युधिष्ठिर के राज में हर किसान खुश था, ग्वालों का गोधन बढ़ने लगा, हर घर यज्ञ होते थे, चिकित्सा का सुप्रबंध था, अधिक कर की मनाई थी, अधिक ब्याज लेने की मनाही थी, चोर ठगों की नहीं चलती थी, सभी राजा का कहा मानने के लिए उद्दत रहते थे। प्रजा के लिए महाराज युधिष्ठिर पितृ समान थे।
यह तर्क को ऋषि मानने और कहने वालों का देश था,जब तक यहां पर सत्य शास्त्रों का प्रचार-प्रसार था। परन्तु दुर्भाग्यवश यह गुरु घंटालों और लालबुझक्कड़ों की छत्रछाया में मूढ़ मान्यताओं का देश बन गया है।
आर्यों इसे बचाइए !!
संगठन के कारण ही दुनिया को नरक बना देने वाली विचारधारा के विश्व में आज 56 देश है। और संसार भर के आर्यों को एकता सूत्र में बांधने का सामर्थ्य रखने वाला महा संगठन आर्य महासंघ। आप सभी को चक्रवर्ती राज्य तक दिला सकता है। तो आओ अपने स्वार्थों को छोड़ संगठन शक्ति में बंधे और बांधे।
आर्यावर्त्त की भूमि पर भी आर्य, अस्तित्व पहचान के संकट से जूझ रहे हैं। यहां तक कि जिन आर्य वीरों ने स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया उन्हें भी इतिहासकार आर्य नहीं बताते ऋषि दयानंद का नाम तक भुला दिया है। समाधान आर्यों की संख्या में वृद्धि ही है जिसे आर्य महासं�� सुनिश्चित कर रहा है।
श्रेष्ठ विश्व बनता है श्रेष्ठ राष्ट्रों से, श्रेष्ठ राष्ट्रों का निर्माण होता है श्रेष्ठ समाजों से, श्रेष्ठ समाजें बनती है श्रेष्ठ परिवारों से, श्रेष्ठ परिवार बनतें है श्रेष्ठ व्यक्तियों से, श्रेष्ठ व्यक्ति बनते�� है आर्य विद्या से और संसार भर को आर्य विद्या देता है आर्य महासंघ
एक आर्य दूसरे आर्य से कभी विद्वेष, गुटबाजी नहीं करता है। ईश्वरीय कृपा से सभी आर्य मिलकर कृण्वन्तो विश्वमार्यम करते हैं। धर्मार्थ काम मोक्ष को स्वयं प्राप्त करते हैं, जन-जन को करवाते हैं।
#जय_आर्य! #जय_आर्यावर्त्त!
#आर्य_महासंघ_ये_कहे!
#आर्यसमाज_अमर_रहे!
दो दिन का लघु गुरुकुल पूर्ण क��ने बाद क्या…?
इसके बाद आर्य प्रचारक कक्षा
उसके बाद प्रवक्ता कक्षा
उसके बाद आचार्य कक्षा
आर्य महासंघ ने इसकी व्यवस्था पहले से कर रखी है। जो कोई आर्य बन अपनी विद्या बढ़ाना चाहे तो आर्य महासंघ सभी को विद्या देने को तैयार है।
#जय_आर्य
#जय_आर्यावर्त
ऋषि दयानंद ने जिस आर्य निर्माण के कार्य के लिए पूरा जीवन लगाया, उस महान कार्य से उनके स्वच्छंदी उत्तराधिकारियों ने संबंध ही तोड़ लिया ।अंतर्राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा ने हज़ारों साल से विलुप्तप्राय आर्य सभ्यता को न मात्र जीवित किया, संगठित किया अपितु बढ़ा भी रहे हैं ।
#जय_आर्य
वर्त्तमान में हमारे समाज को कुछ लोगों ने एक नारा दिया है -"अनेकता में एकता हिन्दु की विशेषता"।किन्तु क्या कभी विचार किया कि अनेकता होती कब है?जब एकता खण्ड -खण्ड होती है।
अतः अनेकता से एकता कभी सम्भव नहीं है।एकता में ही एकता होती है। #जय_आर्य#जय_आर्यावर्त्त
"आर्य निर्माण" को सार्थकता की ओर बढ़ाना है तो "आर्या निर्माण" (महिलाओं का आर्याकरण)अति आवश्यक है। इसी उद्देश्य से "आर्या गुरुकुल" का निर्माण किया गया है। तीनों पूज्या आचार्या अभिनन्दनीय 🙏 हैं
#जय_आर्य#जय_आर्ये#जय_आर्यावर्त्त
सार्वभौमिक "वेदविद्या" में प्रवेश करने का वर्त्तमान में एक ही द्वार है -"सत्यार्थ प्रकाश"। सर्वाधिक संख्या में सत्यार्थ प्रकाश सनातन धर्मियों के हाथों तक पहुंचाने का पुण्यतम कार्य कौन कर रहा है ?इसका नि:सन्देह उत्तर है-"राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा"।धन्य हैं इसके कार्यकर्त्ता🙏