Amit Shah is solely responsible for the police brutality against India’s students.
If he ordered the attack, he is culpable. If he was unaware, he is incompetent.
छात्रों पर बर्बरता के ज़िम्मेदार अमित शाह हैं!
या तो उन्होंने इस हमले का आदेश दिया - ऐसे में वो सीधे गुनहगार हैं।
या फिर उन्हें हमले की कोई जानकारी नहीं थी - ऐसे में वो नाकाबिल गृह मंत्री हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
This is shocking!
Five Muslim Students returning to Jamia area from Jantar Mantar were detained by the police near @jmiu_official and taken to the police station. Social activist Zeba Khan @zeba_kh_an and the reporter Afzal Alam @afzalalamjmi chased the police vehicle and freed all the Students.
Hello @DelhiPolice, Why were they detained, is it a crime to participate in Jantar Mantar protest?
Why are young Students from the Jamia area being treated like criminals just for participating in the protest?
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी।
परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है।
कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे।
22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही ख़ामोशी।
मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है।
22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।
मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
“The Narendra Modi government has responded to the students’ courage with cowardice and wanton cruelty, treating them not as inheritors of the future but as enemies of the nation.
The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity.
If is our moral, political and constitutional duty to stand with students and safeguard their future.”
Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi Ji.
@rajeevranjanMKH आप जैसों के साथ यही समस्या है , निष्पक्ष दिखने के आज भी कांग्रेस का नाम लेना पड़ता है!
जे पी ने खुलेआम सेना और पुलिस से सरकार के खिलाफ होने के लिए कह दिया था,
कल्पना करिए! आज कोई कह दे ! तो क्या होगा?
ये सरकार पिछले १२ साल से देश की जनता को देशद्रोही बोल रही है,
और आप अभी भी..
Hello @republic, Please decide whom to blame for the Protest at Jantar Mantar.
You once Blame America ( Both Trump & Soros)
Then you blamed China,
Then you blamed Bangladesh,
Then you blamed Pakistan,
And then CIA.
And Arnab later blames the protesters when the heckle your 'Hard working Reporters'.
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
तलाकशुदा मिसेस अग्रवाल तुम जैसी महिला जो अपना पति और परिवार नहीं संभाल पायी तुम समाज में अच्छे भले लोगों पर छींटाकशी करती हो पहले अपने गिरेबान में झांककर देखो।
तुम्हें शर्म नहीं आती अपने नाम के आगे त्रिपाठी लगाती हो।
सत्ता के दलाल तुम जैसों में हिम्मत है तो जंतर मंतर एक बार होकर आओ।
भाजपा की सोशल-पॉलिटिकल क्रिमिनोलॉजी की क्रोनोलॉजी समझिए:
- भाजपा ने देश के सौहार्द को बाँटा
- अन्य राजनीतिक दलों को बाँटा
- राज्यों में बिरादरियों को बाँटा
- स्थानीय समाजों को बाँटा
- रिश्तेदारों व मित्रों को बाँटा
- संयुक्त परिवारों को बाँटा…
…अब ये बच्चों और उनके अभिभावकों तक को बाँटने तक पहुँच ही गये थे लेकिन इस बार ये कामयाब नहीं हो पाये क्योंकि दिलों के रिश्ते किसी के बाँटने से नहीं बँटते हैं।
अब तो कट्टर-से-कट्टर भाजपाई भी अयोध्या में भगवान के मंदिर तक को लूटनेवाले भ्रष्ट भाजपाइयों व उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ कांड व दिल्ली में बच्चियों, बच्चों, माँ-बाप, डॉक्टर्स, पत्रकारों व आंदोलन के समर्थन में आए हर सच्चे-अच्छे भारतीय पर हुए अमानवीय हिंसक वार-प्रहार से बेहद शर्मिंदा हैं। कुछ ने भाजपा के विरोध में, तो कुछ ने जनता के आक्रोश का सामना न कर पाने के डर से, गाड़ियों और अपने घरों-दुकानों, मकानों से भाजपा के झंडे उतार दिये हैं।
अच्छा हुआ समय रहते सबकी आँखें खुल गईं हैं क्योंकि सबको अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है और देश की एकता की भी। ये एक ख़ुशनुमा बदलाव है।
अब भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी!