@narendramodi "शिक्षा मंत्री जी, अगर देश में शिक्षा व्यवस्था सही हो रही है, तो आपका बेटा भारत में पढ़ाई क्यों नहीं कर रहा? पहले अपनी बनाई व्यवस्था पर खुद भरोसा जताएं, फिर देश से वादे करें। #EducationMinister#SelfReliantIndia
@narendramodi "शिक्षा मंत्री जी, अगर देश में शिक्षा व्यवस्था सही हो रही है, तो आपका बेटा भारत में पढ़ाई क्यों नहीं कर रहा? पहले अपनी बनाई व्यवस्था पर खुद भरोसा जताएं, फिर देश से वादे करें।
@rajnathsingh@narendramodi छात्रों की समस्याएँ यदि वास्तव में प्राथमिकता थीं, तो उनकी बात पहले क्यों नहीं सुनी गई? 25 दिनों तक संवाद न होने और फिर लाठीचार्ज जैसी घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं। लोकतंत्र में समाधान संवाद, संवेदनशीलता और समय पर कार्रवाई से होना चाहिए।
@dpradhanbjp@RahulGandhi@INCIndia पहले बल प्रयोग और फिर सहानुभूति? बेहतर होता कि प्रशासन शुरुआत में ही बातचीत का रास्ता अपनाकर इस तरह के टकराव और घायलों की नौबत को टाल देता।
@airnewsalerts@iChiragPaswan@narendramodi नीतिगत विवादों और कार्रवाई के बाद घायलों का हालचाल जानना सकारात्मक है, लेकिन प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि ऐसी स्थितियाँ पैदा ही न हों जहाँ आम नागरिकों या प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की नौबत आए।
@airnewsalerts@JPNadda नीतिगत विवादों और कार्रवाई के बाद घायलों का हालचाल जानना सकारात्मक है, लेकिन प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि ऐसी स्थितियाँ पैदा ही न हों जहाँ आम नागरिकों या प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की नौबत आए।
@narendramodi@kharge आदरणीय प्रधानमंत्री जी, देश के युवाओं और छात्रों की ओर से भी सकारात्मक निर्णय एवं अवसरों की अपेक्षा है। परीक्षा पारदर्शिता, रोजगार और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आपकी ओर से ठोस कदम व प्रेरणादायक संदेश की निरंतर प्रतीक्षा रहेगी। #StudentsVoice#YouthPower
@narendramodi जब सरकार हर नियम बना सकती है, तो यह नियम भी बनना चाहिए:
1. काम न करने पर जनता को 5 साल से पहले सरकार हटाने का हक मिले (Right to Recall)।
2. चुनाव के वादे पूरे न करने वाले नेता अगले चुनाव के लिए हमेशा के लिए अयोग्य (Ineligible) घोषित हों!
Aap coment kare
@narendramodi खबर का हर पहलू दिखाना पत्रकारिता का कर्तव्य है। मीडिया में पुलिस कर्मियों के घायल होने की खबर तो प्रमुखता से है, पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लगी चोटों पर खामोशी क्यों? निष्पक्ष रिपोर्टिंग और स्वतंत्र पत्रकारिता आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
#StudentVoice#MediaEthics
@narendramodi खबर का हर पहलू दिखाना पत्रकारिता का कर्तव्य है। मीडिया में पुलिस कर्मियों के घायल होने की खबर तो प्रमुखता से है, पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लगी चोटों पर खामोशी क्यों? निष्पक्ष रिपोर्टिंग और स्वतंत्र पत्रकारिता आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
#StudentVoice#MediaEthics
खबर का हर पहलू दिखाना पत्रकारिता का कर्तव्य है। मीडिया में पुलिस कर्मियों के घायल होने की खबर तो प्रमुखता से है, पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लगी चोटों पर खामोशी क्यों? निष्पक्ष रिपोर्टिंग और स्वतंत्र पत्रकारिता आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
#StudentVoice
@nitin_gadkari जब सरकार हर नियम बना सकती है, तो यह नियम भी बनना चाहिए:
1. काम न करने पर जनता को 5 साल से पहले सरकार हटाने का हक मिले (Right to Recall)।
2. चुनाव के वादे पूरे न करने वाले नेता अगले चुनाव के लिए हमेशा के लिए अयोग्य (Ineligible) घोषित हों!
जब सरकार हर नियम बना सकती है, तो यह नियम भी बनना चाहिए:
1. काम न करने पर जनता को 5 साल से पहले सरकार हटाने का हक मिले (Right to Recall)।
2. चुनाव के वादे पूरे न करने वाले नेता अगले चुनाव के लिए हमेशा के लिए अयोग्य (Ineligible) घोषित हों!
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दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का गंभीर आरोप! वायरल वीडियो में महिला का दावा—"मार के हाथ का मांस निकाल दिया।"
मासूम बच्चियों की चीखें सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाती हैं। मामले की निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई ज़रूरी है।
@DelhiPolice@CPDelhi#DelhiPolice#Justice#DelhiNews
@RJDforIndia दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का गंभीर आरोप! वायरल वीडियो में महिला का दावा—"मार के हाथ का मांस निकाल दिया।"
मासूम बच्चियों की चीखें सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाती हैं। मामले की निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई ज़रूरी है।
@DelhiPolice@CPDelhi#DelhiPolice#Justice#DelhiNews
दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का गंभीर आरोप! वायरल वीडियो में महिला का दावा—"मार के हाथ का मांस निकाल दिया।"
मासूम बच्चियों की चीखें सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाती हैं। मामले की निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई ज़रूरी है।
@DelhiPolice@CPDelhi#DelhiPolice#Justice#DelhiNews
@INCIndia@RahulGandhi छात्र देश का भविष्य हैं, कोई अपराधी नहीं। अपनी जायज़ माँगों के लिए आवाज़ उठा रहे युवाओं पर बल प्रयोग बेहद दुखद है। लोकप्रिय नेतृत्व का असली परीक्षण संवाद से हल निकालने में होता है, लाठियों से आवाज़ दबाने में नहीं।
#StudentsVoice#JusticeForStudents#YouthPower