"कहणि सुहेली रहणि दुहेली, कहणि रहणि बिन थोथी।"
कोरा उपदेश देना या ज्ञान की बात करना सरल है, पर उसके अनुरूप आचरण करना या उस ज्ञान को जीवन में उतारना कठिन है, दुर्लभ है।
- (गोरखबानी)
पूर्वाश्रम के जन्मदाता, कैलाशवासी, पूज्य पिताश्री की स्मृति को कोटिशः नमन!
जमात और जमातियों का कैरेक्टर समझना हो तो ये वीडियो देखिए। आपका खून खौल उठेगा। LNJP की नर्स कैमरे पर इंडिया टीवी को बता चुकी कि जमातियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए पर जमात के प्रवक्ता को उसका भी सबूत चाहिए। फ़टे कपड़े मांग रहे। अपनी मां-बहन से मांगेंगे सबूत?