आज 30 सितंबर 2023 को भगवान की असीम कृपा, माता पिता के आशीर्वाद और आप सब की दुआओं से एक मध्यम वर्गीय परिवार का जो अहम् सपना होता हैं वो पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है | जो कि 19 वर्ष 4 माह 14 दिन की उम्र (DOB-16 May 2004) में संभव हुआ 🙏
GSSS,BALAU
मुझे गर्व है कि हमारे education department में ऐसी होनहार एंकरिंग जोड़ी है 🙌❣️
एक- दो बार मुझे भी सामने बैठकर इनको सुनने का मौका मिला है,
सच में माइंड ब्लोइंग अध्यापक साथी पूजा जी वर्मा और श्रवण जी चौधरी 🎉🎉
बाड़मेर जिले के अनेक नवनियुक्त शिक्षकों से जुड़ा एक गंभीर विषय संज्ञान में आया है। जानकारी के अनुसार लगभग 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ स्थायीकरण की प्रक्रिया में भेदभाव की स्थिति बनी हुई है।
सितंबर 2025 में प्रोबेशन अवधि पूर्ण होने के बावजूद बाड़मेर में पदस्थापित इन शिक्षकों का स्थायीकरण अब तक लंबित है, जबकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके कारण यहां के शिक्षक 70% वेतन कटौती और मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियों का सामना करने को विवश हैं।
प्रदेश सरकार से आग्रह है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही कर न्याय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, इन शिक्षकों को उनका अधिकार और पूर्ण वेतन शीघ्र प्रदान किया जाए।
@RajCMO@madandilawar
आखिर इंतजार कब तक?
अध्यापक भर्ती 2022 अध्यापकों का प्रोबेशन पूरा हुए 4 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थाईकरण का इंतजार है
राजस्थान के सभी जिलों में स्थाईकरण होने के बावजूद जाँच का हवाला देकर स्थाईकरण रोकना कंहा तक उचित है
#बाड़मेर_अध्यापकों_का_स्थाईकरण_करो@RajCMO
बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों ने जानकारी में लाया है कि करीब 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ भेदभाव हो रहा है।
कांग्रेस सरकार के दौरान निकाली गई 62,000 शिक्षकों की रीट भर्ती परीक्षा से भर्ती बाड़मेर में पदस्थापित शिक्षकों का सितंबर 2025 में प्रोबेशन पूरा होने के बावजूद इन स्थायीकरण पिछले 4 महीनों से अटका हुआ है।
प्रदेश के बाकी जिलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर बाड़मेर के शिक्षक आज भी 70% वेतन कटौती और मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं।
बाड़मेर के इन शिक्षकों को तुरंत उनका हक और पूरा वेतन मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से आग्रह है कि इस विषय में आवश्यक कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें।
@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थायीकरण को आज चार माह पूरे हो चुके हैं, मगर अब तक न तो स्थायीकरण के आदेश जारी हुए हैं और न ही वेतन का नियमितीकरण किया गया है। वेतन के लगभग 70% हिस्से से वांछित शिक्षक वर्ग मानसिक एवं आर्थिक रूप से गंभीर परेशानियों का सामना कर रहा है।
राज्य सरकार एवं शिक्षा मंत्री @madandilawar को इन समस्याओं के समाधान पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। जब पूरा कार्य लिया जा रहा है तो वेतन भी पूरा मिलना चाहिए। अध्यापक ऐसा वर्ग है जो प्रत्येक आर्थिक निर्णय पूरी योजना के साथ करता है, ऐसे में समय पर बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिलने से उनकी समस्त योजनाएं धराशायी हो जाती हैं।