@GauravPalRaj ये वही महिलाएं है जिसके पति कमाने सालों बाहर रहती है ओर ये फिर भी मां बन जाती है ओर यही महिलाएं किसी के बर्थडे मरनी हॉर्नी में महिलाओं के नंगन नित्य देखना अपनी सन ओर संस्कृति समझती है इनके पति हमारे सीजी में आके कमाते है ओर एक यह महिला रखेगी ओर वह इनकी बीहता म बन जाती है ओर बोलो
@s_afreen7 हिंदुओं को नाचने के लिए बुर्के की जरूरत नहीं ठीक ये तुम्हारी कौन की ही लड़कियां है जिन्होंने अपने अंदर के डांसर को बाहर निकाला है ।।।।। पर बुर्का नहीं निकल पाई
बच्चों ने खोली स्कूल प्रशासन की पोल।।।कबाड़ में बेची जा रही थीं सरकारी किताबें ।।।
गया जी (बिहार) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कोच प्रखंड के छतीहर जमालपुर विद्यालय के बच्चों ने हिम्मत दिखाकर स्कूल प्रशासन की पोल खोल दी है।।।
छात्रों का आरोप है कि जहाँ एक तरफ वे किताबों के बिना पढ़ाई करने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ स्कूल की प्रभारी द्वारा बच्चों को बांटी जाने वाली सरकारी किताबों को कबाड़ में बेचा जा रहा था।।।
बच्चों ने जब किताबों से भरी बोरियां कबाड़ी वाले के टेंपो में लादे जाते देखा, तो चुप बैठने के बजाय तुरंत अपने फोन से इसका लाइव सबूत (वीडियो) बना लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नई नवेली सरकारी किताबें बोरियों में भरकर बेची जा रही हैं।।।
छात्रों द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चों के इस साहसिक कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है और लोग स्कूल प्रशासन व दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।।।
क्या ऐसे बढ़ेगा देश, जब बच्चों के हक की किताबें कबाड़ में बिकेंगी???
@YadavManish1001 भैया ऐसा है चपरासी कलेक्टर की परीक्षा की तैयारी आप 12 के बाद करते हो व्यासपीठ में बैठने की तैयारी बच्चे अजब 3 साल का होताहिया तब से किया जाता है बचपन से उसे शास्त्र ओरमांत्रो का ज्ञान दिया जाता है तब जा कर वह 17 18स्ल में व्यासपीठ समभालताहै पहले पद्धति जानो सीखो फिर आय करो
जनता के सेवक कहलाने वाले विधायक-मंत्रियों के लिए बगलें, पर जो लोकतंत्र की असली मालिक जनता है उसे उन्हें व्यवस्थापन के नाम ऐसे घर दिए गये हैं जहाँ इतनी गर्मी में बिजली तक नहीं है। अगर इन्हें हटाना ही था तो कम से कम उनके लिए अच्छे से व्यवस्था तो कर लेते।
ये वीडियो देख अगर थोड़ी सी भी लज्जा आ रही को तो कृपया अब हत्या रोक दीजिए क्योंकि यह नेचुरल डेथ नहीं हत्या है जिसे आपके के द्वारा भी किया जा रहा है।।जिसका सबूत अदृश्य है।
रोक दो इस मौत की होली को इन मूक प्राणियों की हत्या का श्राप ओर इनकी हाय किसी को नहीं छोड़ती।।
@PMOIndia