@btetctet पिछले 2.5 साल से पदस्थापित हूँ, कोई भी संस्कृत का शिक्षक पूर्व में नहीं था। मैंने यथाशक्ति 9-10 के बच्चों को पूर्ण निष्ठा से पढ़ाया फलस्वरूप मुझे 11-12 कक्षा में 4 बच्चे मिले हैं, 6 माह बाद इनकी बोर्ड परीक्षा है,9-10 के बच्चों को मैं ही पढ़ाता हूं मुझे सरप्लस घोषित कर दिया गया है
नमस्कार साथियों 🙏
लगातार 4 घंटे की मेहनत के बाद हमने अकाउंट को फिर से रिकवर किया है जो लोग हमारे आंदोलन के खिलाफ है वो अकाउंट की रिपोर्ट कर रहे हैं जिसके कारण अकाउंट कुछ समय के लिए ब्लांक कर दिया गया था वह लोग याद रखें आप कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन हम हिम्मत नहीं हारेंगे अन्तिम समय तक प्रयास करेंगे....
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳
'Reservation Hatao Andolan'
#reservationhataomovement
In a democracy, every policy must be open to debate, including Reservations.
It's time we start demanding changes in Reservations.
Reservation Hatao Movement is about those reforms!
एक सांसद खुल कर धमकियाँ दे रहा है। कॉकरोच के सामने बिछने वाली सरकार तार्किक आंदोलनों को धमकियाँ तो देगी ही। वामपंथियों के दो ट्वीट तो तुमसे हटते नहीं। कोर्ट से पलटवा लेते हैं। आप ये अकाउंट हटवा कर देख लो, पता चल जाएगा कि जनता का मूड क्या है।
My friends, sm family & media friends : this is the designated spot to give bites to media. Yet see the police including 2 lPS to stop me from speaking against Ethanol 20 blending policy!
Why wont this happen to u? My Instagram account is also suspended...
वाह रे इंदौर की नकली प्लास्टर वाली पुलिस...
इंदौर में दो अपराधियों को किसी संगीन जुर्म में पकड़ा गया. जनता की मांग थी कि इनकी पिटाई की जाए और पब्लिक जुलूस निकाला जाए.
पुलिस और अपराधियों के बीच 20,000 रुपए में सौदा तय हुआ. दोनों अपराधियों के हाथ में नकली प्लास्टर लगा कर लंगड़ाते हुए सड़क पर घुमाया गया. जेल के अंदर ले जाने समय, जेल के गेट पर दोनों अपराधियों ने अपने हाथों में लगी फर्जी पट्टी उतार फेंकी.
किसी ने वीडियो बना लिया इसका. अब इंदौर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
भूख से छटपटा कर म"र गए ,, मदद नहीं मिली
बिहार के खगड़िया में भूख से 55 साल के शख्स की मौ"त...
पत्नी राशन लाने बहन के घर गई थी, 2 दिन डेड बॉडी के साथ रही चंदे से अंतिम संस्कार कि...
#बिहार#Khagariya
ये हैं असली छात्र! इनकी मांगें मानी जाएं, तभी सरकार की नीयत और व्यवस्था की निष्पक्षता पर भरोसा होगा।
छात्रा फाल्गुनी ने कहा, मैं धनबाद से आई हूँ। मैंने जेपीएससी परीक्षा दी थी। हमें पूरी प्रक्रिया में कई अनियमितताएं मिलीं। 14वीं जेपीएससी परीक्षा के कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए गए और ओएमआर शीटों में भी कई त्रुटियां पाई गईं। हमारी मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द की जाए और निष्पक्ष एवं उचित प्रक्रिया के तहत दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए। हम पूरी भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता भी चाहते हैं।
यह लाल झा हैं
जाति से ब्राह्मण हैं
मधुबनी के रहने वाले हैं
नारियल बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं
लेकिन इन्हें जातिगत आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा
क्योंकि सरकार के अनुसार ब्राह्मण जन्म से राजा होता है
क्या समानता लाने के लिए जातिगत आरक्षण खत्म नही होना चाहिए? आरक्षण को जड़ से मिटाना होगा
आरक्षण मिटाओ अभियान का हिस्सा बनें 🤟
सेवा में,
माननीय , मुख्य सचिव,
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना।
विषय: समायोजन (Surplus Adjustment) प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन एवं शिक्षक हित में आवश्यक सुधार किए जाने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि वर्तमान में चल रही समायोजन (Surplus Adjustment) प्रक्रिया के संबंध में प्रदेश के शिक्षकों के बीच अनेक व्यावहारिक समस्याएँ एवं असंतोष उत्पन्न हो रहे हैं। शिक्षा विभाग से विनम्र अनुरोध है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक संशोधन करने की कृपा करें—
1. विद्यालय स्तर पर स्वैच्छिक चयन का अवसर दिया जाए।
जिन विद्यालयों में PTR के अनुसार शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहाँ विभाग द्वारा सीधे किसी शिक्षक को सरप्लस घोषित करने के बजाय संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को स्वयं यह अवसर दिया जाए कि जो शिक्षक स्वेच्छा से समायोजन कराना चाहते हैं, वे आवेदन करें। इससे अनावश्यक विवाद समाप्त होंगे तथा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत होगी।
2. हाल ही में स्थानांतरित शिक्षकों को सरप्लस घोषित न किया जाए।
जो शिक्षक हाल ही में स्थानांतरण लेकर अपने गृह जिला अथवा अन्य प्रखंड में आए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरप्लस घोषित किया जा रहा है। यह उनके साथ न्यायसंगत नहीं है। इस नियम में आवश्यक शिथिलता प्रदान की जाए।
3. म्यूचुअल ट्रांसफर से संबंधित तकनीकी समस्या का समाधान किया जाए।
कई शिक्षकों को संदेश प्राप्त हो रहा है कि पिछले एक वर्ष में स्थानांतरण होने के कारण वे म्यूचुअल ट्रांसफर के पात्र नहीं हैं, जबकि SOP की कंडिका-4 में सभी पात्र शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर का अवसर देने का स्पष्ट प्रावधान है। अतः इस तकनीकी त्रुटि का शीघ्र समाधान किया जाए।
4. मॉडल विद्यालय के शिक्षकों के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
मॉडल विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के समायोजन एवं स्थानांतरण के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि उनके हित सुरक्षित रह सकें।
5. सरप्लस शिक्षकों के लिए पुनः स्वैच्छिक विकल्प का अवसर दिया जाए।
विभाग विद्यालयवार सरप्लस सूची जारी कर शिक्षकों को पुनः स्वेच्छा से समायोजन हेतु आवेदन करने का अवसर प्रदान करे। इच्छुक शिक्षक स्वयं आवेदन करेंगे, जिससे अनावश्यक असंतोष एवं विवाद समाप्त होंगे।
6. पति-पत्नी वरीयता का प्रावधान समायोजन में भी लागू किया जाए।
स्थानांतरण नीति संकल्प संख्या 656/2026, दिनांक 25.06.2026 के अनुलग्नक-1 के बिंदु 14(क) एवं 14(ख) में पति-पत्नी को वरीयता अंक प्रदान करने का प्रावधान है। किंतु समायोजन प्रक्रिया में ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया है। अतः नीति की भावना के अनुरूप समायोजन में भी पति-पत्नी वरीयता का प्रावधान लागू किया जाए।
7. दिव्यांग शिक्षकों को सरप्लस सूची से बाहर रखा जाए।
दिव्यांग शिक्षक विशेष परिस्थितियों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अतः मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें सरप्लस सूची से बाहर रखा जाए अथवा समायोजन से यथासंभव छूट प्रदान की जाए।
8. विषयवार आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समायोजन किया जाए।
कई विद्यालयों में केवल एकमात्र उर्दू शिक्षक को ही सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इससे संबंधित विषय की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी। इसलिए समायोजन करते समय केवल PTR ही नहीं, बल्कि विषयवार आवश्यकता का भी ध्यान रखा जाए।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि शिक्षक हित, विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित तथा स्थानांतरण नीति की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए उपर्युक्त सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक संशोधन करने की कृपा करें, ताकि समायोजन प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायपूर्ण, मानवीय एवं व्यावहारिक बन सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS)
@BiharEducation_@Mkrtiwari_bjp