गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ 2018 के मारपीट मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। गुरुवार की सुनवाई में उनके पेश नहीं होने के बाद यह कार्रवाई हुई।
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के वकील भजनलाल गौतम ने लगातार गैरहाजिरी का हवाला देते हुए वारंट और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट ने NBW जारी करने के साथ संपत्ति कुर्की की कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।
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एक प्रदर्शन बिहार से
बिहार के लाखों BSSC अभ्यर्थियों की ओर से आपसे एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) द्वारा द्वितीय इंटर-स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन 02/23) का विज्ञापन वर्ष 2023 में जारी किया गया था। इतने लंबे समय के बाद भी अभ्यर्थी परीक्षा की स्पष्ट तिथि का इंतजार कर रहे हैं। इस भर्ती में आवेदन प्रक्रिया में कई बार बदलाव/विस्तार हुआ, लेकिन अभ्यर्थियों को अभी तक ऐसी स्पष्ट समय-सारणी नहीं मिली है जिससे उन्हें यह पता चल सके कि परीक्षा आखिर कब होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस भर्ती में लगभग 26 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे और बाद में रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर लगभग 24,492 की गई।
यह केवल इंटर लेवल तक सीमित समस्या नहीं है। BSSC 4th Graduate Level (CGL-4), 10वीं स्तर तथा BSO जैसी भर्तियों को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा की तारीख और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार असमंजस बना हुआ है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि अभ्यर्थियों के पास कोई स्पष्ट और बाध्यकारी परीक्षा कैलेंडर नहीं है। लाखों युवा वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह निश्चित रूप से पता नहीं होता कि परीक्षा कब होगी। इससे उनकी पढ़ाई, उम्र सीमा, आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर सीधा असर पड़ता है।
हमारी कुछ प्रमुख मांगें हैं—
1. BSSC का स्पष्ट एवं बाध्यकारी परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए।
हर भर्ती की संभावित परीक्षा, परिणाम और आगे की प्रक्रिया की समय-सीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को बार-बार अनिश्चितता में न रहना पड़े।
2. 25% संविदा वेटेज की व्यवस्था समाप्त की जाए।
सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं समानता सुनिश्चित हो।
3. परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
परीक्षा के आयोजन से लेकर प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका/OMR, उत्तर-कुंजी, आपत्ति और परिणाम तक प्रत्येक चरण में स्पष्ट व्यवस्था हो।
4. परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से कराने पर विचार किया जाए।
अभ्यर्थियों की एक बड़ी मांग है कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेन-पेपर एवं OMR आधारित परीक्षा कराई जाए। हमारा उद्देश्य किसी माध्यम के खिलाफ होना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया पर अधिक भरोसा हो और प्रश्नपत्र एवं OMR की उपलब्धता के माध्यम से रिकॉर्ड भी स्पष्ट रहे।
5. परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और OMR/उत्तर-पत्र की पारदर्शी व्यवस्था दी जाए।
इससे अभ्यर्थी अपने प्रदर्शन को समझ सकेंगे और किसी भी आपत्ति की स्थिति में प्रक्रिया अधिक पारदर्शी रहेगी।
6. वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की समस्या पर सार्वजनिक चर्चा हो।
बिहार के युवा लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ आवेदन की तारीख नहीं, बल्कि परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया के लिए निश्चित समय-सीमा चाहिए।
रविश कुमार जी, आपसे विनम्र आग्रह है कि BSSC की लंबित भर्तियों और परीक्षा कैलेंडर के मुद्दे को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से उठाएं। लाखों अभ्यर्थियों की आवाज को उचित मंच मिले और संबंधित आयोग/सरकार से यह पूछा जाए कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा और पूरी चयन प्रक्रिया को निश्चित समय में पूरा करने की व्यवस्था क्यों नहीं है।
हम किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं। हमारी मांग केवल इतनी है कि भर्ती समय पर हो, परीक्षा पारदर्शी हो, सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और परीक्षा कैलेंडर स्पष्ट रूप से जारी किया जाए।
धन्यवाद।
They are dividing us in the name of Hindu & Muslim and taking away our voting rights.
We must not let them divide us. We must all come together to save our country and our voting rights!
सारण जिले में अलग-अलग प्रखंड अलग-अलग पंचायत अलग-अलग गांव में मृत्यु भोज जो सदियों से हमारे समाज में यह कुरीतियों चली आ रही है उसको बंद करने की मुहिम तेज हो गई है और कई गांव कई पंचायत कई प्रखंडों में यह पूर्णत बंद है सभी जात समाज के लोग एक मंच पर आकर इसे बंद कर रहे हैं
I sincerely thank @OfficeofUT sir and @RajThackeray sir for extending their support to CJP’s protest in Mumbai on October 2.
All Indians must come together to save our democracy before it’s too late.
२ ऑक्टोबर रोजी मुंबईत होणाऱ्या CJP च्या आंदोलनाला पाठिंबा दिल्याबद्दल @OfficeofUT साहेब आणि @RajThackeray साहेब यांचे मी मनापासून आभार मानतो.
आपली लोकशाही वाचवण्यासाठी सर्व भारतीयांनी एकत्र येणे गरजेचे आहे.
Why is @Meta cracking down on reels demanding the resignation of Gyanesh Kumar?
Hundreds of such videos are reportedly being taken down, and several accounts have also been banned on the request of the BJP Government.
This is violation of free speech, @Meta.
@internetfreedom