اک عمر کے بعد آیا ہے جینے کا سلیقہ
دکھ ہوگا اگر جان بچانے میں چلا جائے
इक उम्र के बाद आया है जीने का सलीक़ा
दुख होगा अगर जान बचाने में चला जाए
— SAQI FARUQI —
مٹی کی محبت میں ہم آشفتہ سروں نے
وہ قرض اتارے ہیں کہ واجب بھی نہیں تھے
मिट्टी की मुहब्बत में हम आशुफता सरों ने
वह कर्ज़ उतारे हैं कि वाजिब भी नहीं थे
— IFTIKHAR ARIF —
جسم آیا کسی کے حصے میں
دل کسی اور کی امانت ہے
जिस्म आया किसी के हिस्से में
दिल किसी और की अमानत है
— SHARIQ KAIFI —
yaum-e-paidaaish ki mubaarakbaad dada. ❤️
जिस (परमात्मा) को जानने से सब कुछ जान लिया जाता है और जिसको जाने बिना सब जाना हुआ व्यर्थ कहलाता है, बस उसको जानो । उसीमें पूर्णता है, तृप्ति है, आनंद है, जीवन की सार्थकता है ।
- सप्रेम हरिस्मरण