anurag_Dwary
वोट चोरी से हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चोरी की गई है - और इसका ब्लैक एंड व्हाइट सबूत आपके सामने हैं।
- ब्राज़ील की एक मॉडल हरियाणा की वोटर लिस्ट में 10 बूथों पर 22 वोट - अलग-अलग नाम से
- एक ही फोटो के साथ 223 वोट एक बूथ में - नाम हर बार नया
- एक ही घर में 501 वोटर दर्ज - वो घर जो सिर्फ़ कागजों पर है
- पूरे राज्य में 1,24,177 फर्ज़ी तस्वीरों वाले वोटर
- हज़ारों लोग ऐसे हैं जिनके वोट हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों जगह हैं - इनमें कई BJP के नेता और कार्यकर्ता
- दो मंज़िला पुराने मकान, कोई 'फुटपाथ या खंभा' नहीं, फिर भी “मकान संख्या 0”
मानना पड़ेगा - “व्यवस्था” सच में टाइट थी और ये साफ है कि EC और BJP ने मिल कर हरियाणा का चुनाव चुराया है।
मैं हिंदुस्तान के युवाओं, देश के Gen-Z से आग्रह करता हूं - सत्य और अहिंसा का हाथ थाम कर चलें और भारी संख्या में निकल कर मतदान करें।
वोट चोरी को हराने और लोकतंत्र की रक्षा करने का यही सबसे बड़ा हथियार है।