Her name was Maharani Gayatri Devi.
She was born on May 23, 1919, in London. Her father was the Maharaja of Cooch Behar in Bengal. She grew up riding horses, playing polo, and studying in England and Switzerland.
At 12 years old, she met the Maharaja of Jaipur, Sawai Man Singh II. He already had two wives. After an eight-year courtship, she married him on May 9, 1940, and became the third Maharani of Jaipur.
Gayatri Devi refused to observe purdah. At a time when royal women were expected to remain behind veils, she appeared in public confidently and unapologetically. She later founded Jaipur’s first modern school for girls. Vogue magazine also named her among the ten most beautiful women in the world.
In 1962, she joined the Swatantra Party and contested the Lok Sabha election from Jaipur. Out of 246,516 votes cast, she received 192,909 votes, nearly 78 percent of the total.
It was recorded in the Guinness Book of World Records as the largest electoral majority ever won by any candidate in a democratic election at the time.
When she visited the United States, President John F. Kennedy introduced her publicly as “the woman with the most staggering majority that anyone has ever earned in any election in the world.”
She won the Jaipur seat again in 1967 and once more in 1971, each time defeating the Congress.
Then came the Emergency.
In June 1975, Prime Minister Indira Gandhi declared Emergency across India. One month later, Gayatri Devi was arrested on charges of tax evasion.
She was 56 years old and spent five and a half months inside Tihar Jail.
After the Emergency ended, she gradually withdrew from politics. Her husband had died in 1970, and her only son died in 1977. She spent the rest of her life quietly in Jaipur until her death on July 29, 2009.
She was 90 years old.
A queen who won the world’s largest election majority.
A woman jailed by the very Prime Minister she had spent years opposing.
Her school for girls still stands in Jaipur today.
Follow for stories India deserves to remember.
हिन्दू बाहुल्य तमिलनाडु में
ईसाई मुख्यमंत्री बन सकता है !
हिन्दू बाहुल्य राजस्थान बिहार महाराष्ट्र
और असम में मुस्लिम मुख्यमंत्री बन चुके हैं !
परन्तु ईसाई बाहुल्य नागालैंड में
हिन्दू मुख्यमंत्री नही बन सकता !
मुसलमान बाहुल्य जम्मू कश्मीर में
हिन्दू मुख्यमंत्री नही बन सकता !
यहाँ तक कि सिख बहुल पंजाब में
हिन्दू मुख्यमंत्री नही बन सकता !
लेकिन तब भी हिन्दू असहिष्णु है,
हिन्दू कम्युनल है, हिन्दू संविधान विरोधी है
आरएसएस फासिस्ट है
कितने दोगले नरेटिव है देश में..
She is Tara Shahdeo, a national-level shooter.
In 2014, she married a man introduced as Ranjit Kohli, but later she found that her husband had hidden his religious identity and he was actually Raqibul Hasan who had posed as Ranjit Kohli.
After that, she was forced to convert her religion by Raqibul Hasan, his mother Khushar and Mustaque Ahmad, who served as the registrar of vigilance.
She was beaten and even tortured but she refused to convert her religion. Later, she was rescued and admitted to a hospital. At that time, she decided to fight the legal battle.
After 9 years, in 2023, CBI court sentenced life imprisonment to Raqibul Hasan, 10 years imprisonment to his mother Kushar and 15 years imprisonment to Mustaque Ahmad.
Tara Shahdeo fought bravely for 9 years. Her courage also inspired countless other women to stand up and fight fearlessly for justice.
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
▪️1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
▪️2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
▪️3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
▪️4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
▪️5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
▪️6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
▪️7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
▪️8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
▪️9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
▪️10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
▪️11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
▪️12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई-देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी,पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है।अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है।तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
सादर धन्यवाद पढ़ने के लिए !!🙏
-साभार
Need to change the domination of countries in the world map ..India certainly needs supports to roar in every policy making system ..
@vladimirputiniu who is going to sanction the US..
तळतळ तळतळ तळतळ तळतळ..!😹😹
देवाभाऊंनी केलेला वार अगदी योग्य आणि अवघड ठिकाणी बसलाय. उद्धव ठाकरेंना रडताही येईना आणि दाखवताही येईना..!
उद्धव ठाकरे तुम्ही कितीही टोमणे मारा अथवा रडा, पण मुंबईकरांना चांगलंच माहिती आहे त्यांच्यासाठी विकासाची गंगा कोणत्या भगीरथाने आणली ते..!😎
@Dev_Fadnavis ❤️ #TeamDevendra
एक विचारणीय पोस्ट ----
भारत में राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्ष और भावी अध्यक्ष...
कांग्रेस - सोनिया का बेटा
शिवसेना - उद्धव ठाकरे का बेटा
NCP - पवार की बेटी
RJD - लालू का बेटा
SP - मुलायम का बेटा
JDS - देवेगौड़ा का बेटा
TMC - ममता का भतीजा
BSP - मायावती का भतीजा
TRS - चंद्रशेखर राव का बेटा
TDP - चंद्रबाबू नायडू का बेटा
Akali Dal - बादल का बेटा
National Conf - फारुख अब्दुल्ला का बेटा
PDP - मुफ़्ती की बेटी
YSRCP - राजशेखर रेड्डी का बेटा
BJD - बीजू पटनायक का बेटा
LJP - रामविलास पासवान का बेटा
JMM - शिबू सोरेन का बेटा
RLD - अजित सिंह का बेटा
JDS - देवेगौड़ा का बेटा
INLD - चौटाला का बेटा
DMK - स्टालिन का बेटा
BJP - पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता
जरा सोचिये....
*BJP के अलावा लोकतंत्र किस पार्टी मे हैं ?
*ये सब अपने बच्चों की चिंता करते हैं या देश की ?
@NewsAlgebraIND Interviewer : "Your birth name is Salim. You changed it Yogendra because children mocked you. Why don`t you change it back to Salim now."
Yogendra (aka Salim) : "Why should i change it. Why don`t you change yours?
Interviewer : "Why should i change my name. It is my birth name"
४२ हजार कोटी रुपये खर्च करून नवीन पुणे बेंगळुरू महामार्ग.
महाराष्ट्रात २०६ किमीचा सहापदरी रस्ता असणार आहे आणि पुणे,सातारा,सांगली,बेळगावी, बागलकोट,गदग,कोप्पल,बल्लारी,दावणगिरी,चित्रदुर्ग,तुमकुरू,बेंगळुरू हे जिल्हे असणार आहेत.
या ६९९ किमी चा प्रस्ताव केंद्र सरकार कडे मंजुरी साठी पाठविण्यात आला आहे.
@Dev_Fadnavis@narendramodi
ऐसे चमन चूजो पर ध्यान मत दीजिए।🤓
अखिलेश जलील का दूसरे मजहब के त्योहारों पर ज्ञान क्यो नहीं निकलता?
आख़िर इसे हिंदू धर्म से इतनी नफ़रत क्यो है?
आपको क्या लगता है वीडियो देखकर Repost कर के अपनी राय दे।🙏🏻
यूक्रेन के राष्ट्रपतिने सिर्फ नाटो की सदस्यता के लिए अच्छे खासे प्रगतिशील देश को खंडहर बना दिया.
साथ में करीब 30% भाग रूस को दे दिया, जो अब उसे कभी नहीं मिलेगा.
और सबसे दु:खद, 4 लाख लोगो को मरवा दिया, लाखो जनता को शरणार्थी बना कर दर दर भटकने को मजबूर कर दिया.
और, कल अमेरिका ने घोषणा कर दी की अब यूक्रेन कभी भी नेटो का सदस्य नही बन सकता.
सफेद या हरी टीशर्ट पहन के बंदरो की तरह उछलकूद करने से देश नही चला करते बाबू - चाहे वो यूक्रेन हो या भारत.
और एक बात जेलन्स्की की मां भी विदेशी मूल की है, और अपने यहां पप्पू की मां भी विदेशी मूल की है ।
महान नीतिकार चाणक्य जी की बात याद कर लीजिए, कि विदेशी माता से जन्मा व्यक्ति कभी भी राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता.
"कार का वज़न 3000 किलो और बाइक का वज़न 100 किलो क्यों होता है?"
क्योंकि कार का इंजन आपको मार डालता है 🤡
आखिर इस जोकर के जोकरई का मजा अकेले-अकेले भारतीय भी क्यों ले ??
भाई कुछ कोलंबिया के लोगों का भी अधिकार है भारत के जोकर पर हंसने का
🤣🤣🤣😂
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाला 100 वर्ष पूर्ण झाली. संघ वाईट, विहिंप, बजरंग दल वाईट... पण......
हिंदूच्या समस्यांवर हिंदू म्हणून लढणारी
हिंदूंच्या धर्मांतराविरोधात बोलणारी
हिंदूंमध्ये घरवापसीसाठी राबणारी
हिंदू म्हणून हिंदूंचे प्रश्न मांडणारी
हिंदूंना हिंदू म्हणून शिक्षण देणारी
हिंदू एकत्रिकरणासाठी प्रयत्न करणारी
हिंदूंच्या संघटनासाठी राबणारी
पाकमधल्या हिंदूंना मदत करणारी
प्रताडीत हिंदूंना मदत करणारी
आदिवासिंच्या हिंदू मूळ परंपरा जपणारी
मिश्नऱ्यांविरोधात हिंदूंची ढाल बनणारी
जिहादयासमोर हिंदूंसाठी उभी राहणारी
लव्ह जिहाद(?) मुलींसाठी काम करणारी
गरीब हिंदूंना आरोग्य सुविधा देणारी
हिंदूंना राजकीय आवाज देणारी
एकही संघटना संघ/भाजपविरोधी गटाला/ विचारधारेच्या लोकांना का कधी उघडता आली नाही? संघ तेव्हाच संपेल जेव्हा या मुद्यांवर तुम्ही सुद्धा काही काम कराल...हिंदूंची धर्मांतर, अपीजमेंट, फसवून मुली पळवनं, मुस्लिम मूलतत्ववाद्यांची दडपशाही, धर्मापासून दूर जाणारा समाज, धर्माबद्दलच अज्ञान, धर्मांतराचे रॅकेट, हिंदूंचा बुद्धिभेद, मिश्नऱ्यांच फंडिंग हे मुद्दे अस्तित्वातच नाही का?
या मुद्द्यांच/प्रश्नाचं अस्तित्व नाकारल्यानेच संघाला कायम बळ मिळालं आहे. पहिले हिंदू म्हणून हिंदूंचे काही प्रश्न आहे हे मान्य करा. त्यानंतर येतो तो त्याबद्दल बोलण्याचा मुद्दा. संघाला विरोध करून तो अजिबात संपणार नाही. तर संघ ज्या लोकांसाठी ज्या विचारधारेतून काम करतो तस paralally काहीतरी उभं करावं लागेल...
काँग्रेस, पुरोगामी, उदारमतवादी, विवेकवादी यांनी असे काही प्रयत्न केले का?
प्रलोभन, चमत्कार, फसवणूक करून केलेल्या धर्मांतराविरोधात यातलं कोणी बोलतं का?
दुसरी गोष्ट म्हणजे संघविषयी आकलन बदलण्याची वेळ आलीये. संघ फक्त ब्राम्हणाचा अशी मोघम मांडणी केराच्या टोपलीत टाकून दिली पाहिजे. संघामध्ये अठरापगड जातीचे लोक काम करतायत. अनेक दलित आदिवासी संघाचे पदाधिकारी आहे. नेतृत्व पातळीवर ते का नाहीत हे मुद्दा रास्त आहे. पण बहुतांश जातींमध्ये संघाबद्दल acceptance आहे.
अनेक ठिकाणी दलित, आदिवासी स्वयंसेवक संघाच्या शाखा चालवतात हे मी बघितलं आहे.
संघ प्रेरित पक्षाच्या नेतृत्वात एक ओबीसी पंतप्रधान होतात, दलित राष्ट्रपती होतात, एक आदिवासी महिला राष्ट्रपती बनतात. हे प्रचंड सिंबोलीक आहे.
Bulletproof jacket वर तुम्ही भात्यातले जुनेच बाण काढून माराल तर काहीच साध्य होणार नाही.. संघाच mechanism समजून घ्या.... हिंदू identity हे वास्तव आहे. त्याला कोण कसं हँडल करणार?
- सौरभ कोरटकर