#जनगणना के बदले #प्रतिकर#अवकाश मिले :
चाहे नौतपा हो, लू चल रही हो, हीट वेव का प्रकोप हो या तपती दोपहर की आग बरसाती धूप…
अब शिक्षक जनगणना के कार्य में निकल चुके हैं।
कंधे पर जिम्मेदारी, हाथ में फॉर्म, च��हरे पर धूप की तपिश और मन में सिर्फ एक भावना “सरकारी दायित्व पूरी ईमानदारी से निभाना है।”
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच एक विनम्र प्रश्न भी है…
क्या इस मेहनत, त्याग और कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे कार्य के बदले शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश (Compensatory Leave) नहीं मिलना चाहिए?
गर्मी की छुट्टियाँ सामान्यतः शिक्षकों के लिए अपने परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक विश्राम का समय होती हैं।
पूरे वर्ष विद्यालय संचालन, पढ़ाई, परीक्षा, पोर्टल कार्य, विभागीय आदेश, प्रशिक्षण और अन्य जिम्मेदारियों के बीच यही कुछ दिन होते हैं जब शिक्षक अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिता पाते हैं।
लेकिन इस बार हजारों शिक्षक तपती गर्मी में गाँव-गाँव जाकर जनगणना का दायित्व निभा रहे हैं।
जो लोग बाहर से इस कार्य को आसान समझते हैं, शायद उन्हें जमीनी सच्चाई नहीं पता ,कई बार दोपहर की तेज धूप में किलोमीटरों पैदल चलना पड़ता है।
कहीं रास्ते कच्चे हैं, कहीं गलियाँ इतनी संकरी कि वाहन तक नहीं जा सकता।
कहीं घरों पर ताले मिलते हैं तो बार-बार उसी जगह वापस जाना पड़ता है।
कई लोग जानकारी देने में सहयोग नहीं करते, कुछ लोग शक की नजर से देखते हैं, तो कहीं घंटों इंतजार करना पड़ता है कि परिवार का कोई सदस्य घर लौटे तब जानकारी मिले।
गाँवों में कई जगह पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं होती। मोबाइल नेटवर्क की समस्या अलग।
ऊपर से गर्मी इतनी कि सिर दर्द, चक्कर, डिहाइड्रेशन और थकान आम बात हो चुकी है।
फिर भी शिक्षक बिना शिक���यत अपना दायित्व निभा रहा है।
एक शिक्षक अपने घर का आराम छोड़कर दूसरों के घर-परिवार की जानकारी जुटा रहा है ताकि देश की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक जनगणना सही तरीके से पूरी हो सके।
यह सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है।
लेकिन मानवीय संवेदनाएँ भी उतनी ही आवश्यक हैं।
जब कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में अतिरिक्त दायित्व निभाते हैं तो उनके लिए प्र���िकर अवकाश जैसी व्यवस्था केवल सुविधा नहीं बल्कि सम्मान का प्रतीक होती है।
यह संदेश देती है कि शासन अपने कर्मचारियों की मेहनत और स्वास्थ्य दोनों को समझता है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी सदैव शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील रहे हैं।
हम पूर्ण विश्वास के साथ उनसे विनम्र आग्रह करते हैं कि जनगणना जैसे कठिन कार्य को भी शिक्षक पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे, लेकिन इसके बदले शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश प्रदान करने पर अवश्य विचार किया जाए।
क्योंकि श��क्षक सिर्फ ड्यूटी नहीं कर रहा…
वह धूप, थकान, परेशानी और अपने निजी समय का त्याग करके राष्ट्र का दायित्व निभा रहा है।
और उसके इस समर्पण का सम्मान होना ही चाहिए।
सहमत हों तो शेयर करें 🙏🙏
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जब दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश (MP) जैसे राज्यों में शिक्षकों को उनके काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) दिया जा सकता है, तो फिर उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के साथ यह भेदभाव क्यों?माननीय योगी ज��, कृपया इस विसंगति को दूर करें और हमें हमारा हक दें।
@CMOfficeUP
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी, नौतपा ��ी इस भयानक लू में भी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस निस्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश'की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
@myogiadityanath @CMOfficeUP
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी, नौतपा की इस भयानक लू में भी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस निस्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश'की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी, नौतपा की इस भयानक लू में भी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस निस्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश' की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
@myogiadityanath@CMOfficeUP
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
एक तरफ भीषण गर्मी का प्रकोप है और दूसरी तरफ ग्रीष्मावकाश में भी शिक्षकों की अनवरत ड्यूटियां लगाई जा रही हैं। जब हमारे आराम के दिन ही छीन लिए गए हैं, तो उसके बदले EL क्यों नहीं? मुख्यमंत्री जी, इस नीति पर पुनर्विचार कीजिए।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पाना हमारा अधिकार है। उत्तर ��्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस जायज मांग को तुरंत पूरा करे।
@CMOfficeUP @sandeepbjpUP
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बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पाना हमारा अधिकार है। उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस जायज मांग को तुरंत पूरा क��े।
@CMOfficeUP @sandeepbjpUP
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बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पान�� हमारा अधिकार है। उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस जायज मांग को तुरंत पूरा करे।
@CMOfficeUP @sandeepbjpUP
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बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पाना हमारा अधिकार है। उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस ज���यज मांग को तुरंत पूरा करे।
@CMOfficeUP @sandeepbjpUP
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बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पाना हमारा अधिकार है। उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस जायज मांग को तुरंत पूरा करे।
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#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षक सदैव राष्ट्र निर्माण में अग्रणी रहा है। हमारी न्यायसंगत मांग है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में की जा रही इस विशेष सेवा के बदले हमें नियमानुसार अर्जित अवकाश दिया जाए।
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो@myogiadityanath@UPGovt
बिना किसी आराम और अवकाश के लगातार काम करने से शिक्षकों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है। ग्रीष्मावकाश में काम के बदले अर्जित अवकाश (EL) पाना हमारा अधिकार है। उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि शिक्षकों की इस जायज मांग को तुरंत पूरा करे।
@CMOfficeUP@sandeepbjpUP
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