माननीय मंत्री @oprajbhar जी,
प्रेस कॉन्फ्रेंस के वादों के बाद भी पंचायत सहायकों की बहाली अधूरी क्यों है?
संविदा समाप्ति और शोषण बंद कर स्पष्ट सेवा सुरक्षा नीति बनाएं और तुरंत न्यायपूर्ण कार्रवाई करें।@CMOfficeUP@uppanchayatiraj@DirectorUPPR
शौचालय और सचिवालय के कार्यों की तुलना करके दोनों का मानदेय एक समान रखना सरकार की दोषपूर्ण नीति को दर्शाता है
29 विभागों का कार्य संभालने वाले पंचायत सहायकों को एक शौचालय केयरटेकर के बराबर वेतन देना अन्यायपूर्ण है
सरकार की यह भेदभावपूर्ण रणनीति उनकी मेहनत का सरेआम अपमान करती है
श्रीहरि प्रताप शाही जी को निदेशक, पंचायती राज एवं श्री अमित कुमार सिंह जी को प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 💐
श्री अमित कुमार सिंह जी का पंचायत सहायकों के हित में किए गए सकारात्मक कार्यों एवं महत्वपूर्ण आदेशों के लिए आभार एवं प्रशंसा🙏🏻❤️
हम सभी किसी के सम्मान के विरुद्ध नहीं हैं।
हम सिर्फ यह पूछ रहे हैं—
क्या PanchayatSahayak के 5 वर्षों के अनुभव, योग्यता और बढ़ती जिम्मेदारियों का मूल्यांकन अलग से नहीं होना चाहिए?
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
₹9,000 में एक युवा अपने घर का किराया, यात्रा, परिवार और रोजमर्रा की जरूरतें संभाले या भविष्य बनाए?
माननीय मुख्यमंत्री जी, PanchayatSahayak को न्यूनतम ₹18,000 की आवश्यकता पर गंभीर विचार हो।
@myogiadityanath@RahulGandhi#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
माननीय मुख्यमंत्री जी,
₹9,000 का आंकड़ा देखकर सवाल उठता है—क्या ग्राम सचिवालय और सामुदायिक शौचालय से जुड़ी जिम्मेदारियों का मूल्यांकन समान आधार पर हो रहा है?
PanchayatSahayak के कार्यभार का स्वतंत्र मूल्यांकन होना चाहिए।
@myogiadityanath@SanjayAzadSln#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
₹9,000 देखकर PanchayatSahayak के मन में सवाल उठता है—
गाँव की डिजिटल व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी बड़ी है, तो उसका आर्थिक मूल्यांकन इतना छोटा क्यों?
माननीय मुख्यमंत्री जी, इस आवाज़ को सुनिए।
@myogiadityanath@dimpleyadav#सचिवालय_शौचालय_एक_समान