उपभोक्ता परिषद की बात सही साबित हुई, बिना निजीकरण के बिजली क्षेत्र में हो सकता है सुधार—अब 42 जनपदों के निजीकरण की साजिश रचने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : अवधेश कुमार वर्मा
सरकारी कर्मचारियों के लिए #parents_care_leave पर बड़ा update: 45 दिन सवैतनिक छुट्टी का प्रस्ताव: राज्य सभा में बिल पेश : मंजूर
*"माता-पिता की सेवा अब अधिकार: ‘पवित्र बंधन अवकाश विधेयक 2026’ से कर्मचारियों को मिलेगा 45 दिन का सवेतन अवकाश मिलेगा*। **********************************
*"पवित्र बंधन (माता-पिता देखभाल अवकाश) विधेयक, 2026" (The Sacred Bond (Parent Care Leave) Act, 2026)* का संक्षिप्त विवरण निम्न हैं:-
*विधेयक का मुख्य उद्देश्य*
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यह विधेयक कर्मचारियों को अपने वृद्ध माता-पिता के स्वास्थ्य, चिकित्सा और भलाई की देखभाल के लिए विशेष सवेतन अवकाश (Paid Leave) प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
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*विधेयक के मुख्य प्रावधान* (Key Provisions)
*अवकाश की अवधि*: किसी भी कर्मचारी को अपने पूरे सेवाकाल (Entire Service Period) में कुल मिलाकर अधिकतम 45 दिनों का 'पेरेंट केयर लीव' (Parent Care Leave) मिलेगा।
*माता-पिता की परिभाषा*: इसमें जैविक (Biological), सौतेले, दत्तक (Adoptive) माता-पिता के साथ-साथ सास-ससुर भी शामिल हैं, बशर्ते उनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो।
*किस पर लागू होगा*: यह नियम केंद्र व राज्य सरकार के विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और ऐसे निजी संस्थानों पर लागू होगा जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
*वेतन और शर्तें*: *
(१)यह पूरी तरह से सवेतन (Full Pay) अवकाश होगा।
(२))इसे कर्मचारी की किसी अन्य जमा छुट्टी (जैसे- कैजुअल या अर्न लीव) से नहीं काटा जाएगा।
(३)बची हुई छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Encashment) नहीं मिलेगा।
*आवेदन की प्रक्रिया*: छुट्टी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट या अस्पताल में भर्ती होने के दस्तावेज देने होंगे। आपात स्थिति (Emergency) में बिना पूर्व अनुमति के भी छुट्टी ली जा सकती है, लेकिन 7 कार्य दिवसों के भीतर दस्तावेज जमा करने होंगे।
*कर्मचारी संरक्षण और दंड* (Protection & Penalties)
(१)कर्मचारियों की सुरक्षा: इस छुट्टी का लाभ उठाने वाले किसी भी कर्मचारी को प्रमोशन, इंक्रीमेंट या ट्रांसफर के मामले में किसी भी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
*नियोक्ता पर जुर्माना*: यदि कोई कंपनी या नियोक्ता बिना किसी ठोस कारण के यह छुट्टी देने से मना करता है या कर्मचारी को परेशान करता है, तो उस पर ₹50,000 से लेकर ₹2,00,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
*फर्जीवाड़े पर कार्रवाई*: यदि कोई कर्मचारी जाली मेडिकल दस्तावेज देकर छुट्टी लेता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी और उसे छुट्टी के दौरान मिला वेतन वापस करना पड़ सकता है।
*विधेयक लाने के कारण* (Objects and Reasons)
बढ़ती बुजुर्ग आबादी: भारत में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और काम के सिलसिले में युवाओं के बाहर रहने के कारण देखभाल की कमी हो रही है।
*सैंडविच जनरेशन' पर दबाव* 35 से 55 वर्ष के वे कर्मचारी जो एक साथ अपने बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल कर रहे हैं, उन पर अत्यधिक मानसिक और आर्थिक दबाव है।
*सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण*: भारतीय संस्कृति के 'मातृ देवो भव, पितृ देवो भव' और 'पुत्र धर्म' के सिद्धांतों को कानूनी और व्यावहारिक रूप से समर्थन देना ताकि नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाया जा सके।
संक्षेप में, *यह एक कल्याणकारी विधेयक है जो यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों को बीमारी के समय अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने के लिए अपनी नौकरी या वेतन का नुकसान न उठाए*।
भारत सरकार का कहना है कि यदि केंद्र ने मिनिमम वेज को 7000 से अधिक कंसीडर किया तो अधिक वाले वेज के अनुसार बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसी आधार पर अगर सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को भी मिनिमम वेतन 18000 के आधार पर बोनस का भुगतान करे तो कुल बोनस ₹18000×30÷30.4 के अनुसार ₹17763.00 बनना चाहिए। हालांकि पे कमिशन में हमने बोनस को ₹27694.00 किए जाने की अपील की है। फिर भी यदि सरकार अपने ही तरीके से बोनस दे, तो भी इससे दस वर्षों बाद कुछ बेहतर मिलने की संभावना बन सकती है। इसलिए भारत सरकार से हमारी गुजारिश है बोनस के भुगतान के लिए उसे प्रत्येक सेक्टर में तय की गई मिनिमम बेसिक सैलरी को ही गणना का आधार बनाना चाहिए। #ManjeetSinghPatel
अगर गरीब के पास मोटरसाइकिल हो जाए तो राशन कार्ड खत्म करने की बात होती है।
लेकिन करोड़ों की संपत्ति सरकारी गाड़ियां और तमाम सुविधाओं वाले नेताओं की पेंशन और सुविधाएं क्यों जारी रहती हैं? नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए सिर्फ आम जनता के लिए नहीं।
@CMOfficeUP आदरणीय महोदय सादर प्रणाम, महोदय आपको अवगत कराना है कि यूपीपीसीएल में एक नियम लागू है आमेलन 10 -12 साल सेवा देने के बाद भी हम सभी अपने परिवार से दूर है हम इस आशा के साथ आप तक यह मैसेज पहुंचा रहे हैं की आप हम कर्मचारी की समस्या का समाधान अवश्य करेंगे::सादर
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय एवं परिचालकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 500 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये🙏🙏
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 500 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये🙏🙏
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग (UPPCL)मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय एवं परिचालकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 300 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये, हम पर अपनी दया दृष्टि दर्शाने की महती कृपा करें,🙏🙏
@CMOfficeUP@CMOfficeUP@myogiadityanath
महाराज जी, आपके कथन से उम्मीद जगी। मेरा 4 वर्षीय पुत्र गंभीर जानलेवा रोग से पीड़ित है, इलाज सिर्फ BHU वाराणसी में संभव। मैं तकनीशियन EDD संभल (700KM) में तैनात हूँ। कृपया मानवता के आधार पर वाराणसी के पास तैनाती दें। SAP-17702188
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग मे हज़ारो की संख्या मे तकनीशियन और लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 700 से 1000 किमी दूर दूसरे discom में कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये🙏🙏
आमेलन बंद होने से उनके उपर UPPCL का स्थानांतरण नियम लागू नहीं होता है...
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय एवं परिचालकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 500 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये🙏🙏
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग (UPPCL)मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय एवं परिचालकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 300 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये, हम पर अपनी दया दृष्टि दर्शाने की महती कृपा करें,🙏🙏
@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग (UPPCL)मे हज़ारो की संख्या मे लिपिकीय एवं परिचालकीय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 300 से 800 किमी दूर कार्यरत हैं सर। आमेलन खुलवाकर उनको भी परिवार के पास पहुँचा दीजिये, हम पर अपनी दया दृष्टि दर्शाने की महती कृपा करें,🙏🙏
सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी का रिश्ता है। हमारा प्रयास है कि कर्मचारी का जीवन कागजों और कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसका समय अपने कर्तव्यों के साथ-साथ परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी मिले।
—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी
अगर 'अर्थव्यवस्था' तेजी से बढ़ रही है तो अच्छी 'नौकरियां' क्यों नहीं पैदा हो रही हैं ?
निवेश क्यों नहीं आ रहा है ? उद्योगपति निवेश करने में झिझक क्यों रहे हैं ?
- रघुराम राजन, पूर्व गवर्नर, RBI
@saurabhbbdit40@CMOfficeUP 2008 से विद्युत विभाग में हजारों की संख्या में लिपिकिय संवर्ग के कर्मचारी अपने परिवार से 500 से 1000 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं बाबा जी मैं खुद गोरखपुर से हूं और हजार किलोमीटर दूर ड्यूटी कर रहा हूं आपसे निवेदन है की आमेलन को खुलवाकर हमें भी घर पहुंचा दीजिए धन्यवाद।