भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, आदरणीय श्री
@nitin_gadkari जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
प्रभु श्रीराम से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना करता हूँ।
@nitin_gadkari
> ब्रो का नाम राजीव प्रताप रूडी है।
> ब्रो सारण लोकसभा सीट से सांसद है ,
> ब्रो कांस्टीट्यूशन क्लब का भी सचिव है ,
> ब्रो वरिष्ठ भाजपा नेता है और पूर्व में केंद्रीय मंत्री रह चुका है।
> ब्रो ने कोविड के टाइम पर 30 से ज्यादा एम्बुलेंस अपने यहां खड़ी कर रखे थे और पूछने पर बोले ड्राइवर ही नहीं मिल रहे है ,
ब्रो के सांसद निधि वाले एम्बुलेंस में पेसेंट मिले ना मिले लेकिन दारू का स्टॉक पूरा मिला,
ब्रो से विकास कार्यों का पूछोगे तो गुस्सा हो जाएगा ,
ब्रो अब नेता से ज्यादा राजपूत कार्ड खेलने में busy रहता है।
अब खुरपेंची सवाल ब्रो के MPLADS के कामों को लेकर है।
उपलब्ध एक सार्वजनिक ट्रैकर में 2024 के लिए ₹14.70 करोड़ आवंटन के मुकाबले 0% utilisation और 0 completed works दिखाए गए हैं।
नोट - ब्रो, अपने क्षेत्र के विकास का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने कब रखेंगे?
>कितने कामों की सिफारिश की?
>कितने पूरे हुए?
>किन गांवों में सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर काम हुआ?
>और अगर MPLADS के आंकड़ों में कहीं काम कम दिख रहा है तो उसकी वजह क्या है?
अजय राय कांग्रेस छोड़ सकते हैं। सूचना है कि वह उन सभी सियासी समीकरणों को खोज रहे हैं जहां से वह पिंडरा में फिर से वापसी कर सकते हैं। प्रमोद तिवारी गैंग के वापसी के बाद वैसे भी अजय राय के लिए कांग्रेस में अब जगह बची नहीं है। कल के लात घूसे के बाद अजय राय को भी यह एहसास हो गया है कि अब उनके लिए प्रदेश स्तर की राजनीति सम्भव नहीं है, ऐसे में आगे अपने आप को बचाने के लिए घर बचाना आवश्यक है।
ऐसे में उनका सियासी ऊंट किस करवट बैठता है, देखना दिलचस्प होगा....
अनंत सिंह की पटना सेंट्रल मॉल वाली जमीन पर कब्जा किए हुए थे BJP MLC नवल किशोर यादव?
अनंत सिंह ने इनको बहुत मारा-पीटा था, वही दर्द नवल यादव का बार-बार उखड़ता है, पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार का बयान
एक राज्य में:-
केंद्रीय मंत्री VS मुख्यमंत्री की लड़ाई अपने अब तक के सबसे ऊपरी पड़ाव में……..
देखिए आगे-आगे होता है क्या……..राज्य के नाम का अंदाजा लगाएँ।
शिवराज सिंह चौहान का ऐसा गुस्सा पहले कभी आपने देखा है... भावुक भी दिख रहे हैं...
अपनी ही सरकार में हुई कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं...
कहा- मेरे क्षेत्र में अन्याय की इंतहा हुई है... तुम्हारे बच्चे नहीं हैं क्या...?
मेंढक टर्राएँगे, घोंघे गरियाएँगे… यह इनकी मदमत्ता है जो ज़रा सी बरसात में इन्हें मिथ्या आभास देती है कि इनकी आवाज़ ही सर्वोपरि है। इनका शोर क्षणिक उन्माद है जबकि कोयल शांत रहती है और जब कूकती है तो सबको मोह लेती है।
बड़ी खबर-
एक बार फिर बीजेपी बनाम यूपी पुलिस!
ये वाक़या था बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी की माँ के अंतिम संस्कार का।
जगह थी, अयोध्या का घाट।
पुलिस ने इस घाट पर हरीश द्विवेदी की माँ को श्रद्धांजलि देने आए बीजेपी नेताओं की गाड़ियों का चालान काटना शुरू कर दिया।
पुलिस के इस चपेटे में हरीश द्विवेदी के गृह जनपद बस्ती के बीजेपी जिला महामंत्री अमृत वर्मा भी आ गए।
ये वीडियो पुलिस के साथ उनकी नोक-झोंक का ही है।
हरीश द्विवेदी और योगी आदित्यनाथ के रिश्ते जगज़ाहिर हैं।
और यहीं से सवाल खड़ा होता है,
कि आख़िर पुलिस को हरीश द्विवेदी की माँ के अंतिम संस्कार के मौके पर घाट पर खड़ी बीजेपी नेताओं की गाड़ियों के चालान काटने के निर्देश किसने दिए?
ये कोई संयोग था?
या फिर अयोध्या के पिछले दीपोत्सव के सरकारी विज्ञापनों से दोनों डिप्टी सीएम के नाम काट देने सरीखा सोचा समझा प्रयोग?