एक बच्चा चीख चीख के कह रहा है उसने नंबर ज्यादा लाया फिर भी उसे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला रिजर्वेशन के कारण सोचने वाली बात है । सरकार बचाने के लिये घुटने टेक देना रात को इंस्टा लाइव आ जाना । क्या ही कहे इस निकम्मेपन को।
#neetexampaperleak@narendramodi
NEET Aspirant Harsh Dubey was so angry and outraged with the system that he stood up from his chair inside NDTV Studio to speak up and raise questions. Leave everything and watch this video from @ShivAroor’s show India Matters!
Are we living in Noida or in some rural area? This kind of electricity supply is simply unacceptable. A little rain or a bit of wind, and the power goes out. It's really getting beyond frustrating.
@CeoNoida@CMOfficeUP#noida
प्रिय @UPPCLLKO ,
नोएडा के जिस क्षेत्र में रहता हूँ वहाँ हर थोड़ी देर पर होने वाला पावर कट और उससे बिजली के उपकरणों के ख़राब होने के ख़तरे के लिए क्या करना है आप ही बता दीजिए।
सोसाइटी में कुछ लोगों को व्यवस्था ना सुधरने का इतना भरोसा था कि उन्होंने UPS लगवा लिया अपने बिजली के उपकरणों को बचाने के लिए.. मुझे भी यही सुझाव दिया गया। मुझे लगा आपसे एक बार पूछ लूँ कि आज के इस युग में हमें UPS पर शिफ्ट कर जाना चाहिए क्या?
मैं बिजली बिल समय पर भरता हूँ तो ऐसी घटिया सर्विस का हक़दार क्यों हूँ ये भी बता दीजिएगा।
धन्यवाद
@myogiadityanath@myogioffice
आनंद महिंद्रा @anandmahindra आपको शर्म तो नहीं आती होगी लेकिन आपकी गाड़ियां देश की सड़कों पर हत्यारों को जन्म दे रही है। भारत की सड़कों पर पगलाए सिरफिरे युवक आपकी थार चला रहे। यह दुनिया का पहला आपराधिक वाहन है। शर्म करिए। ईश्वर आपको माफ न करेगा।
और अभय @AbhayDeol आप? कितने पैसे मिले इस गाड़ी के विज्ञापन के?आप किसका प्रमोशन कर बैठे आपको एहसास है? कितनों का घर उजाड़ा है इस वाहन ने आपको अंदाजा है?
विज्ञापनों में 'सुरक्षित' एक्सप्रेसवे, हकीकत में गुंडों का अड्डा!
यह है उत्तर प्रदेश के तथाकथित 'हाईटेक और सुरक्षित' एक्सप्रेसवे की जमीनी हकीकत, जिसके विज्ञापनों पर भाजपा सरकार करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी (संख्या: UP65EP9384) में 10 से 15 हथियारबंद और डंडे लिए गुंडे सरेआम तांडव मचा रहे हैं।
ये गुंडे एक्सप्रेसवे पर चल रहे आम परिवारों, बहन-बेटियों की गाड़ियों के आगे जबरन ब्रेक लगाकर भयानक दुर्घटना कराने और उन्हें असंतुलित करने का जानलेवा प्रयास कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब जेवर टोल प्लाजा को ये गुंडे बिना रुके, बिना टैक्स दिए सरेआम तोड़कर भाग निकले! गाड़ी के आगे नंबर प्लेट तक नहीं है।
मुख्यमंत्री जी, कहाँ है आपकी वो 'जीरो टॉलरेंस' नीति? कहाँ हैं आपके वो बड़े-बड़े दावे कि 'यूपी में अब अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं'? तत्काल इन पर बुलेट की रफ्तार से कार्रवाई करे, वरना आपके सुरक्षा के दावे सिर्फ कागजी साबित होंगे।
रात होते ही थाईलैंड बन जाता है नोएडा का गौर चौक..
छलकती शराब के बीच मटन - चिकन की दिल खोल कर दावत...
बिसरख थाने की पुलिस चौकी से सटी बाउंड्री में पूरी रात सुनाई देती हैं शराबियों की गालियां,
जब आबकारी विभाग लेता है खर्राटे तब थार और फॉर्च्यूनर से आए पियक्कड़ों की होती है दावत.
सहम कर गुजरती हैं बहन बेटियां इस इलाके से.. शिकायतों पर चलता है सेटिंग का खेल..
पूरा और विस्फोटक खुलासा कल शुक्रवार रात 9 बजे.. सुदर्शन न्यूज पर.
#Noida #UP @noidapolice@Uppolice@CP_Noida@dgpup
मुझे लगता है कि बुलडोज़र निकलने से पहले कोर्ट का स्टे ऑर्डर आ जाएगा... कहने को हो जाएगा कि अथॉरिटी ने तो कोशिश की थी.. लेकिन जहां VIPs के फ़ार्महाउस हों वहां किसी ने बुलडोज़र चलते देखा है कभी? सालों से सबको पता है कि वहां अवैध निर्माण हो रहा है..किसी ने रोका? खैर.. काश कि मैं गलत साबित हो जाऊं..मुझे बहुत खुशी होगी🤞@CeoNoida@noida_authority
नोएडा सेक्टर 34 में पिछले 6–7 घंटों से बिजली कटौती जारी है। इस भीषण गर्मी में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित अधिकारियों से अनुरोध है कि जल्द से जल्द बिजली बहाल की जाए। #Noida#PowerCut@CeoNoida@ChairmanUppcl
ऋषिकेश से जो ये वीडियो वायरल हो रहे हैं, वो कुछ ज़्यादा ही अजीब लग रहे हैं।
जो टूरिस्ट गलत कर रहे हैं, उन्हें समझाना या रोकना तो सही है, लेकिन जो लोग कोई गलती नहीं कर रहे, उन्हें भी परेशान करना समझ से बाहर है।
#rishikesh#TourismGod
@khuchrep कैसा शिक्षा मंत्री है रे बाबा । जो सुसाइड कर लिए उसे कैसे लौटाओगे चाचा । शर्म कर लो नहीं सम्भल पा रहा कोई मंत्रीपद आपसे जहां जाते उसका बंटाधार कर देते।
₹19,000 crore.
That is what Banks collected in last 3 years just for not maintaining ‘Minimum Account Balance.’
Not from the rich. Not from big borrowers.
From the poorest accounts in the system.
Their crime? They didn’t have enough money.
A farmer misses the minimum balance - Penalty.
A pensioner withdraws money for medicine - Penalty.
A daily wage worker falls short by a few hundred rupees - Penalty.
The poor keep money in banks for safety. Not to be quietly fined for being poor.
Financial inclusion should protect small savings, not punish small balances.
In Parliament today I proposed ending minimum balance penalties so the banking system stops charging people for their poverty.
In Parliament today I proposed optional Joint filing of Income Tax Returns for married couples.
Family A
Both spouses earn ₹10 lakh each.
Total household income is ₹20 lakh.
Tax: zero
Family B
One spouse earns ₹20 lakh. The other stays home to raise their child.
Total household income is ₹20 lakh.
Tax: ₹1.92 lakh
The only difference is how the salary is split between the two spouses.
One roof. One kitchen. One household budget. But when tax time comes, the family disappears.
The tax system sees two individuals. A husband and wife become strangers. No clubbing of income or rebates.
In Parliament today I proposed optional joint filing of Income Tax Returns for married couples, so families with uneven incomes are not unfairly penalised. If implemented, then Family A and Family B both will pay Zero Tax.
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।