मुसीबत से निपटने के लिए की गई कवायद ही जब मुसीबत बन जाए...तो क्या कीजिएगा...बीमार कब भर्ती हो जब ये बीमा कंपनी बताने लगे तो क्या कीजिएगा...दवा ही जब दर्द बन जाएगा तो क्या कीजिएगा...#health_ insurance_
@careinsuranceIN
बेशर्मी की हद है...डॉक्टर के मुताबिक टायफाइड से मेरी स्थिति ऐसी थी कि मुझे भर्ती होना बेहद जरूरी था, लेकिन केयर इंश्योरेंस के मन में शुरू से चोर था जिसके चलते तमाम दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर भी उसने क्लेम खारिज कर दिया। #fraud#insurance@JPNadda@MoHFW_INDIA
@arunruby08 बात कुछ बुनी हैं
कुछ बनाई जाएंगी
सुनेंगे हम और तुम
कुछ फरियाद करेंगे
कुछ जिद में अपनी बात कहेंगे
उन कुछ में कोई नहीं होगा
रहेंगे तो सिर्फ हम और तुम
हम तुमको कुछ कहेंगे
तुम हमको कुछ कह लेना
अंधेरा और उजाला है
तुम कभी अंधेरा और हम कभी उजाला चुन लेंगे
हम दोनों फर्क समझ लेंगे
क्या वाहियात बात!
न हर शाकाहारी सात्विक होता है और न हर मांसाहारी व मदिराप्रेमी खराब।
खानपान के आधार पर चरित्र प्रमाणपत्र जारी करना विकृत सोच है।
जिसका जो मन करे खाए और जो मन करे पहने।
आप काहे दारोगा बनते हैं।