Big #Breaking !
Mahipal Singh Makrana , Karni Sena chief has given open and formal call to boycott the BJP in upcoming Rajasthan municipal elections &Panchayati Raj elections in protest against UGC Bill!
With slogan “Kamal ka phool, Suvaran ki Bhool”
It’s high time GC Hindus wake up and smell the coffee
BJP is the most anti hindu party , most worrisome part is the hate and contempt they have for general caste Hindus is mind numbing.
IIT दिल्ली में प्रोटेस्ट जारी। कल देर रात का सीन।
बिहार के एक स्टूडेंट के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स गुस्से में हैं और वे एक्शन और रिफार्म की बात कर रहे हैं!
आज सवर्ण समाज जिसकी सरकार नहीं सुन रही मुंडन कराकर प्रतीकात्मक रूप से यूजीसी और आरक्षण की अर्थी निकाल है लेकिन ओ दिन दूर नहीं जब यही समाज पूरी भाजपा की अर्थी निकालेगा।
मित्रो आज हर्ष दुबे ने जिन मांगों का ऐलान किया, अजीत भारती ने उसी में छुपा खेल पकड़ लिया। 😂
निजी कॉलेजों में “निर्धारित प्रतिशत सीटें” आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए तय करने की मांग आखिर क्यों?
आज गरीब बच्चों के नाम पर मांग रखो, कल बोलो आपने ही तो कहा था! 🤡
सामान्य वर्ग के आंदोलन के नाम पर private sector में आरक्षण का दरवाजा खोलने का खेल तो चल रहा?
Harsh Dubey के जरिए आंदोलन को कौन सी दिशा में ले जाया जा रहा है, अब सवाल पूछना है 🔥
सरकार क्यों हमारे साथ खेल रहा है
बाकि आप निचे पूरा वीडियो देखिये सब समझ मे आ जयेगा और शेयर कीजिये 🙏
महामानव जी, बात केवल #UGC की थी, आपने हम सवर्ण बच्चों को जन्म लेते ही अपराधी साबित करने वाला नियम उच्च शिक्षालयों में लागू करवा दिया जिसका हमने विरोध किया किंतु आपके कान पर जूं तक नहीं रेंगी, जनवरी फरवरी में ही आप उस मुद्दे का पटाक्षेप कर सकते थे केवल उस काले कानून को वापस लेकर या पुनर्निरीक्षण की बात कर ।
किंतु आप में जो अहंकार आकंठ तक आ गया है उसके कारण न केवल अपने चुप्पी साधी अपितु अपनी पार्टी के किसी भी छुटभैया नेता तक को न बोलने का आदेश दे दिया ओर आपके मीडिया मैनेजमेंट वालों ने मेन स्ट्रीम मीडिया को भी इसपर खबर न बनाने, चर्चा ना करने की ताकीद दे दी, शायद ये गुमाँ था कि कुछ दिन में ये विरोध शांत हो जाएगा ।
किंतु अब 8 माह बीत चुके हैं, ये विचार प्रबलता से प्रसारित हो रहा है ओर इसके साथ आपको गंभीर स्थिति में डालने वाले आरक्षण ओर SC ST Act भी इस विचार में जिद गए हैं ओर गांव गांव तक बच्चा बच्चा इसपर बात कर रहा है ओर समझ रहा है ।
अब आपके हाथ से रेत की तरह निकल चुका है ओर मुट्ठी में रेत का एक कण तक नहीं है ।
सवर्ण समाज की और से करणी सेना ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव व पंचायतीराज चुनावो में BJP का बहिष्कार किया व हराने का प्रण लिया
- महिपाल सिंह मकराना
#mahipalsinghmakrana#UGCRollBack
कोई बताओ भाई की 70 सालों से अगर ब्राम्हणो ने पानी पीने को नही दिया,तो वो पीते क्या थे🤔
और वो आज तक जिन्दा कैसे है🤔
कुर्ता धोती पहनने वाले ब्राम्हण ठाकुर,बाबा साहेब को उस सनी कोट ताई पहनाया और क्या ही देगा😡
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
बंधुओ एक बच्चे की आवाज़ को सुनिए और उसका समर्थन कीजिए। 🙏
अगर आपको लगता है कि बच्चों और आम नागरिकों के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठनी चाहिए, तो इस बच्चे के समर्थन में आगे आइए।
उसकी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाइए और Id को Follow
रीपोस्ट करके अपना समर्थन दिखाइए।
आवाज़ दबाने की नहीं, सुनने की जरूरत है। ✊
#Support
#Justice
#ChildVoice #FollowForSupport
#News
#SocialJustice
#ViralPost
#RHAREFROMANDOLAN
जातिवादी मोदी सुनले तु वापस 2029 में सवर्ण समाज को अपना चेहरा नही बताएगा
झोला उठाले समय पर निकल पड़ 😡
सवर्ण मर रहा है, और तु राम मंदिर लूटा रहा है, और सवर्णो को मार रहा है
सवर्ण युवक ने अपना मुंडन कराया, फिर SC-ST एक्ट, आरक्षण और UGC कानून की अर्थी निकाली!
मुरैना के कैलारस में सवर्ण समाज का अनोखा प्रदर्शन, मांगों को लेकर सड़क पर उतरा समाज।
कल आगरा में UGC के विरोध में विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
जंतर मंतर से निकला आक्रोश अब देश के कोने कोने में दिखेगा।
में स्वयं जल्द अन्य जगह भी पहुंचने का प्रयास करूंगा।
#UGC_Rollback#ReservationReform
आदरणीयबंधुओ फैला दो पूरे देश में, #UGCRollback आंदोलन में—‘मर जाएँगे, अब वापस नहीं आएगे, UGC वापस लो’, सरकार सुनो, ज्यादा से ज्यादा लोग समर्थन करें और जंतर-मंतर पहुँचें!”
UGC से जुड़े प्रस्तावों और नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के बीच चर्चा और असहमति देखने को मिल रही है।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार और संबंधित संस्थाओं को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय में विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रभावित वर्गों की बात सुनी जानी चाहिए।
#UGCRollback आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना बताया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी आवाज सरकार और संबंधित अधिकारियों तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुँचाना चाहते हैं।
उनका आग्रह है कि इस विषय पर खुली चर्चा हो और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।
“अब वापस नहीं जाऊँगा” जैसे नारे आंदोलनकारियों के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं।
हालांकि किसी भी आंदोलन में अपनी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
“मर जाएँगे” जैसे भावनात्मक शब्दों को वास्तविक नुकसान या आत्महानि की ओर नहीं ले जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक विरोध का सबसे मजबूत तरीका शांतिपूर्ण, संवैधानिक और जिम्मेदार तरीके से अपनी बात रखना है।
जंतर-मंतर जैसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पहुँचने वाले लोगों को प्रशासन के नियमों, कानून और सार्वजनिक व्यवस्था का पालन करना चाहिए।
किसी भी प्रकार की हिंसा,तोड़फोड़ या किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार आंदोलन की मूल भावना को कमजोर कर सकता है।
अपनी मांगों को तथ्यों, दस्तावेजों और शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से सामने रखना अधिक प्रभावी तरीका है।
UGC से जुड़े किसी भी निर्णय पर अंतिम राय बनाने से पहले आधिकारिक अधिसूचनाओं और विश्वसनीय जानकारी को देखना भी जरूरी है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों को चाहिए कि वे नियमों को समझें, अपनी समस्याओं को लिखित रूप में रखें और उचित माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएँ।
आंदोलन का उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि अपनी बात को स्पष्ट, जिम्मेदार और लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना होना चाहिए।
UGC से जुड़े मुद्दों पर संवाद,पारदर्शिता और सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है।
जो लोग इस विषय पर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं, वे शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखें तथा दूसरों की सुरक्षा और अधिकारों का भी सम्मान करें।
#UGCRollback
#RHAREFROMANDOLAN
UGC के विरोध में लखनऊ में 11 BJP पदाधिकारियों ने एक साथ पदों से दिया इस्तीफा, मऊ में 20 BJP कार्यकर्ताओं ने दिया इस्तीफा। एक शेयर करें, कसम है सवर्ण को—#UGCRollback ✊
UGC के मुद्दे को लेकर देशभर में बहस और विरोध लगातार तेज होने की बात सामने आ रही है।
लखनऊ में 11 BJP पदाधिकारियों द्वारा अपने पदों से इस्तीफा देने और मऊ में 20 BJP कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।
इन घटनाओं को लेकर समर्थकों का कहना है कि अब उनकी आवाज को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
UGC से जुड़े नियमों और नीतियों को लेकर अलग-अलग वर्गों की अपनी-अपनी चिंताएं और मांगें हैं।
इसी बीच #UGCRollback की मांग को लेकर सोशल मीडिया से लेकर धरना-प्रदर्शन तक आवाज उठाने वाले लोग लगातार अपनी बात सामने रख रहे हैं।
समर्थकों का कहना है कि किसी भी नीति पर अंतिम निर्णय लेते समय सभी वर्गों की चिंताओं, समान अवसर और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
लखनऊ और मऊ में बताए जा रहे इस्तीफों को आंदोलन से जुड़े लोग अपने समर्थन के रूप में देख रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि किसी नीति को लेकर समाज के एक बड़े हिस्से में असहमति है, तो सरकार और संबंधित संस्थाओं को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
लोकतंत्र में अपनी मांग शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखना हर नागरिक का अधिकार है।
सवर्ण समाज के लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे अपनी बात तथ्यों और संवैधानिक मर्यादा के साथ रखें।
किसी भी आंदोलन की ताकत केवल भीड़ में नहीं, बल्कि उसकी शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और तथ्यपूर्ण आवाज में होती है।
इसलिए अपनी मांग को मजबूती से उठाते हुए कानून-व्यवस्था और दूसरे नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करना भी जरूरी है।
अगर आप #UGCRollback की मांग का समर्थन करते हैं, तो अपनी राय शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
एक शेयर आपकी आवाज को आगे बढ़ाने का माध्यम बन सकता है। ✊
#UGCRollback की मांग को लेकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से उठाइए।
अपनी आवाज बुलंद कीजिए—लेकिन शांति, संविधान और कानून के दायरे में। #RHAREFROMANDOLAN