A woman was beaten to death at a crowded bus station in India, with CCTV showing bystanders watching as her partner attacked her.
The accused was arrested, but video of police beating him has raised questions about due process.
Indian authorities have demolished a mosque in Saharanpur, Uttar Pradesh, following a court ruling. The case was filed by a member of a Hindu nationalist group.
Mosque authorities say the building dates back to 1911. Rights groups are questioning the legality of the decision.
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
मस्जिद की ज़मीन पर कलेक्ट्रेट था, न कि कलेक्ट्रेट की ज़मीन पर मस्जिद।
देश के अधिकतर थानों में मंदिर हैं, मगर सरकार को वे अवैध नहीं लगते। बस मस्जिद ही अवैध नज़र आती है।
आपने आस्था के नाम पर बाबरी जाने दिया, अब जो कुछ हो रहा है, वह उसी का नतीजा है।
#Saharanpur#Masjid#Injustice
मुस्लिम महिला पत्रकार शाहीन और नफीसा के साथ पुलिस ने किस हद तक ज्यादती की, इसे आप वकील मेराजुल हसन की बातों को सुनकर समझ सकते हैं।
वकील हसन का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों के साथ न सिर्फ बुरी तरह मारपीट की, बल्कि उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से छुआ भी।
#4PM#Shaheen
BBC हिन्दी की खोजी पत्रकारिता का जबाब नही. बीबीसी हिंदी की पत्रकार शुभांगी मिश्रा ने सनसनी खेज खुलासा किया है.
क्या आप लोगों Aam Janmat Party का नाम सुना है.
इस पार्टी को 2023-24 में 620 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
सभी बड़ी विपक्षी पार्टी Congress को 2023-24 में 281 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
यानी Congress पार्टी से भी 339 करोड़ रुपए ज्यादा चंदा Aam Janmat Party को मिला है.
जब Shubhangi Mishra गुजरात के अहमदाबाद गयीं तो पार्टी का दफ्तर बंद निकला. पार्टी के अध्यक्ष Gaurav Mishra फ़ोन नही उठा रहे हैं.
स्रोत : चुनाव आयोग & ADR
न्यूज़ सौजन्य : BBC Hindi
ये Zee News के आज रात के ‘देशहित’ कार्यक्रम का Menu है।
Menu की पहला डिश है-
“एक मस्जिद के सामने बुलडोजर इन वेटिंग।”
और आख़िरी डिश है-
“बाबर गैंग को योगी का खुला चैलेंज!”
देश का इससे बड़ा हित और क्या होगा?
देश सूचना के मंदिर में हाथ जोड़कर आपका ऋणी होगा!!
मैं आज आपके सामने देश की कुछ बेटियों का जिक्र करूंगी।
1. निशु आजाद
2. शाहीन खान और नफीसा खान
3. आकृति चौधरी
4. रुचिका सिंह
निशु आजाद स्कूल में पढ़ती हैं और दलित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं।
निशु ने जंतर-मंतर के आंदोलन में हिस्सा लिया और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात को रखा, जहां BJP राइट विंग के हिंसक लोगों ने उनके पिता से मारपीट की।
मारपीट करने वाले का नाम है- स्वतंत्र भारद्वाज, जिसका बड़े-बड़े चैनल इंटरव्यू कर रहे हैं। अपने इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज बड़ी ही बेशर्मी से अपने हिंसक किस्से सुना रहा है।
दलित समाज के लिए अपमानसूचक शब्द का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इसके खिलाफ किसी धारा में कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा।
: महिला कांग्रेस अध्यक्ष @LambaAlka जी
📍 दिल्ली
सरकारी पैसों की बर्बादी देखिए..
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई नहीं रहता है लेकिन उस घर की सुरक्षा के लिए पिछले 20 साल से PAC का पूरा कैंप ड्यूटी देता है जिसमें 15 जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं!
टैक्स पेयर के पैसों की ऐसी बर्बादी इतिहास में आपने आज तक नहीं सुनी होगी.!
राजीव रंजन की पत्रकारिता को भी भी सलाम करता हूँ जिन्होंने ये सच दुनियां को दिखाया!
Mr Anurag Kumar @CPDelhi@DelhiPolice ,
Informing an individual's family during interrogation or detention is a legal mandate, not an optional courtesy.
Yesterday, I was taken for interrogation after my morning walk under the assurance that it would take very little time. However, as the hours stretched on, my repeated requests to inform my wife of my whereabouts ,the concerned Police Officials/Officer simply stated they were "following instructions."
I was only permitted to make a call at 6:38 PM, leaving my family & friends in total panic the entire day.
I request that you issue clear instructions to all units directing officers to strictly uphold the legal duty of immediately informing the family of any person taken for interrogation , so that no citizen’s family has to endure the distress that mine suffered.
•अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरुण कुमार का कहना है कि GDP का आंकड़ा संगठित क्षेत्र के आधार पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है.. इसलिए 7.8% की GDP ग्रोथ वास्तविक नहीं, बल्कि हेरफेर किया हुआ आंकड़ा है
•मजेदार बात समझिए—अगर जेफ बेजोस और एलन मस्क किसी स्टेडियम में प्रवेश कर जाएँ, तो उस पूरे स्टेडियम की औसत आय अचानक 1 अरब डॉलर हो जाएगी!😂
•यानी औसत का खेल समझिए, जमीन पर जनता की हालत नहीं📊😏
मोदी सरकार में पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों में पलीता लगा दिया है और नई फजीहत पैदा कर दी है।
वित्तीय मामलों में निर्भीकता के साथ सच बोलने की कीमत सुभाष चंद्र गर्ग उठा चुके हैं। निर्मला सीतारमण ने इन्हें वित्त मंत्रालय से बाहर कर दिया था लेकिन सुभाष जी ने सच बोलना नहीं छोड़ा।
अब सुभाष जी ने कहा है कि सरकार जो 7.8 ग्रोथ रेट का आंकड़ा बता रही है वो फर्जी है असली ग्रोथ रेट 2.6 है। सुभाष जी कहते हैं कि यह केवल आंकड़ों में कलाकारी कर रहे हैं और हकीकत की जगह जनता को सब्जबाग दिखा रहे।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।