ये तो फर्जीवाड़े की हद हो गई...
जननायक कहने भर से कोई जननायक नहीं बन जाता, कब तक फर्जी वीडियो के सहारे राहुल गांधी की ब्रांडिंग करता र��ेगा (इंडी गठबंधन) !
CJP Exposed – Part 2
Why does CJP refuse to discuss real education reforms?
NEET seats have more than doubled. The education budget has crossed ₹1 lakh crore for the first time. IITs, IIMs and NITs have expanded significantly.
Yet, instead of debating these tangible achievements, some choose to push narratives while remaining silent on reforms that have transformed India’s education landscape.
सैल्यूट है ऐसे पत्रकार को जो ऐसे नकली प्रोटेस्ट को सच्चाई दिखाते है।
न तो कुलदीप सेंगर ब्राह्मण हैं
न ही भाजपा ब्राह्मणों की पार्टी है
और न ही देश के प्रधानमंत्री ब्राह्मण हैं।
जब पत्रकार ने सही सवाल पूछे तो पत्रकार को जवाब देने की जगह भागने लगी।बस इतनी ही औकात थी इन लोगों की।
सरकारी बाबू और BLO जो काम का प्रेशर नहीं झेल पा रहे हैं ।
कृपा अपनी जाN न दे इस्तीफ़ा दे दे । हम समझ सकते हैं आपके काम करने की आदत नहीं है
वर्कप्रेशर क्या होता है ? जानना हो तो बॉर्डर पर खड़ी सेना और तुम्हारे घर के बाहर चैक पोस्ट पर खड़ी पुलिस से पूछना वो बताएंगे 🫡
@NayakRagini@NayakRagini ma'am with due respect, main apke post sharing kafi dino se dekh raha hu but honestly mujhe kahin se bhi aap ek itni badi party ki spokesperson kam aur newly collage pass out without any vision troll jada lagti ho sorry to say but....
कांग्रेस के IT सेल का एक और बड़ा झूठ पकड़ में
महाराष्ट्र बैलगाड़ी दौड़ को दिखाया राहुल गांधी बिहार यात्रा
चमचों नकल के किए अकल की जरूरत होती हे
मालिक के साथ चमचे भी बैलबुद्धि ..?😅😅
��ो राहुल गाँधी और खड़गे ने, जो दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष हैं, इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग नहीं लिया। इनके लिए ‘इंदिरा भवन’ ही देश है, जहाँ के वो राजा हैं।
इसी कारण यह पार्टी अब राष्ट्रीय परिदृश्य में वापसी को भूल ही जाए। इनके हृदय में राष्ट्र को ले कर कोई सम्मान नहीं है, इन्हें लगता है कि देश इनके बाप का है और फ्रंट रो में कुरसी न मिले, तो वहाँ नहीं जाएँगे।
राहुल और कॉन्ग्रेस क��� वर्तमान समस्या यह है कि नेहरू जी ने संविधान में, या इंदिरा ने संशोधित संविधान में, यह व्यवस्था नहीं की थी कि कॉन्ग्रेस चाहे सत्ता में रहे या न रहे, नेहरू-गाँधी परिवार के नकारे लोगों को ही झंडा फहराने का सम्मान दिया जाएगा और वो लोग सदैव सबसे आगे बैठेंगे।
भारत आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से देश के बंटवारे की त्रासदी को याद कर रहा है। यह हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान असंख्य लोगों द्वारा झेले गए दुख और पीड़ा को स्मरण करने का दिन है। यह दिन उनके साहस और आत्मबल को सम्मान देने का भी अवसर है। इन्���ोंने अकल्पनीय कष्ट सहने के बाद भी एक नई शुरुआत करने का साहस ��िखाया। विभाजन से प्रभावित ज्यादातर लोगों ने ना सिर्फ अपने जीवन को फिर से संवारा, बल्कि असाधारण उपलब्धियां भी हासिल कीं। यह दिन हमें अपनी उस जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है कि हम सौहार्द और एकता की भावना को सुदृढ़ बनाए रखें, जो हमारे देश को एक सूत्र में पिरोकर रखती है।
#PartitionHorrorsRemembranceDay