माननीय मुख्यमंत्री जी,
₹9,000 का आंकड़ा देखकर सवाल उठता है—क्या ग्राम सचिवालय और सामुदायिक शौचालय से जुड़ी जिम्मेदारियों का मूल्यांकन समान आधार पर हो रहा है?
PanchayatSahayak के कार्यभार का स मूल्यांकन होना चाहिए।
@myogiadityanath@SanjayAzadSln#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
पंचायत सहायकों का संवर्ग बनाइये स्थाई करके राज्यकर्मी का दर्जा दीजिए।
@UPGovt@CMOfficeUP
ग्राम सचिवालय नीति आयोग का मॉडल है और पंचायत सहायक उसका एकल संचालक
संविदा में रखकर स्थाई नीति का संचालन नहीं हो सकता।
वरना हमारे गांव के वृद्धजन खुद बता रहे है 57 हजार पंचायत सहायकों की महत्वता
सुन लीजिए @oprajbhar
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ₹30000 क्या जाना चाहिए और राज्य कर्मी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए क्योंकि पंचायत से है कि सरकारी योजना को ग्रामीण स्तर पर उतरते हैं
माननीय मंत्री जी,
पंचायत सहायक कोई बंधुआ मजदूर नहीं हैं।
सुबह से शाम तक कंप्यूटर ऑपरेटर,
डाटा एंट्री और जनता की समस्याओं का निपटारा करने वाले पढ़े-लिखे युवाओं को एक दिहाड़ी मजदूर से भी कम मानदेय दिया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों का असली कायाकल्प तभी संभव है
जब जमीनी स्तर पर काम करने वाला रीढ़ की हड्डी जैसा कर्मचारी आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो।
₹9,000 का यह झुनझुना बंद कर हमारा मानदेय सम्मानजनक (न्यूनतम वेतन/सचिव के समान) किया जाए।
#PanchayatSahayakMandeyVriddhi @uppanchayatiraj@oprajbhar@CMOfficeUP@myogioffice
पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ₹30000 क्या जाना चाहिए और राज्य कर्मी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए क्योंकि पंचायत से है कि सरकारी योजना को ग्रामीण स्तर पर उतरते हैं
पंचायत सहायकों का भी अपना परिवार है सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए उनका मानदेय बढ़ाकर 30000रु किया जान चाहिए और उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाना चाहिए पंचायत सहायक ही सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतरते हैं और पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचाते हैं
पंचायत सहायकों का भी अपना परिवार है सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए उनका मानदेय बढ़ाकर 30000रु किया जान चाहिए और उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाना चाहिए पंचायत सहायक ही सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतरते हैं और पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचाते हैं
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में आज लखनऊ के ईको गार्डन में पंचायत सहायकों के समर्थन में हुंकार भरी गयी 👇🏻
ये पंचायत सहायक किसी एक जाति या वर्ग विशेष के नहीं हैं बल्कि हर वर्ग समुदाय के हैं और भारी बारिश, गर्मी के बीच अपनी कुछ मांगों को लेकर बैठे हुए हैं
पंचायत सहायक की मेहनत सस्ती नहीं है।
जिम्मेदारियां बड़ी हैं, मानदेय सिर्फ ₹6,000।
अब सरकार को हमारी मेहनत की सही कीमत तय करनी होगी। ✊
#पंचायत_सहायक_संघर्ष