@ShivrajXind अगर इसे मोहब्बत का निभाना कहते हैं तो मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं आपको भी ऐसी ही पत्नी मिले।
जब शादी होनी थी तब मोहब्बत कहां थी ?
शादी से पहले क्यों हिम्मत नहीं दिखाई?
जब शादी हो गई तो नई दुनिया की शुरुआत करो जो छूट गया छूट जाने दो या फिर तलाक लो फिर जाओ प्रेमी के पास जाओ
11 हजार पदों को ही बम्पर कहा जा रहा है क्योंकि सारे नेता जानते हैं कि भाषण में बंपर कह देने से सभी लोग प्रचार करने लगेंगे और हमारा फायदा होगा। ये बताओ नियमावली में संशोधन कब तक हो जायेगा?
आंदोलन को कमजोर करने की तैयारी है ये सब
जो लोग कह रहे कि 11 हजार पदों का अधियाचन भेजा गया है, वह सही हैं, लेकिन आधा। असल में 11 हजार पद शहरी क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों के लिए प्रस्तावित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइमरी और अपर प्राइमरी के लिए करीब 48 हजार पदों पर भर्ती अनुमानित है।
बाकी 11 हजार पद को सरकार बंपर कहकर नहीं प्रचारित करेगी। ऐसा मेरा तजुर्बा कहता है।
बाकी आखिरी फैसला उन्हीं के हाथ में है, हम लोग तो बस सोर्स के हवाले ही बता सकते हैं, सोर्स 100% सही नहीं होता।
लेकिन अधियाचन तो सिर्फ 11 हजार का ही गया था और वो भी वापस हो गया ये कहा कि नियमावली में संशोधन होना है फिर ये 60 हजार कहां से आ गई भर्ती तो 2021 से आ रही है मगर रास्ते में पुल टूट गया तो वहीं पर रुकी पड़ी हैं
अभी जो सूचना है, उसके मुताबिक 60 हजार शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन अगले महीने आने वाला है।
एक अधिकारी का तो यह भी दावा है कि दिसंबर तक नियुक्ति दे देंगे।
हालांकि व्यवहारिक रूप से यह संभव नजर नहीं आता। लेकिन चुनाव क्या न करवा दे। बहुत सारे अप्रत्याशित फैसले देखे हैं।
@Annu_jodhpur एंटायर पालिटिक्स में डिग्री ले ली जाए और फिर रेलवे स्टेशन पर चाय बेची जाए हो सकता है PM बनने का मौका मिल जाए।
चीनी के भाव बढ़ गए तो नाले से गैस निकाल कर सिलिंडर में भरी जाए ये सही रहेगा
@ews_army कम से कम जानकारी तो पूरी दिया करो तुमने सिर्फ महिलाओं को बताया लेकिन इसमें तो पुरुष भी मान्य हैं। पुरानी आदत गई नहीं अधूरी जानकारी देकर लोगों को गुमराह करते आए हो और जब सच्चाई पता चल जाती तो मुंह छुपाने लगते हो
@yogeshmahur007@Sachingupta जो जहां का रहने वाला है वहां की कमियों को नहीं दिखाएगा तो।क्या तुम्हारे घर की दिखायेगा।अन्य राज्यों में तुम चले जाओ किसने मना किया जाने को। कमियां दिखाओ सुधार करवाओ जिससे जनता का ही भला होगा है।ऐसे जवाब से ही सीजेपी की मुहिम में सबको जोड़ दिए हो तुम लोग। देते रहो ऐसे तर्क
जिस जगह पर स्कूल चल रहा है, उनके मालिक को सुनिए👇
“ये तबेला है, इसमें गाय-भैंस बंधती हैं”
'' स्कूल की छत की पट्टियां तीन साल से टूटी पड़ी हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। नतीजा ये कि तीन साल से बच्चे स्कूल की जगह तबेले में पढ़ने को मजबूर हैं
जिस जगह मवेशी बांधे जाते थे, वहां बच्चों का भविष्य बांध दिया गया"
जितना CJP कार्यकर्ताओं को रोकने में ताक़त लगा रहे है उतना स्कूल को ठीक करने में ताक़त लगते तो ये हाल नहीं होता…
काश लखीमपुर खीरी की पलिया और निघासन ब्लॉक के स्कूल भी यूपी में ही होते ताकि सभी स्कूलों में ऐसी व्यवस्था होती। मगर अफसोस की बात खीरी जिला वरुण ग्रह पर है जिसके कारण कोई सुविधा नहीं स्कूलों को। शिक्षामित्रों के सहारे हैं स्कूल।
काश
काश ऐसा हो पाता.......
अंतरिक्ष से जुड़ते सपने, विज्ञान की ओर बढ़ते कदम...
जनपद महोबा के विकासखंड चरखारी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (G.P.) पाठा में स्थापित ISRO SAC Village Vaigyanik Space Lab विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का नया अवसर प्रदान कर रही है।
स्पेस लैब के माध्यम से बच्चे विज्ञान एवं अंतरिक्ष से जुड़ी अवधारणाओं को अनुभव और प्रयोग के माध्यम से समझ रहे हैं, जिससे उनमें जिज्ञासा, तार्किक सोच और प्रयोगधर्मिता को प्रोत्साहन मिल रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं तकनीक आधारित अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित कर उन्हें भविष्य की संभावनाओं के लिए सक्षम बनाने हेतु सतत प्रयत्नशील है।
@MahobaBSA #SchoolEducation #SamagraShiksha #BasicEducationUP #BasicShikshaUP
@Mrsinha जैसे किसी कंपनी में CEO GM अन्य पदाधिकारी और मजदूर होते हैं ऐसे ही ये नाम पदाधिकारी लोगों के हैं बाकी मजदूर लोग काम करते हैं ये नाम तो देख रेख करते हैं और मजदूरों को रुपये देते हैं।
आज से IT CELL KA सदस्य नहीं उन्हें मजदूर कहा जाएगा बस और क्या जो हैं वो बता दिया
@MrigendraSpeaks@Dev_Fadnavis यहां किसी की भावना की गांव आहत नहीं हुई।
सबकी भावना विपक्षी नेताओं से ही आहत होती है
मतलब भावना अपनी गांव बीजेपी नेताओं खुदवा सकती है तब उसे दर्द नहीं होगा
@shah_shivjee ये तो जांच का विषय है विदेशी फंडिंग से देश में स्थिरता पैदा करने चाहते हैं।
ये मधुमक्खियां नहीं आतंकवादी देशद्रोही खालिस्तानी अलगाववादी और कांग्रेसी हैं इसलिए इन्हें सिर्फ बीजेपी के लोगों से नफरत है।
ये उन्हें मारने के प्लान में थे अब सीबीआई ed और RAW से जांच होनी चाहिए
@MrigendraSpeaks@CJP_is_back दीपिके के ट्वीट के पहले तो ये बहुत बड़ा शेर बन रहा था बाद में ढेर हो गया
इनकी पार्टी में सब सरेंडर ही हो जाते हैं
पहले खुद को भगवान समझते थे
डर अच्छा लगा
अभी DD1 में एक चाटुकार बैठा है जिसका इस्तीफा होना चाहिए
अब एक नहीं सैकड़ों दीपिके बन चुके हैं देश में किसे डरायेंगे ये
@Divya_trpathi वाकई कुछ लोग पढ़ लिखकर भी हाजिल ही रहते हैं अब हाजिलों को कौन समझाए कि उस लतवे चाटने वाले में राजशाही दिखाई थीं वो अपने आप को भगवान समझ रहा था सारी अकड़ उसकी वांग में घुस गई
जो अपने पद और पावर का रोब दिखाए उसकी वांग ऐसे ही सुजा देनी चाहिए
@aakash_mishra1@abhinaymaths@SushantBSinha@SauravDassss विदेशी फंडिंग के लिए विदेश मंत्रालय क्या कर रहा है विदेशों से इतना रुपया आ रहा है और भारत सरकार के मंत्रालय खाली बैठे हैं
ऐसे मंत्रियों को अपनी नाकामी पर शर्म आनी चाहिए
काम नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ दें
कुर्सी है कोई जनाजा थोड़े ही है जो छूटेगा नहीं
@askrajeshsahu अरे अब इनको भी शिक्षक अभ्यर्थियों की फिक्र होने लगी
ऐसा क्या हुआ
क्यों पत्रकारिता से काम नहीं चल रहा है क्या
जब तक @myogiadityanath@thisissanjubjp हैं तब तक यूपी में सब चंगा सी
यूपी में किसी को रोजगार नहीं चाहिए अगर जरूरत होती तो चुनाव के समय दिख जाता