उनके कहे में सबसे अधिक शामिल था मैं उनके सुने में सबसे अधिक शामिल था मैं उनके लिखे में सबसे अधिक शामिल था मैं
मेरे कहे, सुने, लिखे में सबसे अधिक बेदख़ल मैं
विश्व आदिवासी दिवस की बधाई 🌿 https://t.co/eZikTZOLmg
पंडवानी की कथा थम गई है. पंडवानी की आत्मा तीजन बाई, दुनिया के रंगमंच से विदा ले चुकी हैं.
छत्तीसगढ़ के अटारी गांव की मिट्टी से उठी एक आदिवासी लड़की, जिसने बरसों न तो बड़े मंच देखे थे, न रोशनी की चकाचौंध लेकिन उसकी आवाज़ ने उन्हें नया मुकाम दिया.
https://t.co/wsz1nrRPCk
विनोद कुमार शुक्ल ने वाणी प्रकाश��� को 2016 में लिखा कि बिना मेरी अनुमति के किताबों के नए संस्करण न निकालें.
2022 में उन्होंने सारे अनुबंध समाप्त कर दिए. रॉयल्टी लेना बंद कर दिया.
लेकिन वाणी से किताबों की छपाई और बिक्री जारी है.
वाणी प्रकाशन को लिखा उनका अंतिम पत्र-
भारत में संस्कृत भाषियों की संख्या 24,821 है. प्राचीन भाषा है तो यह संविधान की आठवीं अनुसूची में है. लेकिन 6 राज्यों के लगभग 30 लाख आदिवासी जिस गोंडी भाषा में बात करते हैं, वह आठवीं अनुसूची में नहीं है.
इस देश में आदिवासी भी हाशिए ��र हैं और उनकी भाषा भी.
https://t.co/jfq2tnDll5
राजनीतिक दल तो जीत-हार की समीक्षा और आत्ममंथन कर लेंगे.
लेकिन मीडिया के साथ-साथ, 14 ओपिनियन पोल और 8 एक्ज़िट पोल करने वाले मित्रों को भी विचार करना चाहिए.
यह उत्तरकाशी के सुरंग में फँसे मज़दूरों की कविता नहीं है. अकेले छत्तीसगढ़ के मज़दूरों की कविता भी नहीं है.
यह मज़दूरी की तलाश में जाने वालों पर लिखी पुरानी कविता है. एक���म नई की तरह.
हिंदी के शीर्ष कवि विनोद कुमार शुक्ल से ही उनकी यह कविता सुनना, सुखद है.
"The (voluntary carbon) market has to perform by societal rules that will drive transformation. We do not want the use of the market to become another instance where we do not do good for the planet and communities." - @sunitanar , DG @CSEINDIA
From our webinar, live now!
विकास की परिभाषा में उपभोग जब सबसे बड़ा मूल्य बना दिया जाए तो पर्यावरण से जुड़े अधिकांश सवाल, हमारी विकास की परिभाषा से मुठभेड़ करते नज़र आते हैं। ऐसे में हसदेव अरण्य या हाथियों की परवाह भला क्यों और किसे होगी?
आज के दैनिक भास्कर में एक विचार.
मेरे मित्र सुनील प्रकाश ने बिलासपुर शहर के पुराने हाईकोर्ट रोड की तस्वीर साझा करते हुए लोगों से अनुरोध किया है कि खाना सड़क पर यूँ ही फेंकने या रखने के बजाय उसे पत्तल पर रख��� करें क्योंकि कभी-कभी उसे मनुष्य भी खाते हैं.
सुनील वैश्विक भूख के सूचकांक के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते.
छत्तीसगढ़ में चुनाव आयोग का कोई माई-बाप नहीं है.
इसी साल मेरा नया ईपिक कार्ड जारी किया गया. फिर उसे रद्द भी कर दिया गया. क्यों? नहीं पता.
मैंने फिर से ऑनलाइन आवेदन किया.
मतदान कें��्र में ऑफ़लाइन फार्म भरने के लिए कहा गया. साथ में घोषणापत्र कि आज तक मेरा नाम कभी नहीं जुड़ा है!
छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव में एक युवा के पोस्टपेड @Paytm से 44,999 उड़ा लिया गया और चंद्रपुर,महाराष्ट्र के @JioMart से ख़रीदी की गई.
युवक को दोपहर में मैसेज मिला तो उसने @Paytmcare को तुरंत सूचना दी, @policerjn साइबर थाने में शिकायत की.
2 सप्ताह बाद भी सन्नाटा है. @vijayshekhar
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पिछले कई दशकों से महानदी के पानी का विवाद जारी है. 1937 में पहली बार महानदी के पानी को लेकर सवाल उठे थे. तब से जाने कितना पानी बह गया लेकिन विवाद सुलझता नज़र नहीं आता.
https://t.co/t3VYyL9DF5
Meet @TrishantDev our #Under2Coalition State Climate Fellow in Chhattisgarh. Trishant is working with the State Green Council to support initiatives in carbon neutrality, renewable energy and sustainable livelihoods: https://t.co/VXt3eSlsl4
VIDEO: With an offering to Pachamama (Mother Earth), the ancestral Inca ceremony for the sun god is staged in Cusco before thousands of tourists for the first time after more than two years of pandemic
VIDEO: Ale, a baby white rhino born on June 9 in Havana, strolls curiously with his mother Katherine through the African grassland at the National Zoo of Cuba