मुसलमानों के नाम पर अपनी सियासी रोटी सेकने वालों ने कभी मुसलमानों के मुद्दों को इस तरह नहीं उठाया होगा जिस बेबाकी से नेहा बोरा ने आवाज़ उठाई है
मुसलमानों का झोला भर भर कर वोट लेने वाले तो "मुसलमान" लफ़्ज़ बोलने से परहेज़ करते हैं
will @cockroachjantaparty take responsibility for what is happening?
you ended everything with word-of-mouth promises from fascists, and now people are fending for their lives while you're giving interviews to godi media.
protesters are being picked up from their hostels and arrested. muslims are being arrested simply for being muslim. people have lost their eyesight after pellet injuries. the Goonda Act is being invoked in Bengal. student activists are being abducted in Bihar.
these people are your responsibility. these muslims whose lives are being destroyed for being muslim are your responsibility.
शहस्ता परवीन:- बच्चो को क्यो रोका है
दिल्ली पुलिस:- ये प्रोटेस्ट में गए थे
शहस्ता:- प्रोटेस्ट में जाना तो संवैधानिक अधिकार है
दिल्ली पुलिस:- मै...मै...मैडम हम पकरे नही है पूछताछ के लिए बिठाया है
(कैमरे पर हाथ मारते हुए) ये हैलो कैमरा बंद कर 😳
पत्रकार:- हम मीडिया से है
शहस्ता:- आप पुलिस गाडी मे बिठाकर कौन सी पूछताछ कर रहे थे
पीडित छात्र:- ये हमे अरेस्ट करने को बोल कर ���े जा रहे थे सर का नाम सुधीर सिंह है
दिल्ली पुलिस अब जंतर-मंतर पर आने जाने वाले छात्रो को गिरफ्तार करने पर ऊतारू हो गई है...
वो तो भला हो शहस्ता परवीन जी और मो• अफजल आलम भाई का जिन्होने बच्चो को बचा लिया !!
मेरे दोनो बच्चे अंदर है मै बाहर खडा हू!😲
मै कंपनी मे करोडो की सैलरी पर हू😳 हमने इतने दिनो से बच्चो को बैठे देखा था पर मन नही पिघला मगर कल जो देखा...ये धीटपना गलत है अब जितने बच्चे है उससे 3 गुना लोग आयेंगे क्योकि अभी तक बच्चे है अब उनके परिजन आयेंगे बच्चो के लिए मुझे आना पडा उन्होने मुझे धिक्कारा
प्रोटेस्ट में एक छात्र हाथ जोड़कर खड़ा है पुलिस लाठियों से पीटती रही उस सिपाही ने आखिर में उसके सिर पर लाठी मारा उसके बाद वह छात्र वहीं सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया।
कुत्ते पुलिस वाले हत्या के लिए भेजे गये हैं।
उस पुलिस वाले पर attempt to murder का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाय।
@HMOIndia@AmitShah
Hum Yaad Rakhenge!
Listen to these 8 minutes of pure gold from Neha on the police brutality against students. The fire in her words, the conviction in her voice.
She has returned after 23 days of fasting, but nothing has dimmed her spirit.
मेरे देशवासियों इस बहन का विडिओ सुनकर तुमारा खून न खोल रहा है तो तुम जीते जी मर चुके हो
यह दिल्ली पुलिस की बर्बरता को दर्द के साथ बया कर रही है कितनी गंदी गंदी गालियां दी लड़कियों को दिल्ली पुलिस गालियां कितनी क्या बोली इस बहन के मुह से सुन लो
फिर भी तुम घरों में ���ुपकर बेठे तो तो तुम इस देश मे ग़ुलामी को स्वीकार कर चुके हो यह जान लो
एक बात समझ लो दिल्ली में लड़कियों को सुरक्षित महसूस क्यों न करती क्योंकि दिल्ली पुलिस की हरकतें कल पूरा देश देख चुका
अब हर जगह यह विडिओ इस बहन का दर्द को समझ लो