साढ़े तीन लाख लूटने वाले को मिलकर मारते हो साढ़े तीन लाख करोड़ लूटने वाले को माला पहनाते हो।
इतना सन्नाटा क्यों है भाई?
अरे आपका मात्र 3.5 (साढ़े तीन लाख) करोड़ ही तो लूटा गया है।
और फिर लूटने वाला भी तो अपना भाई हिंदू हृदय सम्राट महामानव 56 इंची ही है।
उत्तर प्रदेश के शामली में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करने वाले बिलाल को कुछ दबंगों द्वारा रास्ते में रोककर मामूली कहासुनी के बाद उसे डंडों, रॉड, बेल्ट और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया।
वीडियो में बिलाल रहम की गुहार लगाते हुए कहता सुनाई देता है, “बड़े भाई, मैं मर जाऊंगा... मुझे जाने दो, मैं तुम्हारे पैर पकड़ता हूं।” इसके बावजूद आरोपियों ने उसकी बात नहीं मानी।
वीडियो में आरोपियों को बिलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए भी सुना जा सकता है। आरोप है कि पिटाई के बाद उससे अपने पैर पकड़वाए गए और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ 6.5 करोड़ में निपटा दिया गया. सुभाष चंद्रा भाजपा के समर्थन से सांसद बने थे.
सुभाष चंद्रा की जगह कोई गरीब किसान होता तो 2-4 लाख रूपयों के लिए उसे फाँसी लगानी पड़ जाती.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि "बैंक से कर्ज लेने के बाद न चुकाने की स्थिति में आपका घर, जमीन, गाड़ी नीलाम हो जाता है, मोदी जी के मित्र सुभाष चंद्���ा का 22000 करोड़ का कर्ज मात्र 6.5 करोड़ में खत्म हो गया, कोई शर्म नहीं, उनका कुछ बिगड़ता नहीं."
#PappuYadav #PurniaMP #SubhashChandra
दो मंज़र... दो सोच...
📍 वर्ली, मुंबई — जैन फूड फेस्टिवल में एक मुस्लिम महिला को बुर्का उतारने या स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया और उसकी अनुमति के बिना वीडियो बनाकर उसे परेशान किया गया।
📍 भोपाल — तबलीगी इज्तिमा में हिंदू युवक अजय ने स्टॉल लगाई। उसके मुताबिक, किसी ने उसका नाम, धर्म, जाति या राज्य नहीं पूछा और न ही उसे परेशान किया।
यही फ़र्क़ है—एक जगह पहचान देखी गई, दूसरी जगह इंसानियत। यही इस्लाम की ख़ूबसूरती है। ❤️
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मु��े करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया, मामला असम के लखीमपुर का है। गिरफ्तार युवकों के नाम असराफ़ुल इस्लाम, मंज़ूर रहमान और अब्दुल कासेम हैं। इन मुस्लिम युवकों पर आरोप है कि वे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश कर रहे थे। चलो मान लेते हैं कि ये प्रोटेस्ट कि तैयारी भी कर रहे हों तो अब सवाल ये उठता है कि अगर किसी ने हिंसा नहीं की, कानून नहीं तोड़ा, और सिर्फ़ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की तैयारी की, तो क्या उसे गिरफ्तार कर के जेल भेज देना न्याय है?
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन में मोहम्मद जुनैद ने सभी भारत के लोगो का दिल जीत लिया, मोहम्मद जुनैद ने जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल पर आने वाले युवाओ और छात्रों को मुफ्त में खाना खिलाया ,
लेकिन आज वो बड़ी मुश्किल में है , उनके घरवालों को परेशान किया जा रहा है , मोहम्मद जुनैद ने इंसानियत की भलाई और देश के युवा छात्रों को खाने खिलाने का काम किया है , आज हम सबको मोहम्मद जुनैद के लिये खड़ा होना चाहिए ,
मोहम्मद जुनैद का भी इस जीत में उतना ही योगदान है जितना अभिजीत दीपके , नेहा , आशुतोष , सौरव का है ,
असली हीरो मोहम्मद जुनैद है , जो डराने पर भी डरा नहीं और झुका नहीं ,
सोमवार 20 जुलाई को सीजेपी के "संसद मार्च" के लिए दिल्ली की सड़कों पर हज़ारों युवा नज़र आए. उन्हें रोकने के लिए सड़कें बंद थीं, इंटरनेट पर पाबंदी थी, कई मेट्रो स्टेशन बंद थे, बावजूद इसके वो सभी मुश्किलें पार करते हुए जंतर मंतर पहुंचने में सफल रहे. सवाल ये है कि क्या इन युवाओं ने मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं?
रिपोर्ट: प्रवीण
आवाज़: भरत शर्मा
एडिट: दानिश आलम