पद का नाम - पंचायत सहायक (संविदाकर्मी)
(पद 56542)
राज्य - उत्तर प्रदेश
कार्य - ग्राम/तहसील के सभी कार्य
कार्य अवधि - 10 बजे सुबह से 5 बजे तक
मानदेय - ₹6000/माह
इन पदों पर गांव के सबसे मेधावी बच्चों का चयन किया गया है।
#मथुरा पंचायत सहायकों के हित में #DPRO महोदय मथुरा का बड़ा आदेश जारी। 👇
1. 5 तारीख तक मानदेय भुगतान अनिवार्य
2. 1000 रु/माह इंटरनेट रिचार्ज मिलेगा
3. 15000 रु OSR जमा पर मोब��इल फोन
4. स्टेशनरी क्रय का भुगतान
5. शौचालय-पेयजल-सफाई सुनिश्चित हो
#PanchayatSahayak #Mathura
57000 परिवार आज भी इंतजार में हैं
#UPkePanchayatSahayak
ग्राम पंचायतों में एक ग्राम सचिवालय संचालित करने वाले,गांवों को डिजिटल बनाने,योजनाओं को घर-घर पहुंचाने और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने वाले पंचायत सहायक आज मात्र 6000 मानदेय पर कार्य करने को मजबूर हैं
@CMOfficeUP
जिला कार्यकारिणी सीतापुर की टीम ने माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या जी से आज दिनांक 08/06/2026 को मुलाकात कर पंचायत सहायक के #अल्प_मानदेय_6000 को बढ़ाकर सम्मान जनक वेतन दिए जाने के लिए अनुरोध किया गया ��� @kpmaurya1 जी हम 58000 पंचायत सहायक आपके सदैव आभारी रहेंगे ।
नीति आयोग का मॉडल स्वीकार होने के बावजूद पंचायत सहायकों के हितों की लगातार उपेक्षा क्यों की जा रही है?
पंचायत सहायकों की ��ियुक्ति हुए लगभग 4 वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी आज तक मात्र ₹6000 मानदेय पर कार्य कराया जा रहा है।
यह समझ से परे है कि आखिर किस आधार पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मियों को इतना अल्प मानदेय दिया जा रहा है।
प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों को नियमित रूप से मानदेय भी प्राप्त नहीं होता। कहीं दो-दो, तीन-तीन माह बाद तो कहीं छह-छह माह बाद भुगतान किया जाता है।
क्या नीति आयोग के मॉडल में भी ऐस��� ही व्यवस्था का उल्लेख है?
पंचायत सहायकों को ₹5 प्रति परिवार के नाम पर जो कमीशन आधारित व्यवस्था दिखाई जाती है, वह व्यवहारिक नहीं है। एक कागज़ पर दर्ज कमीशन से किसी परिवार का भरण-पोषण नहीं हो सकता। यदि यही व्यवस्था है तो प्रदेश के सभी पंचायत सहायक उस ₹5 कमीशन का त्याग करने को तैयार हैं और उसे ग्राम निधि में दान करने को भी तैयार हैं।
हमारी मांग केवल इतनी है कि पंचायत सहायकों की आर्थिक ��जबूरियों और भावनाओं के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
ग्राम पंचायतों के डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों की रीढ़ बन चुके पंचायत सहायकों को सम्मानजनक वेतनमान, नियमित भुगतान तथा स्थायीकरण का अधिकार मिलना चाहिए।
#पंचायत_सहायक_स्थायीकरण #पंचायत_सहायक_वेतनमान
@uppanchayatiraj @ChiefSecyUP @Manojkmr_singh @DirectorUPPR
@AwasthiAwanishK @oprajbhar
📢 पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 03 जून 2026 को श्रीमान प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से भेंट कर प���चायत सहायकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को प्रमुखता से रखा।
बैठक में सेवा सुरक्षा, मानदेय वृद्धि एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। संगठन पंचायत सहायकों के हितों की रक्षा एवं उनके अधिकारों के लिए निरंतर प्रयासरत है।
#PanchayatSahayak #UPPanchayat #PanchayatiRaj #UttarPradesh #PanchayatSahayakUnion @CMOfficeUP @uppanchayatiraj
#बहराइच महंगाई आसमान पर, मानदेय सिर्फ 6 हजार,कैसे पलेगा परिवार? @CMOfficeUP
मजदूरी दर से भी कम वेतन पर काम करने को मजबूर पंचायत सहायक, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
बिना संसाधन ऑनलाइन काम का दबाव, अल्प मानदेय में कैसे स्मार्ट फोन खरीदे?@DirectorUPPR
जिला कार्यकारिणी सीतापुर की टीम ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव श्री अरविंद राजभर जी से मुलाकात कर पंचायत सहायक का मानदेय बढ़ोत्तरी का मुद्दा उठाया । माननीय जी ने आश्वासन भी दिया कि बहुत जल्द #पंच���यत_सहायक को सम्मान जनक वेतन मिलेगा।
@oprajbhar @grok
जनपद लखनऊ : पंचायत सहायकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार लगातार जारी।
> पहले दिन 1 जून को मात्र 18 % रही उपस्थिति।
> 2 जून को घटकर 12 % दर्ज हुई।
> प्रशासन लगातार दबाव बनाने में जुटा।
> निजी और इंटरनेट से ऑनलाइन उपस्थिति और विभागीय कार्य लेने का है विरोध।
@CMOfficeUP
चीन की राजधानी बीजिंग में बच्चों को ऐसे मुश्किल हालातों से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है,
हम लोग भाग्यशाली हैं कि भारत में ऐसा नहीं होता।
कुछ जाहिल क��मेंट में लिखेंगे कि,
अबे रावण ये मथुरा, उत्तर प्रदेश की फोटो है।