वायरल: "औरंगजेब रोज़ 200 किलो जनेऊ तौलता , रोज 10000 ब्राह्मणों को मारता था"
तथ्य: कोई मुगल स्रोत नहीं, गणित संभव नहीं।
इतिहास = दस्तावेज़ + स्रोत
मीम =/= इतिहास
और ऐसे दावों की जांच चाहिए? Reply: FACT
#HistoryMatters#FactCheck
@jayvasavada बड़ी पूंजी और सत्ता सोशल मीडिया और AI को भी पोल्यूटेड फैक्ट फीड कर रही है, ताकि हर किसी के दिमाग को नियंत्रित किया जा सके। पहले मीडिया को खरीदा था। अब AI और सोशल मीडिया के जरिए लोगों के दिमाग को सत्ता के मुताबिक सोचने के लिए विवश किया जा रहा है।
@umashankarsingh यदि हमारे ग्रह का पुराना जीव उन महोदय के प्रेम के वशीभूत उनके पृष्ठ भाग स्थित उष्ण आर्द्र द्वार में घुस गया तो @RedHit की नोजल से अंदर स्प्रे करना पड़ेगा।
@Ayesha786Majid वह इतिहास का हिस्सा बनना चाहता था। किसी कॉज़ के लिए कष्ट उठाना भी सम्मानजनक है। ऐसे स्वतः स्फूर्त ऑर्गेनिक आंदोलन भी कोई रोज रोज डेवलप थोड़े ही होते हैं।
@Dr_MonikaSingh_ सत्ता की सपोर्ट की वजह से इनकी भाषा और बॉडी लैंग्वेज में ज़बरदस्त अहंकार आ गया है। ये लोग अप्रासंगिक हो गए हैं। इतिहास इन्हें कूड़ेदान में फेंक देगा।
@AryodaySangh@Republic_Bharat@alok_ajay लोकतंत्र में संख्याबल का महत्व है। जिसकी जनसंख्या ज्यादा है। उसको महत्व दिया गया। यूजीसी वाले अल्पसंख्यकों को दबाया गया है। कम संख्या वाले वर्ग के मुद्दों को भी जगह मिलनी चाहिए।
@priyarajputlive अंग्रेजों की नीति थी। हिंदू, मुस्लिम करो। जनता को आपस में लड़ा दो, मुद्दों से ध्यान भटका दो। भारतीयों को भारतीयों से पिटवाओ। फूट डालो राज करो।
@sanket@Abhinav_Pan भीड़ में छिपे ऐसे असामाजिक तत्वों, गुंडों को बेनकाब करना, उन्हें रिकॉर्ड करके उनकी पोल खोलना बेहद जरूरी काम है। हर व्यक्ति को यह करने की कोशिश करनी चाहिए।
@ABPNews@chitraaum संगठित पूंजी के चैनल्स हैं। आप लोग अपनी नौकरी कर रहे हो। आप अपने लो पेड मीडिया साथियों की भी आवाज बुलंद नहीं कर सकते। जिस दिन आप मालिक के मुताबिक काम नहीं करोगे। बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। फ्री प्रेस महज छलावा है। इगो न दिखाएं।
@NagvanshiS84640 सियावर रामचंद्र की जय। ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव। इस भैंn के लोमडे को सिया के वर (पति) रामचन्द्र जी के बारे में नहीं पता है। लानत है।