मेरे शर्ट के नीचे फटी बनियान हैं आपके स्टूडियो में मै इज्जत ढक के आया हु - नीट टॉपर हर्ष दुबे
हमने परमिशन मांगी इस सरकार ने नहीं दिया
और आतंकियों को परमिशन एयरपोर्ट पर जाके पहुंचाया जाता है
इस देश में 90% बच्चे आत्म हत्या करते है वो सामान्य वर्ग के होते हैं NEET पेपर लीक में जो मरे हैं वो अधिकतर सामान्य वर्ग के है
कोई नहीं बात करना चाहता इसपर
मेरे साथ पढ़ने वाले जिनके बाप हॉस्पिटल हैं बड़ी बड़ी नौकरी थी उनका सिलेक्शन आधे आधे नंबर पर हुआ
आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं राज्य अनुसार भी है इस लेवल तक आरक्षण को सिस्टम में घुसा दिया गया है
560 में यूपी बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं होगा
लेकिन 530-540 में अलग राज्य के बच्चों का सिलेक्शन हो जाएगा
अब बताओ सवर्णों तुम्हारे अंदर शर्म की पानी है कि नहीं कब हम बोलेंगे ?
>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो पाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
एक निर्दोष नागरिक जेल में मर गया, पुलिस ने कहानी गढ़ दी, डॉक्टर ने रिपोर्ट बदल दी। जब ये तीनों मिल जाएं, तो सच की हत्या हो ही जाती है। इस मामले में सिर्फ राजेंद्र प्रसाद ही नहीं मरें, पूरा कानूनी सिस्टम ही मर चुका था।
नाम - अमरेन्द्र बहादुर सिंह
पद - SHO, शिवली थाना कानपुर देहात
किताबों में काम - जनता को भयमुक्त रखना
ज़मीनी हकीकत - भू माफियाओं को भयमुक्त रखना
>> थाने से महज़ 300 मीटर दूर जमीन कब्जा हो जाती है,
पीड़ित गुहार लगाता है, जान का खतरा बताता है और SHO साहब का जवाब आता है - घटनाएं तो होती रहती हैं, जब कुछ हो जाएगा तब मुकदमा लिख लेंगे…
>> मतलब अब पुलिस अपराध रोकने के लिए नहीं , पोस्टमार्टम के बाद कागज़ी कार्रवाई करने के लिए बची है ??
>> क्या शिवली पुलिस किसी की हत्या का इंतजार कर रही है ताकि फिर “कड़ी कार्रवाई” वाला प्रेस नोट जारी किया जा सके ??
@Uppolice@dgpup@adgzonekanpur कानपुर देहात में कानून चल रहा है या भू माफियाओं की फ्रेंचाइजी ??
उत्तरप्रदेश में ज़मीन कब्जा करने का आसान तरीका:
> दो तीन बड़ी स्कॉर्पियो टाइप बड़ी गाड़ियां हों,
> 4-5 लौंडे हमेशा साथ चलते हों
> राजस्व एवं पुलिस की निचली इकाइयों से अच्छा व्यवहार हो
> बजाए SP या DM के , दरोगा और लेखपाल को अपनी तरफ़ रखो उनकी सुबह शाम खातिरदारी करो उनको अपना लॉयल बनाओ
> गरीब , मजबूर , या अपनी ज़मीन से दूर वालों को टारगेट करो क्यूँकि ये लोग लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे
> किसी भी तरह का अवैध कब्जा करने के लिए रात का समय चुनो
> बनी बनाई बाउंड्री और तार वालो को एडवांस देके रखो
> उस ज़मीन के फ़र्ज़ी पेपर बनवा लो या जबरन एक एप्लीकेशन की इसमें मेरा भी हिस्सा है, टाइप का ड्रामा फैलाओ
> चूँकि वहाँ आपने अपनी बाउंडरी यार तार बिछा लिया है तो ज़मीन का असली मालिक सिर्फ़ गुहार लगाएगा।
> गुहार लगाने के क्रम में आप उसी दारोग़ा या लेखपाल के पास सबसे पहले जाएँगे जो आलरेडी आपके आदमी है
> वो सब असली भू स्वामी को नियम क़ानून गाइडलाइंस और ला एंड ऑर्डर का पूरा चूरन चटायेंगे और पेपर बाजी में उलझा देंगे
> उधर प्लॉट पे अगले दिन एक कमरे की दीवार खड़ी हो जाएगी आप बस फ़ोटो खीच के पुलिस और राजस्व को दिखाएँगे वो लोग असली भू स्वामी को फिर कोर्ट से स्टे लेने की बात कहेंगे
> इस प्रक्रिया में कम से कम 15 दिन निकल जाएँगे और आपका आधा निर्माण हो चुका रहेगा
> उधर फ़रियादी dm और sp के पास गुहार लगाएगा तो वो लोग उसी लेखपाल और दरोगा को बोलेंगे और वो लोग तो आपके फ़ेवर में ही रिपोर्ट लगाएँगे
> आप वहाँ डेली उठना बैठना स्टार्ट कर दीजिए
> धीरे से थक हार के आदमी आदमी के पास आएगा की आप चाहते हैं क्या हैं
> फिर क्या 1 करोड़ की उस ज़मीन के 30 लाख दाम लगा दीजिए
> 6 महीने बाद रजिस्ट्री करा लीजिए और फिर दूसरी जगह देखने लगिए
नोट: अपने क्षेत्र के बाकी भू माफियाओं से अच्छा व्यवहार रखिए क्यूँकि एक ही भूमि पे कई लोगों की नज़र होगी तो इसका लाभ असली भू स्वामी को मिल सकता है इसलिए मिल बाट के काम कीजिए।
थैंक मी लेटर
PM आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत आने वाले बेहद किफायती और उत्तर प्रदेश सरकार से स्वीकृत दीया ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन की जानकारी देने के लिए की गई है।
PM आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत आने वाले बेहद किफायती और उत्तर प्रदेश सरकार से स्वीकृत दीया ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन की जानकारी देने के लिए की गई है।
PMAY U.P. govt. Approved Affordable Housing Policy Diya Green City Luxury Township on NH-24
For allotment Registration @21000/-
*Registration Refundable and adjusting.
Offer: Limited time and Limited inventory.
for more details please contact.
"पुलिस विभाग में क्रांति का बिगुल फूंकने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को निपटा दिया गया!! सस्पेंड हो गए.. क्रांति शब्द गरीबों, कमजोरों और छोटों के लिए नहीं.."
क्रांति के लिए संगठन, शक्ति, फंडिंग और जिगर चाहिए होता है..
सुनील कुमार शुक्ला यूपी पुलिस की सबसे छोटी इकाई यानि सिपाही हैं.. उनके पास जिगर तो है लेकिन संगठन नहीं है.. शक्ति तो है लेकिन फंडिंग नहीं है..
जब सुनील ने भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से जुड़े वीडियो बनाए, तभी मैंने लिख दिया था कि, "कर तो दिया लेकिन देखते हैं, कारवाई कब होती है!!"
क्योंकि समस्याएं, अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार तो है ही लेकिन इनकी आवाज उठाने वालों को अनुशासन के नाम पर निपटा दिया जाता है..
वो अनुशासन जो शायद है ही नहीं.. सिर्फ बातों-बयानों तक ही सीमित है..
#Police #UPPolice #Constable #Corruption #Allegations #UttarPradesh #Suspension
ये मिर्जापुर के पंकज मिश्रा हैं जिनकी दिव्यांगता का प्रतिशत 80% है।
@DM_MIRZAPUR जी इनको इनके हिस्से की सारी सुविधाएँ मिलनी चाहिए।
आप देख लीजिए आपको कैसे करना है।
आप नहीं करेंगे तो हम फंड जुटा लेंगे।
जब हमने FSSAI डायरेक्टर स्वीटी बेहरा को एक्पोज किया और हमारे खिलाफ FIR हुई तो हमें देश भर से सपोर्ट मिला ,
आज एक बड़े ट्विटर हैंडल को किसी ट्वीट की वजह से अरेस्ट किया गया है,
ये लोग हमें कभी भी अरेस्ट करवा सकते हैं, लेकिन मैं उनकी जानकारी के लिए बता दूं , हमारे सारे ट्वीट्स शेड्यूल रहते हैं, आप हमें तो रोक सकते हैं लेकिन हमारे जाने के बाद भी कई चीजें एक्पोज होंगी,
हम कोर्ट से पूरी FSSAI के काले कारनामे एक्पोज करेंगे ,हमें अपनी रिसर्च और रिपोर्ट पर पूरा भरोसा है, FSSAI से संबंधित और भी कई एक्पोज हम आगे आने वाले टाइम में करेंगें, कोई भी नहीं बचेगा।