बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास जी की माँ संध्या रानी धर का निधन हो गया… उनकी आखिरी इच्छ��� अपने बेटे से एक बार मिलने की थी, वो भी अधूरी रह गई।
लगभग दो साल से जेल में बंद हैं प्रभु। कई केसों में जमानत मिल चुकी है, फिर भी रिहाई नहीं। माँ की मृत्यु के बाद सिर्फ 5 घंटे की पैरोल दी गई… अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए।
एक माँ मर गई, बेटा जेल में रहा। एक हिंदू साधु का अपमान और एक माँ की पीड़ा — यही आज बांग्लादेश की सच्चाई है।
कहाँ है इंसानियत? कहाँ है न्याय?
#Bangladesh #HinduPersecution #ChinmoyKrishnaDas
बांग्लादेश में देख लो क्या हाल है औरतों का,
ये जहां भी बहुसंख्यक हे .
यही हाल करते हैं औरतों का !!!
सुनो वामपंथिनो ये वीडियो अच्छे से देखलो
ज्यादा उड़ो मत।
जब तक मोदी योगी सत्ता में हे तब तक सुरक्षित हो सेक्यूलर सत्ता आई तो ये धरने वाली जगह धरने लायक नहीं छोड़ेंगे ।
@narpat_rat18280 ठाकुर साहब बच कर रहना!!! एक तो नाबालिग दूसरा दलित और तीसरा पढ़ी-लिखी!!! इसका एक आरोप तीन तीन कानून के चार चार प्रावधानों में आजीवन जमानत नहीं होने देगा!!! जय अंग्रेजी कानूनों की पोटली बनाकर संविधान बनाने वाले 32 डिग्री धारक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की
मन करता है जिस उंगली से भाजपा के नरेंद्र मोदी को वोट दिया था उसे काट कर फेंक दूं...
EWS का मतलब ह�� आर्थिक रूप से कमजोर...
मोदी सरकार EWS श्रेणी से 1000 रुपए फीस तथा SCST से जीरो रुपए ले रही है...सरकार ने EWS श्रेणी का मजाक बना दिया है। #SCSTActMisuse
ऐसे कई पुलिस स्टेशनों में PI और PSI स्वयं दलितों के साथ मांडवली करके SC/ST एक्ट में झूठे केस दर्ज करवा रहे है,
आपस में ये लोग sharing डिसाइड कर लेते है
क्युकी केस दर्ज होते ही 30-50% धनराशि तुरंत ही सरकार से मिल जाती है, जिसका आधा हिस्सा PSI/PI ले ज��ता है।
हर शाख़ पर गिद्ध बैठा है।
कभी सोचा नहीं था कि हमें मोदी जी का विरोध करना पड़ेगा… 💔
लेकिन परिस्थितियाँ ही ऐसी बना दी गईं कि आज आवाज़ उठाना मजबूरी लग रहा है।
हम विरोध के लिए नहीं,
समानता और न्याय के लिए बोल रहे हैं। 🇮🇳
#Modi#BJP#Justice#India
एक ही कानून... लेकिन कार्रवाई में इतना फर्क क्यों? 🤔
SC/ST Act से जुड़े हाल के मामलों को ल���कर पत्रकार दीपक चौरसिया ने सीधा सवाल उठाया है।
एक तरफ स्वतंत्र भारद्वाज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज। दूसरी तरफ राहुल गांधी और आशुतोष रांका के मामलों में वैसी बड़ी कार्रवाई नजर नहीं आई।
चौरसिया का सवाल किसी एक व्यक्ति के बचाव का नहीं, बल्कि कानून के समान इस्तेमाल का है।
अगर आरोप और कानून एक जैसे हैं, तो कार्रवाई का पैमाना हैसियत देखकर अलग क्यों दि���ता है?
@ManojSr60583090 अंग्रेजी सरकार में भी तो यही होता था!!! कोई भी अंग्रेज या सरकारी कर्मचारी किसी भी सड़क चलते आदमी को बिना बात पीट देता था और विरोध करने पर पुलिस उलटा पीड़ित भारतीय पर ही अत्याचार करती थी। तब आजादी की बात करना देशद्रोह था अब दलित के साथ लेनदेन करना देशद्रोह हो गया है
@M7576_ आजकल नेतागिरी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि युवाओं को इसमें रोजगार और संपत्ति के साथ भविष्य भी दिखाई देने लगा है। जिस प्रकार अति हर जगह बुरी होती है उसी प्रकार समाजवाद, अंबेडकरवाद आरक्षणवाद और संरक्षणवाद जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है और अब इसका अंत गृह युद्ध और नेताओं के वध से ही होगा
@tarunjatav50 अरे भाई साहब 85% दान दक्षिणा नहीं देते!!! मुफ्त राशन पर पलते हैं!!! अब तो अंबेडकरवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को दखल देने की जरूरत है जिससे WTO से बाहर किया जा सके
कुछ दलित नेता बढ़ चढ़ कर SCST Act का उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं और सरकार और न्यायपालिका चुपचाप देख रही है। अब तो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को दखल देने की सख्त जरूरत है क्योंकि एक विशेष कानून से देश के सामान्य कानून व्यवस्था को नेस्तनाबूद करके गृह युद्ध में नहीं धकेला जा सकता
@cute_parul_ साउथ एशिया की जनता अपना भला करने वाले की ही बेइज्जती करती है और बुरा करने वाले की पूजा!! शाह पहलवी और खोमैनी, गांधी नेहरू अंबेडकर और पटेल सावरकर मोदी!!!
@ArvindPandey_In इससे अधिक अच्छा होता कि देश में साम्यवादी अर्थव्यवस्था लागू करते मोदी जी कम से कम पूरी जनता और घुसपैठियों को भी भरपेट भोजन मिलता और चुनाव में वोट भी, सवर्णो को भी जाति प्रमाण पत्र जारी होता और आरक्षण भी और देश आरक्षणवादी देश घोषित हो जाता और पूरी दुनिया सहायता राशि जारी करती!!!